Computer Instructor (Department of Secondary Education Rajasthan), MCA, UGC NET in Computer Science,
Mentor at HSD TECH HUB, CSC VLE, Graphics Designer
यह नोट्स के नाम पर #वनवीक बेचकर कंप्यूटर अनुदेशक नहीं बना सकतें जितना कंटेंट पढ़ सकतें हो उतना कम है ✍️
यह कोई RSCIT लेवल का पेपर नहीं पिछली बार भी इन लोगो नें झूठे रजिस्ट्रेशन कर झूठी संख्या प्रसारित की इनके भरोसे मत बैठ जाना कोई IT बेरोजगार ✍️
#कंप्यूटर_अनुदेशक_भर्ती
BCI SCI के लगभग 4000 पदों का नोटिफिकेशन हमारी वेबसाइट पर अपलोड किया गया है, ऑनलाइन फॉर्म्स 25 मई से 23 जून तक भरे जाएंगे।
https://t.co/NK1nVHqtCh
कृपया सभी से ये मैसेज शेयर करें।
गंगानगर में पेट्रोल का आज का रेट 110.40 है। गंगानगर के लोगों को सब्सिडी की माँग करनी चाहिए। दूरी के आधार पर दाम बदलता है लेकिन
गंगानगर को सज़ा दूरी के कारण क्यों मिलनी चाहिए? दिल्ली वाले गंगानगर से कम दाम चुका रहे हैं।
#बड़ी_खबर
*शिक्षक हितों की अनवरत अनदेखी : शिक्षक आक्रोश होगा अब मुखर*
शिक्षा के मंदिरों में ज्ञान का दीप जलाने वाले शिक्षक आज स्वयं उपेक्षा, विसंगतियों और प्रशासनिक उदासीनता के अंधकार में खड़े हैं।
👉राजस्थान सेवा नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों के अवकाश में कटौती,
👉तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया वर्षों से पीड़ा का पर्याय बनना,
👉तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले इनके लिए दूर की कोड़ी बनना,
👉संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण में अनिश्चितता
👉पदोन्नत कार्मिकों की अव्यवस्थित काउंसलिंग, नियमों की निरंतर अनदेखी, रिक्त पदों को उचित रूप से नहीं खोलना,
👉BCI कैडर सुधार,
👉गैर शैक्षणिक कार्य,
👉असंख्य ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स
और बच्चों को पढ़ाने के अलावा सारे काम शिक्षकों से करवाने जैसे अनगिनत मुद्दों ने शिक्षक समाज को गहरे आक्रोश से भर दिया है।
इन्हीं ज्वलंत समस्याओं को लेकर
✊ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा)
आज दोपहर करेगा प्रेस वार्ता।
📍 समय: आज दोपहर 12 बजे ।
📍स्थान : पिंक सिटी प्रेस क्लब, जयपुर।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षक हितों की लगातार हो रही अनदेखी से क्षुब्ध महासंघ आज सरकार के विरुद्ध व्यापक आंदोलन की घोषणा भी कर सकता है।
यह केवल शिक्षकों की व्यथा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के भविष्य का प्रश्न है।
जब गुरु ही पीड़ित होगा, तो पीढ़ियों का निर्माण कैसे होगा?
🖋️*“शिक्षक की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, क्योंकि वही राष्ट्र के भविष्य की आवाज का निर्माणकर्ता है।”*
RGHS योजना कर्मचारियों के लिए रामबाण है अधिकतर परिवार बीमारी से बर्बाद होते हैं और यह योजना इस संकट में सबसे बड़ी संकट मोचन बनती है,,
सरकार को जल्द से जल्द इसका उपाय ढूंढ कर कर्मचारियों के साथ न्याय करना चाहिए।
प्राइवेट हॉस्पिटल वाले भी मनमानी करते हैं और हजार रुपए की गोली दवाई के ₹5000 लिख लेते हैं,,, एक कर्मचारी इस मजबूरी में नहीं बोलता क्योंकि यदि वह विरोध करेगा तो हॉस्पिटल वाले मना कर देंगे कि हम इस योजना के तहत नहीं देखते या आज के दिन की इतनी ही पर्ची है वो कट गई,,💔🙏
सरकार को एक नियम बना देना चाहिए कि किसी भी कर्मचारी को कोई भी अस्पताल इलाज के लिए मना नहीं करेगा, और कोई भी किसी भी प्रकार के इंजेक्शन टैबलेट वगैरा के लिए मना नहीं करेगा यदि ऐसा करता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा, तब ही यह भ्रष्टाचार मिटेगा क्योंकि कर्मचारी अपने आप को सेफ जोन में जब पाएगा तो वह भ्रष्टाचार होने ही नहीं देगा,,,, लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है कि एक कर्मचारी हॉस्पिटल जाता है तो उसको अपराधी की नजर से देखा जाता है जब वह यह बोलता है कि मेरे को RGHS के तहत दिखाना है, बल्कि सच्चाई यह है कि एक आम पेशेंट के ट्रीटमेंट के बजाय कर्मचारी के कार्ड से 10 गुना ज्यादा पैसे उठा लिए जाते हैं।
सरकार इस भ्रष्टाचार को मिटाएं और कर्मचारियों को हर वक्त इलाज के लिए आस्वस्त करें,,,,यही उम्मीद है।
@officialRGHS@RajCMO@JATbera1@GajendraKhimsar@RESMA_7
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
कॉलेज के स्टूडेंट्स को भीषण गर्मियों की 61 दिन की छुट्टी और स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों के लिए मात्र 35 दिन की छुट्टी।
ग्रीष्मकालीन छुट्टी छोटे-छोटे बच्चों को ज्यादा समस्या पैदा कर सकती हैं तुलनात्मक रूप से कॉलेज स्टूडेंट के फिर भी अवकाश नीति में सुधार नहीं।
#Jodhpur: मासूम बच्चों पर भी नजरें इनायत करो "सरकार" !
गर्मियों की छुट्टियों को लेकर विरोधाभास की स्थिति आ रही नजर, राजकीय कॉलेजों में 1 मई से ही ग्रीष्मावकाश कर...
#RajasthanWithFirstIndia@RajGovOfficial
अभी मात्र 30 मिनट हुए हैं और देश में टॉप फाइव में चल रहा है,,,, सभी से निवेदन है कि लगातार लिखते रहें, पूरे विश्व में नंबर एक पर आना चाहिए क्योंकि यह पीड़ा है उन कर्मचारियों की जिनके साथ गलत कर रहे हैं अस्पताल वाले 💔💔🙌🙌
#RGHS_कर्मचारियों_का_हक
#ग्रीष्मावकाश_कटौती_नहीं_चलेगी
शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा ग्रीष्मावकाश को 20 जून तक सीमित करने का निर्णय पूर्णतः अव्यवहारिक और असंवेदनशील प्रतीत होता है।
राजस्थान जैसे विषम भौगोलिक एवं जलवायु वाले राज्य में मई-जून के महीनों में भीषण गर्मी, लू, आंधी एवं हीटवेव का प्रकोप चरम पर होता है। ऐसी परिस्थितियों में 6 से 17 वर्ष तक के बच्चों को विद्यालय बुलाना उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण एवं अभावग्रस्त पृष्ठभूमि से आते हैं—
कई बच्चों के पास समुचित आवागमन सुविधा नहीं है
2–3 किलोमीटर तक पैदल चलकर विद्यालय पहुंचते हैं
पीने के पानी व अन्य आवश्यक संसाधनों का भी अभाव रहता है
ऐसे में यह निर्णय न केवल अव्यवहारिक बल्कि बच्चों के जीवन के लिए जोखिमपूर्ण है।
दूसरी ओर, शिक्षक वर्ग ने सदैव सरकार के निर्णयों का सम्मान करते हुए पूर्ण निष्ठा से कार्य किया है—
1 अप्रैल से सत्र प्रारंभ करने में सक्रिय योगदान
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में लगातार कार्य
चुनावी दायित्वों का निर्वहन
जनगणना एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में निरंतर सहभागिता
इसके बावजूद शिक्षकों के अवकाश में कटौती करना उनके अधिकारों का हनन है।
जबकि—
केंद्रीय विद्यालयों में लगभग 49 दिन
नवोदय विद्यालयों में लगभग 60 दिन
महाविद्यालयों में लगभग 60+ दिन का ग्रीष्मावकाश दिया जाता है
तो फिर राजस्थान में मात्र 35 दिन का अवकाश क्यों?
👉 हमारी मांग स्पष्ट हैं:
ग्रीष्मावकाश पूर्ववत 17 मई से 30 जून तक किया जाए
यदि इस निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार नहीं किया गया, तो शिक्षक संगठन एवं शिक्षक वर्ग एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से निवेदन है कि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करें।
@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@Rajendra4BJP@JATbera1@RESMA_7
@PRESIDENTBKN2@PathakBCI@RajCMO@madandilawar और जो छुट्टियां मिलती है उनमें अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है, प्रतियोगी परीक्षा ड्यूटी, शीतकालीन अवकाश में SIR कार्य में ड्यूटी, अब बचे खुचे ग्रीष्मकालीन अवकाश में जन गणना ड्यूटी
राजस्थान में सरकार ने टीचिंग एसोसिएट की भर्ती निकाली है। कॉलेज प्रोफेसर को 28 हजार 500 रुपए तनख्वाह की 5 साल संविदा नौकरी मिलेगी। इसका विरोध जारी है। सवाल बड़ा है शिक्षण संस्थानों में ठेके के मॉडल से, कैसे भविष्य का निर्माण होगा? युवाओं को रोजगार?
#शिक्षावीर_संविदा_भर्ती_बंद_करो