लखनऊ वापसी के क्रम में आज फिर स्वर्गीय अखिलेश तिवारी के घर गया,
पूरा अपडेट ये है कि,
जिला प्रशासन ने सरकारी योजनाओं का लाभ
विधवा पेंशन, दो नाबालिग बच्चों की हर महीने आर्थिक मदद, PM आवास योजना
देने का आश्वासन दिया है,
बच्चों की स्कूल फीस माफ होगी,
इसके साथ ही क्राउड फंडिंग के जरिए तीन लाख के आसपास मदद हुई है,
जो कि अभी भी जारी है,
QR अभी भी कॉमेंट बॉक्स में है,
इस पूरी मुहिम में घोसी के लोकप्रिय सांसद @RajeevRai जी और देवरिया के लोकप्रिय विधायक @shalabhmani जी का बड़ा योगदान रहा,
सोचने वाली बात है की अगर कोई कर्मचारी लेवल 1 में जनवरी 2016 में सेवा में आया होगा जिसकी बेसिक सैलरी 18000 रुपए रही होगी तो दिसंबर 2025 यानी ठीक 10 साल में उसके पास ग्रॉस सैलेरी लगभग ₹37000 बनती है जिसमें से एनपीएस डिडक्शन और मेडिकल डिडक्शन हटा दिए जाएं तो महज ₹33000 बचती है जो इन हैंड आती है। #TA और #HRA पहले से ही इनको पर्याप्त नहीं मिल पाता है। दिल्ली जैसे शहरों में दो कमरों के फ्लैट हेतु कम से कम ₹12000 से ₹15000 किराया चाहिए जबकि मिलता है ₹5400 से ₹7000 तक। #TA का हाल और भी बुरा है। आज के समय में घर से ऑफिस और ऑफिस से घर तक जाने में ही कम से कम 1 महीने का खर्च ₹8000 है जबकि लेवल एक से लेवल 5 तक के कर्मचारियों को जो ट्रांसपोर्ट अलाउंस मिलता है वह 1800+DA है। देखा जाए तो 10 वर्षों में सैलरी दोगुनी भी नहीं हो पाती। यह सेविंग अकाउंट के वार्षिक वृद्धि के आसपास ठहरती है जबकि कॉरपोरेट सेक्टर में 10 वर्षों में वृद्धि का अंतर सरकारी सेक्टर की तुलना में कई गुना अधिक है। इसलिए सैलरी के पुनरीक्षण के लिए प्रत्येक 5 वर्ष में वेतन आयोग का प्रावधान होना चाहिए जैसे बैंकिंग सेक्टर में होता है। ताकि सैलरीज को आधुनिक आवश्यकताओं के हिसाब से समय पर रिवाइज किया जा सके।
#ManjeetSinghPatel
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Legend Effect,
*स्कूल फीस पर मनमानी पर होगी कार्यवाही:डीएम विशाख जी की अध्यक्षता में बैठक, तहसील स्तर पर कमेटी करेगी निगरानी*
लखनऊ में निजी स्कूलों की फीस को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की अहम बैठक हुई। बैठक में फीस वृद्धि, शिकायतों के निस्तारण और नियमों के पालन पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन ने साफ किया कि अब स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। अभिभावकों को राहत देने के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। फीस, यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
शुल्क वृद्धि पर कड़ी निगरानी के निर्देश
बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी विद्यालय द्वारा प्रस्तावित शुल्क वृद्धि की गहन जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शुल्क वृद्धि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
शिकायतों के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) ज्योति गौतम और जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। अभिभावक स्कूल फीस या अन्य शैक्षणिक शिकायतों के लिए सीधे इन अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे।
तहसील स्तर पर जांच के लिए संयुक्त टीम गठित
जनपद स्तर पर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपजिलाधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की संयुक्त टीम बनाई गई है। इन टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में प्राप्त शिकायतों की जांच कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर शुल्क का पूरा विवरण अनिवार्य
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालय अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर फीस का पूरा विवरण प्रदर्शित करें। इसके साथ ही प्रत्येक शुल्क की रसीद देना अनिवार्य होगा और निर्धारित फीस से अधिक कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
कैपिटेशन फीस और जबरन खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में साफ किया गया कि किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। विद्यालय छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताब, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। ऐसा पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यूनिफॉर्म में 5 साल तक बदलाव नहीं, NCERT किताबें अनिवार्य
निर्देश दिए गए कि किसी भी विद्यालय में लगातार पाँच शैक्षणिक वर्षों तक यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं किया जाएगा। जहां NCERT पाठ्यक्रम लागू है, वहां केवल NCERT की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यालय नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में विद्यालय की मान्यता या NOC भी समाप्त की जा सकती है।
अभिभावकों को शिकायत का पूरा अधिकार
छात्र, अभिभावक या अभिभावक-शिक्षक संघ के सदस्य फीस वृद्धि, किताबों या अन्य खरीद से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है, जिसकी जीवंत मिसाल महात्मा ज्योतिबा फुले जी और महिला शिक्षा की जनक सावित्रीबाई फुले जी हैं।
उनके अतुलनीय योगदान को सम्मान देते हुए, शिक्षा के प्रसार हेतु दोनों महान विभूतियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
आज लोकसभा में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज़ उठाई।
कई स्कूलों द्वारा किताबों और ड्रेस के लिए एक ही दुकानदार तय कर अभिभावकों को महंगी खरीदारी के लिए मजबूर करना गलत है।
इस समस्या के समाधान के लिए शिकायत दर्ज करने हेतु एक समर्पित पोर्टल की मांग की।
पिछले साल मैंने बच्चों के लिए 18 हजार की पुस्तकें खरीदा था अब इस वर्ष देखते हैं कितना खर्च होगा।स्कूलों द्वारा अभिभावकों के जेब में डकैती डाला जाता है।
इस मुद्दे पर सबको अनिल यादव के साथ खड़ा होना चाहिए जनता के हित से जुड़ा प्रश्न है।
City Montessori school Lucknow
की कक्षा 5 की सिर्फ सात किताबें लाया हूं,
दाम है 4439 रूपये,
अभी कई किताबें, कॉपी और कलम, पेन्सिल समेत कई दूसरी चीजें बाक़ी हैँ,
कहने का मतलब ये है कि सरकारों ने हमारा एजुकेशन, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर सब बर्बाद कर दिया है,
और मूर्ख जनता राजनीतिक दलों के साजिश और उनकी गैर जरूरी मुद्दों में उलझकर आपस में लड़ रही है,
नेताओं के बच्चे विलायत में पढ़ रहे हैँ,
और तुम्हारे बच्चों को अनपढ़ बनाने की तैयारी है,
अलीगढ़ में सरकारी स्कूल की बच्चियों ने थर्माकोल की मदद से flying F22 Raptor Jet बनाया है। इसमें 6 हजार रुपए खर्च हुए हैं। ये टीचर आशीष कुमार ने किए हैं।
इसमें रेडियो ट्रांसमीटर लगा है। जो 1 से 1.5 किमी की ऊंचाई तक उड़ सकता है।
कमाल है बच्चियों...❤️
सीतापुर के मेरे साथी श्रीकांत का भाई रमाकांत कानपुर से आ रहा था। लखनऊ के आलमबाग में कहीं अभी साढ़े 8 बजे फंस गया। वहां से फोन करके सहमी आवाज में 15 हजार रुपए मांग रहा। ऐसा लगता है कि कहीं फंसा है। वहां से वह किसी तरह अपनी लोकेशन भेजा है। हमने डॉयल 112 पर सूचना दी है। अब उसका नंबर भी स्विच ऑफ आ रहा।
@Uppolice@lkopolice से गुजारिश है कि कृपया लड़के का जल्दी से पता लगाए।