धरना-प्रदर्शन लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन दिल्ली को बार-बार बंधक बनाना नहीं। कुछ लोग देश की संसद और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव न बना सकें, इसके लिए स्थायी प्रदर्शन स्थल दिल्ली से बाहर बनाए जाएँ। इससे अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे और लोकतंत्र की गरिमा भी
@narendramodi
धरना-प्रदर्शन लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन दिल्ली को बार-बार बंधक बनाना नहीं। कुछ लोग देश की संसद और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव न बना सकें, इसके लिए स्थायी प्रदर्शन स्थल दिल्ली से बाहर बनाए जाएँ। इससे अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे और राष्ट्रीय संस्थानों की गरिमा भी
@AmitShahOffice
धरना-प्रदर्शन लोकतं��्र का अधिकार है, लेकिन दिल्ली को बार-बार बंधक बनाना नहीं। कुछ हज़ार लोग देश की संसद और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर दबाव न बना सकें, इसके लिए स्थायी प्रदर्शन स्थल दिल्ली से बाहर बनाए जाएँ। इससे अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे और राष्ट्रीय संस्थानों की गरिमा भी
@PMOIndia
आपका इस्लाम दुपट्टे से शुरू होकर दुपट्टे पर क्यों खत्म होता हे..?
आपने मुझे मेरी परमिशन के बिगर छुआ यही सिखाता ह��� इस्लाम आपक��..? किसी की भी मां बहन को हाथ लगाते हो
ख़ातून रिपोर्टर ने गजब धोया अब्दुल को
@MediaHarshVT मोदी जी स्वतंत्र भारत के सबसे कायर प्रधानमंत्री साबित हो रहें है एक निर्लज्ज सरकार जो घोर हिंदुत्व विरोधी है। उसे हटाने में इतना समय। पार्टी के कार्यकर्ता कीड़ों की तरह मारे गए इनकी घिग्घी ��ंधी रही।
आज इतना बड़ा कांड हो रहा यह बेशर्मों की तरह चुप बैठे है ।
@jpsin1 ममता सरेआम बकवास कर रही। कार्यकर्ता बंगाल में मर रहा 56 इंच की छाती में uff तक न हुई। केरल की सरकार विदेशमंत्री बना रही। और यहां 56 इंच की छाती में लगता है सूजन आई होगी तभी नाप लिए दर्जी।
@jpsin1 इससे अच्छी तो खांग्रेस थी बाबाजी को सलवार पहन के भगा दिया। हट फट्टू है और क��छ नही। सारा दिन मोदी मोदी करो अब हम बेइजत्ती करवा रहे लोगो से। काहे के मोदी जी बाबाजी लाख गुना बढ़िया है, कम से कम पीछे तो नही हटता। जो कह दिया सो के दिया।
फट्टू है और कुछ नही
@jpsin1 तो किसने मना किए था मोदी जी को
जिसे हम हिंदू शेर समझते थे, सबसे बड़े कायर निकले। हर जगह थूक कर चाट देते हैं। जब गांव में दम नहीं तो पंगा क्यों लेते है। मर्दानगी दिखाते 56 इंच की छात�� 56 cm की होगायी हम जैसे हिंदुत्ववादी जो छाती ठोक कर कहते थे मोदी झुकेगा नही मूत दिए हमारे मुंह पर