पहले राजनेता मीडिया को कंट्रोल कर हम पर राज करते थे, किंतु अब सोशल मीडिया के आने से उनकी दाल नही गल रही। पप्पू 56 का हो गया, फिर भी वह अभी 2000 के पहले के युग मे जी रहा है और 2026 मे वह पहुंचा ही नही। पप्पू झूठ बोलकर हमें भड़काने का काम करता है, पर हम अब गूगल कर सच जान लेते हैं।
कश्मीर को स्टेटहुड न मिलने से अब्दुल्ला परिवार अब पाकिस्तान व आतंकियों की कोई मदद नही कर पाता, सो आतंकी व पाकिस्तान भी इस परिवार को अब घास नही डालते, वजह कि यह उनके किसी काम के नही हैं। यह परिवार अब केंद्र सरकार को धमकी देता है कि स्टेटहुड न मिलने से वहां कोई बड़ी घटना हो सकती है
हमारे पप्पू ने सोचा था कि नेपाल की तरह भारत मे भी जेन जी आंदोलन मोदी सरकार गिराएगा। नेपाल आंदोलन परिवारवादी सत्ता के खिलाफ था, जहां आंदोलनकारियों ने परिवारवादी नेताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा व उनके घर जलाए। वैसा आंदोलन भारत मे हो, तो पप्पू, चारा चोर व टोंटी चोर दौड़ाकर पीटे जाएंगे।
कट्टरपंथियों ने शेख हसीना को बांग्लादेश से भगाकर वहां हिंदुओं पर घोर अत्याचार किया, तो उसकी कठोर प्रतिक्रिया हरियाणा, दिल्ली, बिहार व महाराष्ट्र के चुनावों मे दिखी थी। अब नेपाल आंदोलन की प्रतिक्रिया यूपी के चुनाव मे दिखेगी और योगी बिना मोदी के 300 के पार पहुंच कर सरकार बनाएंगे।
सनातन धर्म मिटाने की सोच रखने वाले और उनके समर्थन मे खड़े होने वाले घोर दुर्गति झेलेंगे। वे खुद और उनकी राजनीति भी मिट जाएगी, परंतु वे सनातन धर्म नही मिटा पाएंगे। हमारे देश पर 800 साल तक मुसलमान और 200 साल तक अंग्रेज शासन किए, किंतु वे चाहकर भी भारत से सनातन धर्म को नही मिटा सके।
बंगाल मे केवल सत्ता परिवर्तन ही नही हुआ, बल्कि सनातन संस्कृति का प्रचुर उद्भव भी हुआ, जो दुर्गा पूजा से एक महीने, गोवर्धन पूजा तक पूरे देश मे पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक रामराज्य की भांति अति भव्य व दिव्य दिखेगी। वैसे इसकी शुरुआत तो महाराष्ट्र मे गणेशोत्सव से हो जाएगी।
हम सनातनी अपनी श्रद्धा से मंदिर मे चढ़ावा चढ़ाते हैं और फिर उससे सरोकार नही रखते कि वह कहां प्रयुक्त हुआ या किसने रखा या किसने चुराया, लेकिन नामालूम क्यों टोंटीचोर चढ़ावा चोरी से दुःखी है, जो न तो राममंदिर निर्माण मे फूटी कौड़ी दान किया और न कभी दर्शनकर राममंदिर मे चढ़ावा चढ़ाया।
हमारा 56 साल का अधेड़ पप्पू बोला कि भारत का जेन-जी आंदोलन नेपाल से प्रेरित है। वैसे नेपाल का आंदोलन तो नेपो किड्स के खिलाफ था और मैं नही जानता कि उसमें जेन-जी शामिल थे या नही, परंतु यह बखूबी जानता हूं कि तिलचट्टों द्वारा भारत मे चलाए गए आंदोलन में जेन-जी थे ही नही।
आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म "बंटवारा 1947" मे दिखाया गया कि हिंदुओं के उत्पीड़न से पाकिस्तान गया एक मुस्लिम वहां एक हिंदू महिला को मुस्लिमों से बचाया। पाकिस्तान मे तो हिंदू जनसंख्या आज तक नही बढ़ी, बल्कि 23% से घटकर 1% रह गई। हिंदुओं ने सूझबूझ से फिल्म का बॉयकाट कर फ्लाप कर दिया।
मोदी-योगी समर्थकों को निर्बुद्ध पप्पू अन्धभक्त कहता है। इस 56 साल के मूर्ख को मैं युवा नही अधेड़ नेता मानता हूं, कारण कि मैं अंधभक्त तो हूं, लेकिन मन्दभक्त नही हूं। चाटुकारितावश मैं किसी बुद्धिहीन और अनुभवहीन व्यक्ति को अपना नेता नही चुन सकता। पप्पू मे क्या कोई प्रतिभा दिखती है?
15 अगस्त की अपनी यात्रा में सीपीआई नेत्री, अमरजीत कौर बोली कि वह मोदी को निपटा देंगी।यह डरपोक नेत्री बखूबी जानती है कि आज देश के किसी छोटे राज्य में भी बामपंथी सरकार नही है, यानि खुद निपट गई है और मोदी को निपटाने की धमकी दे रही है। खुद डरे हुए इंसान ऐसी ही धमकी दिया करते हैं।
गत दिनों मोदी से नाराज़गी मे ट्रंप ने भारत को डेड इकॉनमी कहा, तो हमारे यहां का 56 वर्षीय युवा नेता, पप्पू बोला कि देश मे आर्थिक सुनामी आएगी, किंतु हमारी पहली तिमाही की इकॉनमी तो 7.8% निकली, जो दुनिया मे सबसे तेज गति वाली इकॉनमी हुई। पप्पू की भविष्यवाणी कुछ ही महीनों मे झूठ हो गई।
माफियाओं को सीएम हाउस बुलाकर उन्हें सम्मानित कर उनके कुत्ते से खुल-ए-आम हाथ मिलाने वाले आज कह रहे हैं कि हरियाणवी सिंगर, अंकित बालियान की हत्या पड़ोसी राज्य से शामली आकर गोगी गैंग ने कर दी और गोगी-योगी के नाम आपस मे मिलते-जुलते हैं। वैसे योगी पुलिस दो हत्यारों को निपटा चुकी है।
हमारे देश का 56 साल का अधेड़ पप्पू बोला करता है कि मोदी तो अमेरिकी राष्ट्रपति, ट्रंप के सामने डर कर झुक गये, जबकि मोदी उज़्बेकिस्तान मे ईरानी राष्ट्रपति, पेजेश्कियान से मुलाकात किए और रूस से S-500 लेने का सौदा पक्का किया, जो बुड्ढे ट्रंप और अधेड़ पप्पू के मुंह पर जोरदार तमाचा है।
बालीवुड के तीनो खान-बंधु बालीवुड को उर्दू वुड बनाकर हिंदुओं के देवी-देवताओं और पंडित-पुरोहितों का मखौल उड़ाते रहे, जिसे हिंदुओं ने भले ही देर से समझा, लेकिन समझने के बाद इन तीनों बंधुओं की फिल्म्स का बहिष्कार करते हुए इन्हें ऐसा बर्बाद किया कि बालीवुड से इनका राज ही खत्म हो गया।
बारीकी से देखने पर पता चलता है कि देश मे होने वाले 99% दंगे मुसलमानों द्वारा शुरू किए जाते हैं, जिसके बाद उस क्षेत्र से कुछ हिंदू तो घर बार यूं ही छोड़कर और कुछ औने-पौने दाम पर बेचकर पलायन कर जाते हैं, किंतु योगी जी ने अपने शासनकाल मे मुसलमानो से दंगा करने का अधिकार ही छीन लिया।
@saraswat_badal तुम कुछ भी कहो या बोलो, पर पीएम कभी नही बन पाओगे। भूल जाओ कि तुम्हारे बाप, बाप की मम्मी और बाप के नाना पीएम थे। उनके काल में पर्याप्त शिक्षित मतदाता नही होते थे और अब तो सोशल मीडिया भी आ गया है, जो तुम्हारी हर छल-कपट की सोच को उधेड़ कर रख देता है। अब दाल गलने वाली नही है पप्पू।
@Gobhiji3 1947 मे कांग्रेस शासन था, तो पेट्रोल 25 पैसे प्रति लीटर था, तो 2014 मे कांग्रेस के ही शासनकाल मे,जब विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, मौन-मोहन के पीएम रहते 82/= प्रति लीटर क्यों हो गया था?