★भुत मर चुका है, वर्तमान मेरे सामने है और भविष्य गर्भ में पल रहा हैं।
– दिव्यांशु| Humanism | “विश्वचित् /स्वयंदर्शन” बनों
_ दिव्यांशु बुद्ध | ह्यूमनिज़्म |
हाय नवबौद्धों, मैं आप सभी को स्पष्ट कर देना चाहता हूँ। की जीवन सिर्फ तर्क-तथ्य पर घटित नहीं होती है। इसीलिए गुरु रविदास जी के विचार और उनके अनुयाई से उलझने का कोशिश ना करो। जिसने समझा वह झुक गए, जो नहीं समझा वह लौट गया।
जय विश्व गुरु संत रविदास 🙏 जय भीम 💙
@SonaSosa454
हाय नवबौद्धों, मैं आप सभी को स्पष्ट कर देना चाहता हूँ। की जीवन सिर्फ तर्क-तथ्य पर घटित नहीं होती है। इसीलिए गुरु रविदास जी के विचार और उनके अनुयाई से उलझने का कोशिश ना करो। जिसने समझा वह झुक गए, जो नहीं समझा वह लौट गया।
जय विश्व गुरु संत रविदास 🙏 जय भीम 💙
@SonaSosa454
@BouddhaNagaraj बताने के लिए धन्यवाद!! मैं फिलहाल पंथ वाले शब्दों पर कुछ ज्यादा नहीं कहूंगा। रविदास जी के अनुयाई और उनके भक्तों को किसी नए पथ की स्थापना करने या भंग करने की जरूरत नहीं है। बल्कि वह हर पंथ में गलत और सही को स्पष्ट करेंगे।