जज अक्षय दिवेदी की न्यूज़ पढ़ कर बहुत अच्छा लगा। आज भी ऐसे सादगी से भरे कर्मयोगी इस दुनिया में हैं। ना घर, ना घर का स्टाफ, ना कार , ना टेलीफोन। ना अच्छी पदस्थापना की इच्छा, ना किसी से बैर। पैदल कोर्ट जाना , और फैसले जल्दी देकर, समस्याओं का समाधान करना उनका लक्ष्य। बिरले व्यक्तिव
@priyankagandhi प्रियंका द्वारा हिंदू धार्मिक स्थानों पर टिप्पणी शोभा नहीं देती और न ही महत्व पूर्ण होती है। नव निर्माण के लिए जर्जर हुए पुराने निर्माण को हटाना और वहां विकास के कार्यों को आगे बढ़ाना सरकार का सराहनीय कदम है। अनाधिकार कब्ज़ा किए हुए लोग दुखी हैं और व्यर्थ की बातें बोल रहे हैं।
@RahulGandhi कुर्सी के लिए कांग्रेस खून खराबा करेगी। ये गांधी परिवार तो सुरक्षा घेरे में नेतागीरी करता रहेगा लेकिन इसके लिए गरीब युवा अपनी बलि देगा। प्रभात पाण्डेय अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। घर का चिराग बुझ गया। ॐ शांति
@dharmendra_1010@bstvlive ये दुखद स्थिति है लेकिन अपनी जान को जोखिम में क्यों डालते हैं लोग ? सब कुछ सरकार ही करेगी ? एक भी विपक्षी पार्टी इन सबके लिए आंदोलन क्यों नहीं करती? तीन चार राज्यों में विपक्ष की सरकारें हैं, क्या वहां रामराज्य आ गया है ?
@vickypshiva @ANI विपक्ष अपनी मौजूदगी के लिए अनाप शनाप बोलता रहता है। इससे ही वह टीवी पर दिख जाता है। कांग्रेस शासन में विदेशों में बसे भारतीयों के साथ हुए अन्याय को तो समाचार में न दिखाया जाता था और न बताया जाता था। विदेशी मीडिया से ही उनकी जानकारी मिल पाती थी।