कनॉट प्लेस में Vote Chori के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान NSUI की छात्राओं के साथ हुई पुलिस बर्बरता के मामले में दोहरा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है?
महिला पुलिसकर्मी को MLC के लिए भेजा गया, लेकिन जिन NSUI की छात्राओं के साथ मारपीट हुई, उन्हें MLC के लिए क्यों नहीं भेजा गया? क्या अपने साथियों के लिए न्याय माँगना अब गुनाह हो गया है?
अब हमारे साथियों को डराने-धमकाने और उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज करवाने का दबाव बनाया जा रहा है। यह बेहद निंदनीय है।
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूँ - डर, दबाव और धमकियों से NSUI की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। हम अपनी बहनों के सम्मान, अपने साथियों के न्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं।
न्याय की लड़ाई जारी रहेगी, अन्याय के सामने न झुकेंगे, न रुकेंगे! ✊
#NSUI #VoteChori #JusticeForStudents
वोट चोरी के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली NSUI की हमारी छात्राओं के साथ पुलिस की बर्बरता बेहद शर्मनाक है। आज अस्पताल में घायल हुई अपनी बहनों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी।
आख़िर कब तक छात्रों और छात्राओं की आवाज़ को लाठियों और ज़ुल्म से दबाओगे?
याद रखना, सत्ता के दम पर की गई यह बर्बरता न भूली जाएगी, न भुलाई जाएगी। हर चोट, हर ज़ुल्म का हिसाब लोकतंत्र में लिया जाएगा।
NSUI की हमारी छात्रा के साथ पुलिस ने जिस तरह का व्यवहार किया, वो बेहद शर्मनाक है।
इस वीडियो में देखिए, कैसे प्रदर्शन कर रही हमारी छात्रा के चेहरे पर वार किया गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
क्या यही इस देश में लोकतंत्र बचा है? अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाली एक छात्रा को इस तरह बर्बरता से पीटा जाएगा?
NDTV ने ऋचा पराशर के सामने असली वीडियो रख दिया, जिसमें राहुल गांधी भीड़ से भरे गलियारे में लोगों को रास्ता दिखाते और रास्ता साफ़ करवाते नज़र आ रहे हैं।
लेकिन ऋचा पराशर क्या कह रही है?
“मुझे Republic Bharat ने बताया था कि राहुल गांधी ने मुझे धक्का दिया।”
मतलब इस बेवकूफ को किसी ने बताया कि तुझे धक्का मारा है और उसने मान किया।
आरोप राहुल गांधी पर लगा दो...वाह...
वीडियो सामने है...
अगर किसी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो उनकी पुष्टि ठोस सबूतों से होनी चाहिए, किसी टीवी चैनल से मिली जानकारी के आधार पर नहीं।
इस देश का दुर्भाग्य है,
जनता के मुद्दों पर बहस करने के बजाय सिर्फ़ राहुल गांधी की छवि बिगाड़ने की कोशिशें की जाती हैं।
लेकिन सच को दबाने की हर कोशिश के सामने सबूत प्रोपेगेंडा की असलियत सामने ला रहे हैं
ऋचा पराशर से सवाल पूछे जाने चाहिए और BJP की घटिया राजनीति को भी जवाब देना चाहिए।
पत्रकारिता का काम सच दिखाना है, गोदी मीडिया का जब बुरा समय शुरू होगा, वो बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे।
#VijayShukla
सुप्रीम कोर्ट के वकील साहब जज से कह रहे हैं,
अपनी आवाज़ धीमी रखिए, क्योंकि देश जल रहा है, और उसके साथ-साथ वो न्याय व्यवस्था भी जल रही है, जिस पर देशवासियों को भरोसा होता है,
अब धीरे-धीरे अदालत और CJI से आम भारतीयों और वकीलों का भरोसा उठ चुका है।
लोकतंत्र मर रहा है |
अब लग रहा है कि जेन ज़ी लाखों की संख्या में दिल्ली आने वाले थे। इसलिए उन्हें रोकने के लिए ट्रेनें बंद हो रही हैं। मेट्रो स्टेशन बंद हो रहे हैं।
RWA के ज़रिए रोका जा रहा है। हमने तो लाखों ही लिखा है, हो सकता है सरकार करोड़ों में समझ रही हो। यह आंदोलन शुरू होने से पहले ही सफ़ल हो चुका है। जेन ज़ी को दिल्ली का आंदोलन समाप्त कर देना चाहिए। उनका मकसद पूरा हो गया। किसी और नए जगह की घोषणा करी चाहिए। इससे यह होगा कि देश भर से सुरक्षा बलों का जो काफिला दिल्ली लाया गया है, उन्हें तुरंत उस शहर की तरफ रवाना करना होगा, जब उस शहर पहुंच जाएं तो जेन ज़ी को तीसरे शहर की घोषणा कर देनी चाहिए। टॉम एंड जेरी की तरह भागा-भागी वाला फन आएगा। जेन ज़ी अगर ये कह दें कि आंदोलन दिल्ली में नहीं नागपुर में होगा तो दिल्ली आईं सारी सुरक्षा एजेंसियाँ नागपुर पहुंच जाएंगी। जेन ज़ी को आज मोदी सरकार से बहुत बड़ा सर्टिफिकेट मिल गया है। वो इंस्टा प्राणी नहीं हैं। वही असली इंडिया हैं। जिस जेन ज़ी को इंस्टाग्राम का वासी बता कर खारिज किया जा रहा था, सरकार को वही जेन ज़ी अक्खा इंडिया में नज़र आ रहे हैं। सरकार के पास वोट चोरी और SIR पर जवाब होता तो वह जवाब देती। उसने मान लिया कि वह अपने जवाबों से संतुष्ट नहीं कर पा रही है। इसलिए मेट्रो स्टेशन बंद करना पड़ेगा। ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ेगा। स्टेशन पर अनाउंसमेंट बदल देना चाहिए। टिंग टॉंग- यात्रीगण कृपया ध्यान दें, आपका वोट चोरी हो गया है। शिकायत के लिए कोई थाना उपलब्ध नहीं है। आपका लोकतंत्र लुट गया है। टिंग टॉंग।
जब विपक्ष को दिल्ली में प्रदर्शन करने नहीं दिया गया तो जेन ज़ी को कैसे मिलता। यह बात जेन ज़ी को समझना है। दोनों का मुद्दा एक ही है। अलग अलग मोर्चा होने के बाद भी सरकार दोनों को एक ही चश्मे से देख रही है। सरकार का यह कदम सभी को सोचने के लिए मजबूर करेगा कि अलग-अलग लड़ाई लड़ें या मिल कर लड़ें। गोदी ऐंकरों को आज कल स्पेक्टेकल बड़ा पसंद आ रहा है, वो अब बता सकते हैं कि यह जो हुआ है, वह किस स्केल का स्पेक्टेकल है, उसमें आने वाला कल है भी या जो बचा हुआ था वो कल हो चुका है।
Hello India.
We are under a State of Emergency.
The Government of India is at war with its own young citizens.
But remember, the young generation will prevail.
See you all in Delhi 10th October onwards. Jeetenge! ✊🏻🇮🇳🪳
@Cockroachisback