Shocked and horrified by the brazen threats to @ajeetbharti from a public platform. To single him out for his Brahmin identity and then to threaten to skin him alive, is unacceptable. The state must provide him adequate security immediately.
Stay safe, Ajeet. We stand with you.
Characteristics of a "only Allah can judge me" murtadni:
• dresses like a ho when young
• drinks, smokes & goes to clubs every night
• gets run through by countless non mus men
• has a 'change of heart' & becomes pious after getting older
• marries mus man & secures her bag
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री जी,
उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
विषय: पति व सास-ससुर द्वारा झूठी शिकायतें दर्ज कराकर घर से निकालने, दहेज/स्त्रीधन उत्पीड़न, गंभीर घरेलू हिंसा तथा थाना काकादेव पुलिस की निष्क्रियता के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि प्रार्थिनी विजयेता श्रीवास्तव, पत्नी शालिन श्रीवास्तव, निवासी: कानपुर नगर (ससुराल में विगत 10 वर्षों से स्थायी रूप से निवास कर रही है) अत्यंत पीड़ा व न्याय की आस में यह प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रही है। मेरे पति शालिन श्रीवास्तव, सास पुष्पा श्रीवास्तव तथा ससुर सुरेश श्रीवास्तव मुझे व मेरे नाबालिग बच्चे को अतिरिक्त दहेज न देने और स्त्रीधन न सौंपने के कारण घर से निकालकर पति की दूसरी शादी करवाना चाहते हैं, जिसके लिए मेरे बैंक खाते बंद करवाकर मुझे आर्थिक रूप से पंगु बना दिया गया है तथा शारीरिक, मानसिक व यौन उत्पीड़न किया जा रहा है। 12 अगस्त को पति चाकू लेकर मुझे जान से मारने आया था तथा 10 सितंबर को बच्चे की ट्यूशन अध्यापिका व घरेलू सहायिका सुमन के समक्ष पति और सास ने मेरे हाथ पकड़कर घर से निकाला, तलाक की धमकी दी और भारी प्रिंटर उठाकर मुझे मारने का प्रयास किया। पति द्वारा मुझे निरंतर 'मोटी' कहकर बॉडी शेमिंग की जाती है, बच्चे की एक आंख न होने के कारण प्रताड़ित किया जाता है, पति घर न रहकर होटलों में समय बिताता है, कॉल नहीं उठाता तथा बाहरी व अनजान व्यक्तियों से गंदे फोन करवाकर धमकियां दिलवाता है। ससुराल पक्ष अपने अधिवक्ता नातेदार (राजकुमार नशित श्रीवास्तव, हाईकोर्ट) के साथ मिलकर कानून का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं; सास-ससुर वरिष्ठ नागरिकता का नाजायज फायदा उठाकर मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं तथा मेरे कानपुर स्थित ससुराल में रहने के बावजूद धारा 9 व अन्य मुकदमों के नोटिस जानबूझकर मेरे लखनऊ (मायके) के बंद पड़े मकान के पते पर भिजवा रहे हैं ताकि मुझे विधिक प्रक्रिया से वंचित रखा जा सके।
इस गंभीर उत्पीड़न के संबंध में मैंने पूर्व में आई.जी.आर.एस. (IGRS) पोर्टल पर संख्यावार निम्नलिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं:
* शिकायत संख्या 40016426111357
* शिकायत संख्या 40016426116787
* शिकायत संख्या 40016426117319
शिकायत संख्या 40016426121525
इसके अतिरिक्त, मैंने थाना काकादेव में दिनांक 11 अक्टूबर 2026 को प्रार्थना पत्र दिया तथा दिनांक 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को पुलिस आयुक्त (कमिशन्रेट कार्यालय) कानपुर नगर में शिकायत दर्ज कराई, परंतु थाना काकादेव पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्यवाही न कर केवल टालमटोल किया जा रहा है।
अतः आपसे नम्र निवेदन है कि थाना काकादेव पुलिस को मेरी व मेरे बच्चे की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दोषियों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न, स्त्रीधन छिनैती व घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज करने तथा ससुराल पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई झूठी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कानूनी कार्यवाही करने का आदेश प्रदान करने की कृपा करें।
प्रार्थिनी: विजयेता श्रीवास्तव
कानपुर नगर - 208005
दिनांक: 17 अक्टूबर 2026
Pati ki harkat ka 1 sample video ki mujhe kaise pratadit kiya ja raha hai cctv ke samne..cctv band karke mujh pe aur bacche pe roz physical abuse aur jaan se Marne ki koshish kari ja rahi hai aur isme saas sasur bhi shamil rahte hai
भूमिहार इतने 'शांतिप्रिय' हैं कि बाबा ब्रह्मेश्वर के रास्ते पर चलकर रातों-रात पूरे के पूरे गांव में 'शांति' स्थापित कर देते हैं—ऐसी शांति कि फिर कोई आवाज़ ही नहीं आती! 🤫
फिर भी बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक, हर किसी को भूमिहार से दिक्कत है। गज़ब विडंबना है भाई!
मेरी माँ जो मजदूरी करके 4 पैसे कमाती है मेरा बाप जुआ खेल के वो पैसे उड़ा देता है और अब जब मैं कुछ कमाने लगा हूँ तो मेरे से सारे पैसे छीन के उनकी शराब पी लेता है।ये बात किसी दिन मेरा बेटा बोलेगा 🥺