लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है। सफ़र लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूँगा।
जय हिंद। जय संविधान। 🇮🇳
विस्तार में पढ़ें: https://t.co/vyj9WhFIhO
राहुल गांधी जी पर फिल्म आ रही है।🔥⚡️✊
RT रुकनी नहीं चाहिए साथियों ताकि राहुल गांधी पर आधारित यह मूवी तहलका मचा दे...🙌🏻
देखता हूं राहुल गांधी को कितने लोग पसंद करते हैं।
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
“मुझे लगा कि मेरा एनकाउंटर कर देंगे।”
सिस्टम की क़ैद में दहाड़ते अमिताभ।
अमिताभ ठाकुर के साथ युवा वकीलों की फ़ौज।
उन्हें खींचने वाली पुलिस के हाथ अब थम गए हैं।
वे डंके की चोट पर मीडिया से अपनी बातें कह रहे हैं।
अमिताभ ठाकुर जब भी बाहर आएंगे, समय नायक की तरह उनका स्वागत करेगा।
ये सिस्टम और प्रकृति के बीच की लड़ाई है।
सिस्टम खिलाफ है पर प्रकृति साथ है।
मनुष्य किसी भी संघर्ष में जब प्रकृति के साथ होता है, उसे कठिनाइयाँ कितनी भी आएँ, विजय उसी की होती है।
यही शाश्वत सत्य है जो अपरिवर्तनीय है, अमिट है, अविचल है, अभेद्य है।
संसद में गृह मंत्री का वोट चोरी पर जवाब घबराया हुआ, defensive जवाब है।
- डिजिटल, मशीन रीडेबल, पारदर्शी वोटर रोल देने पर एक शब्द नहीं
- EVM के Architecture की अब transparent audit पर घबराहट
- BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं के कई राज्यों में वोट रखने और करने पर कोई जवाब नहीं
- CJI को चयन प्रक्रिया से निकालने पर भी कोई जवाब नहीं
- EC को immunity देने पर ऊटपटांग जवाब
- CCTV फुटेज न देने का बहाना भी बहुत हास्यास्पद
मैं फिर से दोहरा रहा हूं - वोट चोरी सबसे बड़ा देशद्रोह है।
शर्म करें भाजपा सरकार क्या यही है अच्छे दिन
सूदखोर के हाथों मरने से अच्छा खुद मर जाऊं..." यह किसी शिक्षक के अंतिम शब्द हैं!
₹10,000 मानदेय में परिवार पालने का बोझ, कर्ज का जाल, और ऊपर से भाजपा सरकार की चुप्पी। अश्विनी मिश्रा जी जैसे सैकड़ों शिक्षा मित्र कब तक इस 'अच्छे दिन' के इंतजार में घुटते रहेंगे?
भाजपा सरकार के लिए यह सिर्फ एक आंकड़ा होगा, पर पीछे छूटे बच्चों के लिए यह अंधेरा है। क्या मानदेय बढ़ाने की 'जल्द' वाली बात तभी पूरी होगी, जब ऐसे और परिवार उजड़ जाएंगे?
"सिस्टर, मेरी बेटी को सेनेटरी पैड चाहिए…
नीचे से ब्लड गिर रहा है"
पिता रो रहा है, फ़्लाइट टाइम पर नहीं चल रहा है,
सत्ता के नाम पर खेल चल रहा है।
अच्छे दिन आ गए… अमृतकाल चल रहा है.
@upadhyayabhii असल में भटक गए है
किसी को मुख़ातिथि के लिए मैंने बुलाये किसी बरिष्ठ को भजन में मगर इनके अखबार नें लिखा सभी भजन से संबंधित निचे कुछ अलग क़ब्र खोद दिए फलाने के लिए भजन संध्या में आएं अथिति का मेरी दुनिया भर की किरकिरी
आज कल याद और कुछ भी रहता नहीं एक बस तेरे आने और जाने के बाद कुछ पत्रकार बंधु सीधे सहयोग लेखनी सहगल जी के लिए जो बढ़िया है और होना भी चाहिए उन्होंने इस्तीफा ही दिया है तो बड़ा बखेड़ा किस बात का ये रूटीन में है जो संभव है @navneetsehgal3 जी
@RajneetiM97965@Deepeshpatel87 यही जीवन है असली ये भले ही मज़ाक किये हों मगर बोल सत्य रहें है आज का समाज में बड़ा दुर्लभ वीडियो मतलब गरीब बाप भी नहीं अमीर बाप