Now that the video is out that showed unfortunately Sahil was cheating, TEAM BHARAT demands that there should be an unconditional apology to IIT BOMBAY professor Dr Doolla, he must immediately be reinstated, the SC-ST act case should be withdrawn & a compensation must be given . At the same time we must help Sahil's family and have empathy for the parents.
@ogteambharat@Nidhzee@FactswithDinesh@neha_laldas@nachiket1982@Shankyram2
IIT Bombay, the institute Prof Doolla gave his life to, knew this. And yet it retracted its original statement now corroborated by the CCTV footage, dismissed Prof Doolla from deanship, sent him on indefinite leave, and never once condemned the FIR on him under the SC/ST act.
बताया जा रहा है कि साहिल इतना इंटेलिजेंट था कि उसकी AIR Rank 614 थी।
मतलब, झूठ भी इस तरह बोला जाएगा कि आपको सच लगे।
साहिल की 614 रैंक उसकी अपनी SC कैटेगरी में थी। यानी उसकी Overall Rank कम से कम 20,000 से ऊपर रही होगी।
20,000 के आसपास की रैंक पर साहिल को जो कोर्स और IIT मिला, वह General Category के बच्चे को 2,000 रैंक पर भी नहीं मिलता।
यहाँ यह भी बता दूँ कि साहिल के पिता बैंक में अच्छे पद पर हैं और उसकी माँ शिक्षिका हैं और वह ipjone से ChatGPT use करता था ..
यानी, आर्थिक और सामाजिक स्थिति के लिहाज से वह कहीं से भी "दलित" नहीं था..
बस, इसी का नाम आरक्षण है।
"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी हम ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि विष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा नहीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद इस मीडिया को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!
आदरणीय आनंद रंगनाथन ने भाजपा ओर कांग्रेस की मिलीभगत से हिंदुओं का कितना नुकसान हुआ इसकी कलई खोल दी...
भाजपा हिंदूवादी पार्टी नहीं हैं, यह भी कांग्रेस की भांति हिंदू विरोधी पार्टी ही है...
महाराष्ट्र में 17000 हिंदू शिक्षण संस्थान बंद किए इन्होंने, मोदी सरकार ने हिंदुओं को चहुँओर से केवल ठगा है। #UGC_Rollback
जिस देश में SC/ST एक्ट के तहत हुए 100 में से एवरेज 12 केस ग़लत शिकायत के निकल रहे हों
राजस्थान में तो ये नंबर 100 में से 40+ केस का है
फिर भी SC/ST एक्ट के ग़लत इस्तेमाल पर कोई चर्चा तक करने को तैयार नहीं है।
कहा तो जाता है कि 100 गुनहगार छूट जायें पर एक मासूम नहीं फँसना चाहिए.. ग़लत केस में फँसे मासूम जनरल केटेगरी के हों तो फ़रक नहीं पड़ता क्या?
•This guy scored only 93 marks out of 360 and got into IIT Bombay.
•You’d surely feel insecure if you scored 93 marks and were sitting next to someone who scored 280+.
•There are around 18900 seats across all IITs, yet you got into a top IIT like Bombay with 20000 rank cuz you are Shoshit Wanchit.
•A GC student scoring 150+ marks will never get into a top IIT.
Stop blaming professors and stop using the Dalit card to hide your incompetence.
भारत में आरक्षण पर चल रही बहस के बीच दुबई के मशहूर भारतीय इन्वेस्टर अक्षत श्रीवास्तव ने जनरल कैटेगरी के छात्रों को एक बड़ी सलाह दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने लिखा कि जनरल कैटेगरी के जो छात्र मेरिट के आधार पर मुकाबला करते हैं, उन्हें मौका मिलते ही देश छोड़कर विदेश चले जाना चाहिए।
अक्षत का तर्क है कि भारत में सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल आए, आरक्षण खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि छात्रों को सरकार या राजनीति से उम्मीद रखने के बजाय अपनी मेहनत और कमाई पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने आर्थिक आजादी पाने के लिए यूएई, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर जैसे देशों का रुख करने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि कई देशों में आबादी घट रही है और वहां हुनरमंद लोगों की काफी जरूरत है।
कभी-कभी तो लगता है ये सही है।
ब्रो से मिलिए। भदोही उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के सुरियावां ब्लॉक स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश गौतम स्कूल आकर बच्चों को पढ़ाने की बजाय स्टाफ रूम में सोते थे।
उन पर गंभीर आरोप लगे थे। छात्राओं से अश्लील बातें करना, ब्लैकबोर्ड पर आपत्तिजनक वाक्य लिखना और एक छात्रा को गलत तरीके से छूना भी शामिल हैं। पानी सर् से ऊपर जाने पर अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद गौतम खेतों की ओर भाग निकले।
बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी ने जांच के बाद उन्हें निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू की। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। केस में POCSO समेत कई धाराएं लगाई गईं।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि वे शिकायत करने वालों को और प्रिंसिपल को फर्जी SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी देते थे, जिसके कारण समस्त स्टाफ चुप रहता था।
यह घटना आजतक, अमर उजाला और PTI जैसी मीडिया रिपोर्ट्स से पुष्टि हुई है। 💀
कुछ कानून ऐसे हैं जिन को समय रहते रिव्यु नहीं किया गया तो इस देश को गर्त में जाने से स्वयं ईश्वर भी नहीं बचा सकते। झूठ नहीं कह रही । दिल पर हाथ रख कर सोचना। ये नुकसान सिर्फ़ सवर्णों क बच्चों का था क्या ? सवर्ण से ज़्यादा तो ओबीसी और दलित ही बच्चे पढ़ते हैं इन सरकारी स्कूल में। 🔥
SC, ST 22% हैं, तो 23 में से 5-7 IIT इन लोगों को दे दीजिए। 7 IIT जो नई वाली, चमचमाती, बढ़िया वाली IITs हैं, ये इन लोगों को दे दो।
वहाँ पर जितने भी faculty members इन जाति समूहों से आते हैं, उनको इंप्लॉय कर दो। चंद्रशेखर रावण जैसे लोगों को भी प्रोफेसर बनाया जा सकता है। भीम आर्मी से mass recruit कर लीजिए। Humanities जो पढ़ाई जा रही है, ऐसे लोगों को भी contract दे दीजिए। मोदी जी, आप ही के तो लोग हैं वो।
गोल्डन दास वहाँ Quantum Physics, Propellant Technology पढ़ाएँगे, राजकुमार कुशवाहा जी Energy Sciences या Metallurgy पढ़ा सकते हैं और चंद्रशेखर रावण जी को डीन बनाया जा सकता है।
ऐसे जितने बहुत बढ़िया लोग, उत्कृष्ट योगदान समाज में दे रहे हैं, उन सारे लोगों को इकट्ठा इन 7 IITs में दे दीजिए। AIIMS भी जितने बने हैं, उनमें से 'एक चौथाई +1' करके इनको दे दीजिए।
इनको देकर बोलिए कि हमें कोई discrimination नहीं चाहिए। हम चाहते हैं कि आप फलो-फूलो, मनुवादियों से अलग रहें।
आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी मेंबर प्रोफेसर सूर्यनारायण के समर्थन में अब उतरने वालों की भीड़ सैकड़ों से ऊपर चढ़ कर हजारों की हो चुकी है |
अगर आपको भी लगता है कि एससीएसटी एक्ट का दुरुपयोग कर सामान्य रूप से अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले आदमी को शिकार बनाया जाता है |
तो कुछ समय निकाल कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रोफेसर के समर्थन में उतरी इस भीड़ का समर्थन कर देना | अन्यथा किसी का भी जीवन सिर्फ दो शब्दों की शिकायत में बदला जा सकता है |
Having visited at least 2 top IIMs to deliver lectures and interacted with the management and students, I believe we must next anticipate an IIT Bombay like situation in IIMs. The Ambedkarite-Periyarite activism in these institutions has reached alarming levels. Wait and watch.
How? By filing cases under the "Atrocious" Act against erudite professors in premier institutions for preventing "young talent" from cheating in examinations.
Development and emancipation of one community cannot be at the cost of another community. Discrimination should be terminated, not transferred.
A draconian law and its enforcement on campuses will offer India's finest minds a choice - leave science, or leave the country.
यही वह दृश्य है जहाँ योग्यता, @narendramodi के भीड़तंत्र के समक्ष झुक कर बिछ जाने के सामने, कलम निकाल कर अपनी अंतिम यात्रा का आरंभ कर रही है।
डायरेक्टर केदारे साहब शांत हैं, 18 माँगें हों या 180, वो स्वीकार कर लेंगे क्योंकि @PMOIndia से कारण बताओ नोटिस आ जाएगा कि आपसे एक छोटा सा प्रोटेस्ट नहीं सँभलता, जबकि हमने तिलचट्टों के प्रोटेस्ट में पूरे देश को बताया है कि करना क्या है।
भीड़ ही ‘लोकतंत्र’ का ‘लोक’ है, अतः वह जो भी कहे, वह जाँच से पहले ही कर दीजिए। मुझे थूकने की इच्छा हो रही है किसी के मुँह पर!