सीने में खंजर और हाथों में पूजा की थाली लिए फिरते हैं,राम का नाम लेकर जो, अपनों की ही जेबें खाली करते हैं।बेशर्मी की हदें पार कर दी हैं, इन पाखंडियों ने अब यारो,वो राम के दरबार में ही राम की भक्ति की चोरी करते हैं।
#राम_मंदिर_घोटाला
#جانم_فدای_ایران. ज़ालिम को जो न रोके वो शामिल है ज़ुल्म में
क़ातिल को जो न टोके वो क़ातिल के साथ है
हम सर-ब-कफ़ उठे हैं कि हक़ फ़तह-याब हो
कह दो उसे जो लश्कर-ए-बातिल के साथ है #طهران#iranisraelwar#Palestine#Gaza
تل ابیب سے اٹھتے شعلوں سے فلسطینیوں کے دل ٹھنڈے ہوئے ہیں۔ امریکہ سے کبھی بھی خیر کی توقع نہیں رکھی جا سکتی۔ پاکستان کی ایٹمی قوت بھی امریکہ کی آنکھ میں کھٹک رہی ہے۔ اس لیے بہت چوکنا رہنے کی ضرورت ہے۔ اب وقت آ گیا ہے کہ امریکہ کی چودھراہٹ کا بت زمین بوس کیا جائے۔
ज़ालिम कहा गया न सितमगर कहा गया
क़ातिल के डर से कुछ भी न खुलकर कहा गया
सच बोलने की जुर्अते- बेजा के जुर्म में
मुझको बुरा-भला मेरे मुंह पर कहा गया
मौज़ू-ए-गुल पे जब भी कभी गुफ़्तगू हुई
कांटों को ज़िंदगी का मुक़द्दर कहा गया #Palestine#Gaza#iran
اسرائیل کا ایران پر حملہ کھلی جارحیت ہے جس کی جتنی بھی مذمت کی جائے تھوڑی ہے۔ امریکہ، اسرائیل اور مغربی قوتیں ایک ایک کر کے معاذ اللہ تمام اسلامی ممالک کو اپاہج کرنا چاہتی ہیں۔ ایسے حالات میں مسلم ممالک کا اتحاد ناگزیر ہو چکا ہے۔ اقوامِ متحدہ کی تنظیم اپنی افادیت کھو چکی ہے
मिल गए मिट्टी में क्या क्या मुंतज़िर आँखों के ख़्वाब
किस ने देखे हैं सितारे ख़ाक पर टूटे हुए
वो जो दिल की मम्लिकत थी बाबरी मस्जिद हुई
बस्तियाँ सुनसान घर वीरान दर टूटे हुए
#BabriMasjid#BabriZindaHai#Islam
लोग इसे बहादुर लड़की बोल रहे है।
परंतु क्या आजादी का स्तर आप अपनी माँ बेटी के लिये भी इतना रखेंगे ?
आप अपनी बहन माँ पत्नी कॊ ऐसे घुमा सकते है।
इस्लाम के खिलाफ इस लड़की ने बुर्का उतारकर घूमना शरू कर दिया।
बुर्के का विरोध जायज था
परंतु यह आजादी नहीं लगती। #islamophobia#islam
शेख अहमद यासीन, और इस्माइल हनियेह के बाद, हमास के चौथे प्रमुख याह्या सिनवार की भी नाजायज इजरायली राज्य के खिलाफ लड़ते हुए मृत्यु हो गई। इजराइल और उसके संरक्षकों को याद रखना चाहिए कि शहादत की यह यात्रा गाजा के लोगों को उनकी मंजिल के करीब ला रही है। #Palestine#يحيى_السنوار
क्या मुफ़्ती सलमान अज़हरी पर गुजरात पुलिस ने थर्ड डिग्री का टॉरचर किया है? मौलाना की चाल (ख़ासकर सीढ़ी चढ़ते उतरते) और चेहरे के हाव भाव सही नज़र नहीं आ रहे हैं!
जलाल-ए-पादशाही हो कि जमहूरी तमाशा हो
जुदा हो दीं सियासत से तो रह जाती है चंगेज़ी
ख़ुदावंदा ये तेरे सादा-दिल बंदे किधर जाएँ
कि दरवेशी भी अय्यारी है सुल्तानी भी अय्यारी
अल्लाह @muftisalman_
साहब की रिहाई आसान करे आमीन 🤲🏻
#IStandWithMuftiSalmanAzhari#ReleaseMuftiSalmanAzhari
“मुल्क लुट जाएगा ये आसार नज़र आते हैं,
अब हुकूमत में सब मक्कार नज़र आते हैं,
मुल्क की आज़ादी में लुटा दीं जानें हमने,
और बेहयाओं को हम ही ग़द्दार नज़र आते हैं
#ReleaseSalmanAzhari
“मुल्क लुट जाएगा ये आसार नज़र आते हैं,
अब हुकूमत में सब मक्कार नज़र आते हैं,
मुल्क की आज़ादी में लुटा दीं जानें हमने,
और बेहयाओं को हम ही ग़द्दार नज़र आते हैं
#ReleaseSalmanAzhari
बाबरी को ना हम कल भूले थे ना कभी भूलेंगे, बाबरी मस्जिद 550 साल से वहां खड़ी थी, लेकिन इस मुल्क के हुक्मरानों ने उसपर हमले करवाए, उसको शहीद करवाया... आप इमारत को मिटा सकते हो 550 साल की तारीख़ को नही, बाबरी मस्जिद हमारे दिलों में जिंदा थी है और रहेगी, इंशा अल्लाह #BabriZindaHai