#विशेष_सूचना :
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती की परीक्षा चल रही है, विधार्थी से अनुरोध है अगर किसी भी रोडवेज बस में अगर कोई चालक और परिचालक अभद्रता करता है तो तुरंत वीडियो बनाओ, और हमें भेजो, या स्वयं पोस्ट करो,
विधार्थी अपने आपको अकेला महसूस न करे, हमारी पूरी टीम आपके साथ है!
धन्यवाद
शिक्षा निदेशालय के पास नवचयनित वरिष्ठ अध्यापकों को ट्रेनिंग कराने के दौरान चाय नाश्ता कराने का भी बजट नहीं है खाना तो दूर की बात है
आभार निदेशालय का🙏🙏
@saten_08@kamal_kanawaria
राजस्थान शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला-
जयपुर: नई नियुक्ति पर DIET में ओरिएंटेशन अनिवार्य।
2024 भर्ती के चयनितों को 4 जुलाई को मिलेगा नियुक्ति पत्र। 4 जुलाई को रोजगार मेले के दौरान सौंपे जाएंगे नियुक्ति पत्र।
पहले नियुक्ति पत्र, फिर काउंसलिंग से पोस्टिंग आदेश। चयनित अभ्यर्थियों को पहले जॉइनिंग का मौका। 15 जुलाई तक DIET में ओरिएंटेशन में रहना अनिवार्य।
स्कूल आवंटन और पोस्टिंग आदेश अलग से जारी होंगे।
शिक्षा विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया में किया बड़ा बदलाव।
4 जुलाई को होने वाले रोजगार मेले में जाने के लिए क्या आपके पास कोई आधिकारिक सूचना या मैसेज आया है? उसमें क्या-क्या डॉक्यूमेंट्स लाने को कहा गया है, इससे उन अभ्यर्थियों को मदद मिलेगी जिनके पास अभी तक मैसेज नहीं आया है। 🙏#RajasthanRojgarM
4 जुलाई रोजगार मेले शामिल भर्तियाँ
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी,1st Grade,2nd Grade, VDO,जेल प्रहरी, असिस्टेंट प्रोफेसर, छात्रावास अधीक्षक 2nd, कनिष्ठ सहायक, सहायक कृषि अधिकारी, कांस्टेबल, टेक्नीशियन 3rd, शिक्षा अनुकंपा
✍️ परिचालक कंडक्टर भर्ती को बाहर कर दिया गया है
बोर्ड ने आज Class IV Final Result का अनुमोदन किया।
माननीय कोर्ट के आदेश की पालना में लगभग 5750 का रिजल्ट होल्ड करते हुए बाकी लगभग 48,000 का रिजल्ट का अनुमोदन किया।
सभी सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को हार्दिक बधाई।
रिजल्ट pdf हम आज कल में शेयर करेंगे।
बामन-बनिया-सवर्ण हमेशा OBC, SC, ST के आरक्षण को निशाना बनाता है, लेकिन EWS (सुदामा कोटा) पर चुप्पी साध लेता है।
कारण साफ है EWS भी एक जातिगत आरक्षण है, जिसका फायदा सिर्फ सवर्ण समुदाय को मिलता है। OBC, SC, ST को इससे बाहर रखा गया है।
मनुवादी दलील देंगे कि "EWS तो आर्थिक आधार पर है!" अरे मनुपुत्रों, क्या OBC, SC, ST में गरीब नहीं हैं?फिर उन्हें EWS से क्यों वंचित किया गया?
सच्चाई यही है ये सवर्णों का विशेषाधिकार बनाए रखने का खेल है, जिसमें गरीबी का बहाना बस एक मुखौटा है!