सौरव दास और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं से अनुरोध है कि आपके परिवार में जो मां बहनें हैं उन्हें ऐसे "मजाक" से क्यों दूर रखा है, उन्हें भी इस मजाक में शामिल करें। उन्हें भी तो मजाक का और खुश रहने का हक है !
हेलमेट न पहनने पर चालान काटना अब पुरानी व्यवस्था हो गई है।
नई ट्रैफिक नीति में नागरिक सुरक्षा का स्तर इतना बढ़ा दिया गया है कि पुलिस अब संभावित दुर्घटना का इंतज़ार नहीं करती सीधे बाइक सहित गिराकर मौके पर ही “डेमो” दे देती है।
नकली पनीर के बाद पेश है नकली टूथपेस्ट :-
दिल्ली में नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट की फैक्ट्री पकड़ी गई है,
पता नहीं कब से कारोबार चल रहा होगा, आज पकड़े गए हैं, फिर छूट जाएंगे,
देश में 70% चीजें मिलावटी हैं, बस कोई कह दे तो FIR FIR खेलने लगते हैं।
बड़े-बड़े Food Brands ग्राहकों को खुलेआम धोखा दे रहे हैं 🚨
चीनी से भरे Juice 🥤 के packet पर Fresh Fruits की तस्वीरें दिखाते हैं, और पीछे छोटे अक्षरों में लिख देते हैं: “pictures are for marketing purposes only.”
❓ कब तक चलेगा ये खेल?
🏛️ आज संसद में मैंने सरकार से misleading branding और false advertisement पर कार्रवाई की माँग की।
🚨 सावधान! 1 अप्रैल से बदल रहे हैं बैंकिंग के नियम!
क्या आपका बैंक अकाउंट सुरक्षित है? RBI ला रहा है 8 नए नियम जो आपकी मेहनत की कमाई को स्कैमर्स से बचाएंगे।
वीडियो अंत तक देखें और खुद को अपडेट रखें। 🛡️💸
एक Pizza में 2000+ calories होती हैं, यानी लगभग 15-20 रोटी के बराबर, पर लोगों को इसकी जानकारी नहीं मिलती।
क़ानून के अनुसार सभी बड़े Food Chains को अपने food items में कितनी Calories हैं, उसे अपने Menu कार्ड पर बताना आवश्यक है।
लेकिन आज बड़े ब्रांड्स जैसे Dominos, KFC, Haldiram इत्यादि इस क़ानून का उल्लंघन कर रहे हैं।
बहुत से ब्रांड्स food items में मौजूद calories का ग़लत आँकड़ा देते हैं। ये लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। आज संसद के प्रश्नकाल में जनता की सेहत से जुड़ा अहम प्रश्न रखा।
📍 लखनऊ ~ मेहनत की कमाई पर सवाल
Bank of Baroda से जुड़ा कथित एफडी मामला गंभीर चिंता का विषय है।
लोगों ने अपनी जमा-पूंजी सुरक्षित भविष्य के भरोसे फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी थी।
अब अगर रिकॉर्ड में गड़बड़ी, जानकारी में कमी और जवाब में देरी की शिकायतें आ रही हैं,
तो सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को होता है।
सवाल साफ यह है कि 👇
क्या आम आदमी का पैसा वाकई सुरक्षित है?
अगर बैंकिंग सिस्टम पर ही भरोसा डगमगाने लगे, तो लोग जाएं कहाँ?
Bank of Baroda जैसे बड़े और सार्वजनिक बैंक से उम्मीद होती है कि
हर ग्राहक को पारदर्शी जानकारी मिले,
हर शिकायत का समय पर समाधान हो,
और जिनकी रकम फंसी है उन्हें जल्दी न्याय मिले।
यह सिर्फ पैसों का मामला नहीं ,
यह भरोसे का मामला है।
बैंक और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि
निष्पक्ष जांच हो ,
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो,
और गरीब की मेहनत की कमाई सुरक्षित लौटे।
एयरटेल फाइबर इंटरनेट नहीं देता, वो इंसानों को धीरे-धीरे ज़ॉम्बी में बदल देता है।
कामकाजी प्रोफेशनल मीटिंग्स लेता है, प्रोजेक्ट डिलीवर करता है-फिर एक दिन बफरिंग का कैदी बन जाता है। नेट गायब, स्पीड लापता, दिन भर लोडिंग का चक्कर।
शिकायत करो तो टिकट खुलता है और गायब। महीनों इंतज़ार, कोई जवाब नहीं। थककर कनेक्शन कैंसल किया-लगा मुक्ति मिली।
लेकिन नहीं-कैंसिलेशन के बाद भी बिल थमा दिया। अतिरिक्त चार्ज, पेनाल्टी, धमकी: पैसा दो वरना क्रेडिट स्कोर बर्बाद, रिकवरी एजेंट घर आएँगे।
ये ज़ॉम्बी फार्म है-ग्राहक सालों लूट खाते रहते हैं और चुप रहते हैं क्योंकि दूसरा भी तो ऐसा ही होगा। खुद को डिजिटल गुलाम सर्टिफाइड कर लिया।
इस बार एक ग्राहक ने दर्द वायरल किया। सारे ज़ॉम्बी भड़क उठे-ट्रोल आर्मी सक्रिय: तुम्हारे एरिया में प्रॉब्लम होगी, जियो ले लो।
लेकिन सच यही है-लूट का मॉडल एक ही है, बस ब्रांड बदलते हैं।
कनेक्शन छोड़ने की सज़ा में बिल-पेनाल्टी थोपकर ग्राहकों को ज़ॉम्बी बनाना-यही एयरटेल का असली फाइबर गेम?
दर्द शेयर करो तो ट्रोल आर्मी भेज देते हो? शर्म नहीं आती इन कॉर्पोरेट लूटेरों को?
अब जागो, ज़ॉम्बी मत बनो।
बेशक सरकारें साफ़-सफ़ाई बनाए रखने में कई बार नाकाम रही हैं, लेकिन सच यह भी है कि कुछ लोगों में CIVIC SENSE की कमी इस समस्या को और बढ़ा देती है।
सड़कों पर कूड़ा फेंक देना, मेट्रो में धक्का-मुक्की कर घुसना, लाइन तोड़ना, खुले में शौच करना, पहाड़ों और पर्यटन स्थलों पर गंदगी छोड़ आना, गाड़ी की छत पर बैठकर शराब पीना या सड़क पर हंगामा और डांस करना, ये सब आज आम दृश्य बन चुके हैं।
सवाल सिर्फ़ सरकार का नहीं, हमारी मानसिकता का भी है। देश तब बदलेगा, जब हमारी सोच बदलेगी।
Civic sense को स्कूलों में पढ़ाना ज़रूरी है। साथ ही, सफ़ाई और सार्वजनिक नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए। तभी हम सच में एक स्वच्छ और सभ्य भारत बना पाएंगे।
Exactly one year ago, I was in Kochi with my younger brother for his treatment because a ₹2 headache painkiller tablet called "Nicip", containing nimesulide, caused near liver failure in him.
After spending much time and money in big hospitals, we were lucky to find @theliverdoc, who is more of a medical detective than a good doctor.
Now the government has banned nimesulide tablets, but I know they will still be available over the counter in nearby pharmacies, so please be careful.
https://t.co/d46tWMU9iC
बड़े बड़े एक्टर-सेलिब्रिटी करोड़ों रुपये लेकर पान मसाले-गुटके की advertisements करते हैं।
ख़ुद अपने निजी जीवन में इसे हाथ भी नहीं लगाते लेकिन आम जनता को भ्रमित कर Mouth cancer की ओर धकेलते हैं।
Every single Mumbaikar needs to see this video
1 NCP Congress built 11 km metro in 15 years. BJP has started work on 437 km and almost finished 200 km in less than 9 years.
2 Every single committee & court ruled in favor of Aarey metro shed but Uddhav Thackeray made it an ego issue and caused 3 years delay and 10000 cr loss (14000 cr as per CAG).
3 SC said the metro will serve the environment more in 82 days than what the cut trees would have in entire lifetime. Still govt planted 10 TIMES more trees and their growth is monitored by Supreme Court.
Basically on one hand Fadnavis wants to develop Mumbai and Uddhav Thackeray wants to destroy it. This is an easy decision! #BMCElections
शुक्रिया शार्क टैंक इस एक्सपोज़ के लिए।
ऐसे कई एक्सपोज़ की जरूरत है। ऐसे फर्जी डॉक्टर कई लोगों के हेल्थ के साथ खेल रहे हैं!
और लोगों से भी आग्रह कि वे इंस्टाग्राम में इलाज न खोजें।
भारत के किचन अब अपराध-स्थल बन चुके हैं।
न चाकू की वजह से , न गैस स्टोव की बल्कि उस खाने की वजह से जिस पर हम रोज भरोसा करते हैं।
ब्रेड में खतरनाक केमिकल , दूध में डिटर्जेंट , मसालों में टेक्सटाइल डाई…
जहर हर घर की रसोई तक पहुंच चुका है।
अब तो अंडे भी शक के दायरे में हैं , रिपोर्ट में एक मशहूर क्रुएल्टी-फ्री ब्रांड में DNA-डैमेजिंग कंपाउंड मिले हैं।
ये स्थिति किसी देश की खाद्य सुरक्षा के फेल होने का सबसे बड़ा सबूत है।
अब सवाल सरकार और एजेंसियों से >>
– ये जहर हमारी थाली तक कैसे पहुंच रहा है?
– लाखों करोड़ की खाद्य उद्योग पर इतनी कम निगरानी क्यों?
– दोषी कंपनियों पर लाइसेंस रद्द , जेल , भारी जुर्माना—कुछ भी क्यों नहीं?
– जनता की सेहत किसके जिम्मे है?
जब तक सख़्त कार्रवाई नहीं होगी, भारत में हर रसोई में कैंसर बनाता रहेगा।
🚨 सुधा मूर्ति ने वही कहा है जो कड़वी सच्चाई है — और जिसे सुनकर कई पेरेंट-इन्फ्लुएंसर बिदक जाएंगे।
आज माता–पिता अपनी ही औलाद को Online Content Machine बनाकर उनके बचपन का पोस्ट-मॉर्टम कर रहे हैं।
हर रोना , हर हँसी , हर मूड स्विंग सब कैमरे पर।
बच्चा इंसान कम, रील बनाने की प्रॉप ज़्यादा हो गया है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि बच्चों को ऑनलाइन शो-पीस की तरह बेचने पर सख्त कानून बने।
और ये असलियत किसी को चुभ सकती है, लेकिन सच यही है >>
• आपके क्यूट वीडियो असल में बच्चे की privacy murder हैं।
• लाइक्स और व्यूज़ के लिए बच्चों को नचा-गाना कराना सीधा mental exploitation है।
• बचपन को कंटेंट बनाकर आप उन्हें Attention Addiction और Identity Crisis की तरफ धकेल रहे हैं।
• हर चीज को कैमरे में ठूंस देना उन्हें सिखाता है कि प्यार भी तभी मिलता है जब वे “perform” करें।
आज कंटेंट है ,
कल वही बच्चा lost innocence , anxiety और validation के भिखारीपन से जूझेगा।
और जिम्मेदार कौन?
माता–पिता खुद।
सुधा मूर्ति की बात सीधी और चुभने वाली है ,
बच्चे आपकी सोशल मीडिया करंसी नहीं —
उनका बचपन बेचने का कोई अधिकार आपको नहीं।
Dear @officialepfo,
A close friend of mine has been unemployed for more than 12 months. He has been trying to withdraw his EPF and he has got rejected 3 times now.
He has only one UAN. Everything is linked correctly. After 2 rejections, he tried linking another bank account. Re-KYC done for new bank account.
Nothing seems to work. He is feeling so helpless and needs his own money desperately.
Why is a tax paying citizen not able to withdraw his own hard earned money? We talk about digital, but one is finding it so difficult to withdraw their own money.
Has anyone faced issues like this?
I need support from my audience to provide inputs & share widely until my friend is able to get some support to withdraw his own money.
#FI