On livestream, Saif Haider commented that Hindus should marry their daughters to people like him and Dalits
Ajeet Bharti gave him a proper reply, explained about warrior tribes, and which tribe people like Saif might belong to
AB also exposed that Jodha Akbar is a myth, Jodha Bai actually referred to a princess from Jodhpur, Jagat Gosain
Akbar had multiple wives, but history remembers 3 chief consorts as his main wives, Mariam-uz-Zamani, Ruqaiya Sultan Begum, and Salima Sultan Begum
Akbar never had a wife named Jodha. Colonel James Tod, a British colonial administrator and writer, made this blunder
Later, Indian education and Bollywood carried this as an example of secularism
@priyanka2bharti कितना रिच खाएगी सुधांशु त्रिवेदी के नाम पे
जबकि वो तेरे जैसे गालीबाज के साथ बात करना तो दूर बैठना भी पसंद नहीं करता
तू उसका नाम लेके खुद को कितना अटेंशन दे रही 😂
बिहार सरकार के लिए निर्धन और आवासहीन केवल SC/ST/OBC/EBC में हैं। यानी सामान्य वर्ग की जातियों से टैक्स लो और उनकी जातियों के लोगों को किसी भी स्कीम का लाभ मत दे। यही बकलोली इन्होंने हर योजना में कर रखी है। समाज को पूछना चाहिए कि हमारे पैसे का लाभ हमारी ही जाति के निर्धनों को क्यों नहीं दिया जा रहा? हर बात क्या जाति देख कर ही होगी?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मोदी एक्ट की धारा 18 और 18ए(2) के अंतर्गत वैधानिक रोक को देखते हुए मेरी अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। हायकोर्ट का यह निर्णय अपनी जगह है, पर मैं इस से सम्मानपूर्वक असहमत हूँ।
साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि न्यायालय ने कहा है कि इसकी टिप्पणियाँ केवल जमानत आवेदन तक सीमित हैं और मेरी आपराधिकता इससे सिद्ध नहीं हो जाती। इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दूँगा और आशा करता हूँ कि देश की न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च विश्वास बना रहे।
मुझे एक नीच, अधम, पतित ट्रोल के विरुद्ध अपने परिवार के सम्मान की रक्षा करने के लिए, इस घटिया और दमनकारी मोदी एक्ट (जिसे SC/ST एक्ट भी कहा जाता है) के प्रावधानों के तहत एक आपराधिक मामले में झूठा फँसाया गया है।
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जो किसी व्यक्ति या समुदाय का जाति के आधार पर जानबूझकर अपमान या अपमानजनक व्यवहार माना जा सके। मैं उन किसी भी निहित स्वार्थ वाली ताकतों से लड़ने के लिए तैयार हूँ जो इस देश में स्वतंत्र अभिव्यक्ति और सत्य कथन को दंडित करना चाहती हैं, भले ही इसके लिए मुझे जेल जाना पड़े।
एक नेता द्वारा अपनी राजनैतिक वोटबैंक को साधने के लिए, सामान्य जनता से बिना किसी सोच-विचार के, संशोधित किए गए इस पूरे कानून और इसके संशोधित नियमों का मैं तब तक विरोध करूँगा जब तक इसे पूरी तरह से निरस्त न किया जाए।
और हाँ, पुनः कहूँगा कि हमारी की माँ-बहनें सड़कों पर चलती-फिरती वस्तु नहीं है जिस पर कोई भी टिप्पणी करे और बच जाए। उनके सम्मान की रक्षा हेतु, सौ बार जेल जाना पड़े जाऊँगा और 101वीं बार वही करूँगा जो मैंने किया है।
PS: जो भी इस निरस्तीकरण पर स्खलित हो रहे हैं, तुम्हारी माँ-बहन पर भी हर दिन ऐसी टिप्पणी होती है। उस पर भी मैं ही स्टैंड लूँगा क्योंकि तुम अपनी कायरता में दो शब्द नहीं लिख पाओगे।
आज गालियाँ दे रहे हो- कल जेल में बैठकर पछताओगे कि
जब SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठी, तब प्रीत सिरोही के साथ क्यों नहीं खड़े हुए।
Stand against SC/ST Act misuse. RETWEET.
पाँच वक्त के नमाज़ी सीने पर बम बाँधकर “अल्लाहु अकबर” बोलते हुए खुद को उड़ा रहे हैं, लेकिन आतंकवादी के नाम के आगे “मुसलमान” शब्द लिखने पर यही @ajitanjum इसे मुसलमान-विरोधी बता देते हैं।
वहीं, यह दल्ला जमुई मामले में नैरेटिव यह सेट किया जा रहा है कि जो लोग धार्मिक होते हैं, वही ऐसे घिनौने कृत्य करते हैं।
बिहार के जमुई में देश की बेटी के साथ हुई वहशियाना घटना के मुख्य आरोपी RJD समर्थक नंदन यादव को एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया गया है, उसका साथी हरेराम यादव पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, बिहार में RJD और यूपी में समाजवादी पार्टी ऐसी ही गुंडागर्दी के लिए सत्ता में वापसी चाहती है, जिसे लोकगायकों ने इस गीत के जरिए पहले ही बता दिया था।
आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर के साथ जो हो रहा है वह बेचैन करनेवाली है । यह शिक्षण संथाओं के बुनियाद को हिला कर रख देगा । बचपन में हम स्कूल में पढ़ते थे । हरि जी उस स्कूल में चपरासी थे । लेकिन हिंदी के विद्वान थे । जाति से कहार थे और हम सभी पैर छूते थे । दूसरे शिक्षक यादव थे जियोग्राफी पढ़ाते थे । अच्छी खासी कुटाई करते थे यदि हम टास्क न पूरा करें तो । बुढ़वा मास्टर साहब कुर्मी थे । न जाने कितनी छड़ियाँ तोड़ी लेकिन दादा जी और माता को पता लगता था तब कहती थी मास्टर साहब ने अच्छा किया । आज भी उन्हें याद कर आँखें गीली हो जाती हैं । आज हम कहाँ आकर खड़े हैं ।
शिक्षक मारना तो दूर डाँट नहीं सकता । नक़ल पकड़ने पर सस्पेंड हो जाय तो कौन शिक्षक आगे आयेगा । हम शिक्षण संस्थानों में जातीय संघर्ष का बीजारोपण बहुत पहले ही कर चुके हैं । ईश्वर ही मालिक है ।
अनिल यादव जी, इसके लिए प्रमाण तैयार रखिएगा। संध्या 6 बजे तक पोस्ट डिलीट कर लेना, वरना कोर्ट में घसीटूँगा तो रोना मत।
मेरा सारे मित्रों से आग्रह है कि जो भी व्यक्ति ऐसा दावा ठोकता नजर आए जिसमें उन्होंने मूर्खतावश नाम और पैसा लेने की बात लिखित में कही है, स्क्रीनशॉट के साथ मुझे भेजते रहें। इन सबकी चिकित्सा हम करेंगे।
बाय द वे, @UPCMOffice आपने मुझे पैसा दिया और बताया तक नहीं। कृपया चेक संख्या या ट्रांजेक्शन ID बताएँ। यदि ऐसा नहीं है तो इन लोगों का ध्यान रखें। बाकी, @noidapolice देख ले।
@BhimArmyChief चोरी करे या डकैती प्रोफेसर को उससे क्या लेना
प्रोफेसर का काम पढ़ाना है
बेचारा शांति से चोरी कर के लिख रहा था प्रोफेसर साहब पूरे क्लास को बता दिए कि चोरी कर रहा है कितना गलत किए
ऐसे प्रोफेसर को तो फांसी होना चाहिए जो शांति से पढ़ाने के बदले चोरी करने से रोकता हैं