आस्था, भावना, राजनीति तुम कहाँ हो ? हर दिन ऐसी ख़बर कहीं से आ जाती है। क्या मर्द इतने ख़तरनाक हो चुके हैं ? यह तो भयावह संकट है। सेना के अफ़सरों पर अपराधी हावी हो गए ? सेनाध्यक्ष कहाँ हैं? कोई लड़की सेना के अफ़सरों के साथ सुरक्षित नहीं है तो फिर कहाँ होगी ?
Shaheed Jaswant Singh Khalra, a human rights activist, uncovered 25,000 illegal Sikh killings by Punjab police,including the killing of 2,000 of their own officers who refused to cooperate. He was abducted and murdered in 1995 by police.
हरियाणा में किसानों ने टाइम से फसल बीमा का प्रीमियम भर दिया, फिर सरकार नया पोर्टल ले आई, जो चला ही नहीं, जिसके चलते किसानों का बीमा नहीं हुआ, जब किसानों ने टाइम से प्रीमियम भरा तो सरकार की नाकामी का खामियाजा किसान क्यों भरे, अगर फसल खराब हुई तो किसान तो मर जायेगा,कौन नुकसान भरेगा
Another Day, Another Sh00ting: 3 Youths K!lled, 50 Rounds Fired
Punjab has turned into a fortress for g@ngsters & criminals. It's now possible to order a hit as easily as ordering food from Zomato...just pay up & get the job done.
Today in Ferozepur, 50 rounds were fired at a car, killing 3 members of the same family, 2 boys & a girl who were on their way to visit relatives. The girl was set to be married in just 10 days. 2 others were severely injured and are now in the hospital.
Every day, we hear about kill!ngs, rans0m demands,g@ng wars & kidnappings. CM @BhagwantMann govt. only offers lip service without real action.
No one feels safe in Punjab anymore. It feels like the dark times have returned again.
#Punjab #LawAndOrder #ShootOut
सिक्योरिटी चेक करवाना मिडिल क्लास के लिए इबादत है!
15 अगस्त और 26 जनवरी के सप्ताह भर पहले दिल्ली मेट्रो में दो बार सिक्योरिटी चेक होता है, पैंट के आगे, पीछे और कमीज़ की जेब सिक्योरिटी वाला शरीर के अंगों को दबा दबा कर चेक करता है.
और दिल्ली का मिडिल क्लास खुशी खुशी बाहें फैला कर श्रद्धाभाव में आंखे बंद करके सब कुछ चेक करवाता है.
दिल्ली के हवाई अड्डे में तो आजकल घंटों लगते हैं सिक्योरिटी क्लियरेंस में. मजाल है मिडिल क्लास चूं भी कर दे. सिक्योरिटी काउंटर पर पहुंचते ही जूते बेल्ट किसी रोबोट की तरह सब उतारने लगता है.
करना तो मुझे भी पड़ता है ये सब, विकल्प ही क्या है लेकिन प्रोटेस्ट भी करता हूं. कभी कभी एयरपोर्ट में मैनुअल भी निकलवा लेता हूं – बहुत से समान उसमे अलाउड होते हैं लेकिन सिक्योरिटी वाले अपने कम आई क्यू दिमाग का इस्तेमाल करके रोक देते हैं.
जो कुछ भी ठुल्ले ने अपने जीवन में नहीं देखा उसको वो बम मान लेता है. मेरे सिगरेट केस के साथ यही होता है.
एक बार हवाई जहाज में बोर्डिंग के पहले एयरलाइंस स्टाफ ने एक महिला की अटैची खुलवा ली. लाइन में मैं उनके पीछे ही था और जम कर विरोध किया.
जब समान एक्स रे और सिक्योरिटी स्टाफ से चेक होकर आया तब फिर इसका क्या मतलब है, उसको कहा कि आपके पास न अधिकार और न ही ट्रेनिंग है सिक्योरिटी की फिर अटैची क्यों खुलवाई?
मेरे इर्द गिर्द जो मिडिल क्लास था उसे एयरलाइंस स्टाफ की बदतमीज़ी से नहीं मेरे प्रोटेस्ट से दिक्कत हो रही थी. कई आंखें मुझे ही घूर रही थीं कि जब महिला चुपाचाप अटैची खोल रही है तो मैं विरोध क्यों कर रहा हूं.
मिडिल क्लास देश का सबसे बेगैरत नागरिक है जो आसानी से अपने अधिकार सरेंडर करता है.
इस देश में किसान और मज़दूर को ही डेमोक्रेसी का मतलब पता है.
मिडिल क्लास तो ठुल्ले को भगवान मानता है. सिक्योरिटी के नाम पर इसे मुर्गा भी बना दें तो ये बनेगा.
- वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन कहिन
@PrashantTandy
पीतल को सोना बताकर बेचने को क्या कहेंगे?
फ्राड? बेईमानी, चोरी?
10 रु की चीज को दस करोड़ का बताकर, बैंक में गिरवी रखके, करोड़ो कर्ज लेने वाले को क्या कहेंगे?
हिंडनबर्ग यही बता रहा है।
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जब शेयर मार्केट में किसी शेयर के दाम नकली रूप से बढ़ाये जाते है, तो आम इन्वेस्टर के फायदे के लिए नही बढ़ाये जाते।
क्योकि कम्पनी के 25 शेयर मार्केट में है, तो 75 मालिक के पास। अगर बाजार में 25 शेयर का मूल्य सौ गुना हो जाये, तो 75 शेयर का मूल्य भी सौ गुना हो जायेगा।
तो प्राइज बढ़ने से इन्वेस्टर की कम, मालिक की वेल्थ ज्यादा बढ़ती है।
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यह वेल्थ है- शेयर
और ये शेयर है- महज एक कागज
जो कल बाजार में 10 रु का था, आज 10 करोड़ का दिख रहा है। तो मालिक अपने शेयर गिरवी रखकर, 10 करोड़ के असली नोट उठा सकते हैं।
तो ये यह हुआ, पीतल को सोना बताकर बेचने का फ्रॉड।
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और इस फ्रॉड को पकड़ कर, सजा दिलाने की जिम्मेदारी जिस संस्था की थी, उसकी कर्ता धर्ता खुद ही इस फ्रॉड में शामिल है..
जो फंड इन शेयरों की कीमत नकली रूप से बढा रहा था, उस फंड में इनका भी पैसा लगा है।
यह बात हिण्डन बर्ग की नई रिपोर्ट कह रही है।
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हिंडनबर्ग अपनी रिपोर्ट, पब्लिक डोमेन में मौजूद दस्तावेजों की पड़ताल करके देता है।
याने जो रिपोर्ट कम्पनियां खुद ROC के देते है। वेबसाइट में डालते है, या अन्य फर्मों से आदान प्रदान करते हैं।
ऐसे में उसके आंकड़े अकाट्य है। कम्पनियों द्वारा स्व-स्वीकार्य हैं। उसकी रिपोर्ट के डिनायल का मतलब यह है कि वो खुद ही अपनी रिपोर्ट डिनाय कर रहे हैं।
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हिन्डनबर्ग से बचाव के लिए इसके खिलाफ बोली जाने वाली मूर्खतापूर्ण बाते कुछ इस तरह की हैं...
1- यह विदेशी संस्था है। अमेरिकी है, सीआईए है, एलियन है, दुष्ट भारत से जलता है।
जवाब- उस सब मान लिया। आंकड़े सच है, या झूठ, आप वो बताओ। सच, देशी या विदेशी नही होता।
और अगर झूठ है, तो कम्पनी खुद झूठ बोल रही है। आखिर उसी के आंकड़े, और जानकारी तो कोट की जा रही है।
2- हिन्दनबर्ग ऐसी रिपोर्ट के बाद शार्ट सेल करता है, पैसे कमाता है।
जवाब- स्मगलिंग की सूचना देकर माल पकड़वाने वाले को 10% इनाम मिलता है। अब सूचना देने वाला इनाम के लालच में करता है, या देशप्रेम से ओत प्रोत होकर, यह बात बकवास है।
पुलिस को अब स्मगलर को पकड़ना चाहिए , की सूचना देने वाले को ही लालची होने का इल्जाम लगाकर खारिज कर दोगे??
2- ये देश की अर्थव्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश है।
जवाब -ये बात 100% सच है। अडानी इज इंडिया, इंडिया इज अडानी। उसके शेयर गिरने से देश एकदम बर्बाद हो जाएगा।
क्योकि वह जबरन शेयर के दाम बढ़ाकर, बढ़े दाम पर गिरवी रख के, अरबो करोड़ लोन लेता है, इसी से तो हमारी अर्थव्यवस्था चल रही है।
वर्ना बाकी तो भड्ड है। कर्जा आकाश पर खड़ा है, रुपया पाताल में। बस अडानी ही अर्थव्यवस्था है। देश के बाकी 140 करोड़ नागरिक, लाखो फैक्ट्री, व्यापारी, कर्मचारी और 10 लाख कम्पनियां तो बस घुइयां छील रही हैं।
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जो लोग बात बात पर कहते है, की फलाना खदान बिक रही है, खरीद लो, वरना न कहना कि अडानी ने खरीद लिया..
उनसे अनुरोध है कि पीतल जैसे शेयर को सोना बताकर, गिरवी रखवाकर दो चार लाख करोड़ का असली नोट मुझे भी दिलवा दो। सेबी से संरक्षण भी दिलवा दो।
फिर रेल, भेल, तेल, जेल सब खरीद लूंगा, और तुमको एक हजार करोड़ कमीशन भी दे दूंगा।
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दरअसल मोदी और हिंदुत्व की रक्षा करते करते ये बनबूचड़ों की जमात, कब अडानी के पन्ना प्रमुख बन गए, इन्हें पता ही न चला।
देश के प्रमुख पदों पर चाटुकार, बेईमान, इंकम्पेटेंट और धूर्त लोग बिठाये गए हैं। एक अलग ही धूर्त लोक बना दिया गया है, जो आपस एक दूसरे के काले कारनामो का पालन पोषण करते हैं।
और भाजपा-आरएसएस, ट्रोल और तमाम इनके टूलकिट, इस धूर्तलोक के सुरक्षाकर्मी बन गए हैं।
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क्या केशव बलिराम हेडगेवार ने सोचा होगा, कि वो सारा मन्त्र, यंत्र और तंत्र जो बना रहे हैं, वह सौ साल बाद बस, एक आदमी की गुलामी कर जेब भरने का सिस्टम बन जायेगा।
और वो सावरकर, जो 60 रुपये के लिए पूरी नेकनामी मिट्टी में मिला लिए। सोने के भाव पीतल बेचने वाले को देख कब्र में कितना उलटते पुलटते होंगे।
क्योकि ये दो चेहरे, आरएसएस नाम के वृक्ष का सबसे मीठा फल हैं।
🤔
माधवी ने LTCG कितना भरा था ? हम लोग दो दो रुपये के हिसाब के लिए डरे रहते हैं यहाँ भाई लोग समंदर पार हो जा रहे हैं, हम इसी किनारे और ये लोग उस पार ‘दियरा’ में पैसा लगा कर बना रहा है ? हे ईश्वर सभी को भ्रष्ट होने की शक्ति दो ताकि हर नागरिक को सुखी होने का अवसर मिले ।
Proposed Immediate Rule Changes for UWW:
1.) 1kg second Day Weight Allowance.
2.) Weigh-ins pushed from 8:30am to 10:30am.
3.) Forfeit will occur in future finals if opposing finalist misses weight.
4.) After a semifinal victory, both finalists’ medals are secured even if weight is missed on Day 2. Gold can only be won by a wrestler who makes weight on the second day.
5.) Give Vinesh the Silver medal.
देख रहे हो मोदी जी, गुजरात के गांधीनगर में परमानेंट शिक्षक की मांग कर रहे TET बेरोजगार युवाओं के साथ कैसे पुलिस प्रशासन बदसलूकी कर रहा है। बीजेपी सरकार का "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" का नारा सिर्फ़ जुमला है? शर्मनाक। #gujarat_Want_Permanent_Teachers
#बीजेपी के गुंडे #गोदी_मीडिया को दिखाई नहीं दे रहे हैं❓
125 दिन से किसान सर्दियों, गर्मी और तूफान में सरकार ने सड़कों पर बैठाया है मगर कहिं एक भी सरकारी संपत्ति या प्राइवेट को हाथ तक नहीं लगाया तब भी सारे देश का मीडिया आतंकवादी बोलता है।
सिर्फ़ दो पीढ़ी और लगेंगी आपकी जमीन छीनने में , उसके बाद करंसी ध्वस्त कर दी जाएगी । जमीन रहेगी ना पैसा ।
एक चे ग्वेरा जरूर पैदा होगा ,
चे गुवेरा उनका नाम नहीं था।
नाम अर्नेस्टो गुवेरा था। चे तो लोग उसे प्यार से कहते थे।
चे का मतलब होता है - भाई
BIG BREAKING 🚨
30 से 32 लाख रुपए में पेपर लीक किया गया, परीक्षा से एक दिन पहले बच्चों को पेपर रटवाया गया
ये सारी बातें पेपर लीक के आरोपी ने कबूल की हैं, लेकिन मोदी सरकार के मंत्री मानने को तैयार ही नहीं कि पेपर लीक हुआ है।
देश के 24 लाख बच्चों के साथ अन्याय हुआ, जिसके लिए सिर्फ मोदी सरकार जिम्मेदार है। ABP News
टेलीकॉम कंपनियों से मेरे सवाल-
●पैसा 5G का तो स्पीड 2G की क्यों?
●महीना 30 दिन का तो आपका माह 28 दिन का क्यों?
●जब सिम कार्ड लाइफटाइम का दिया तो हर माह इनकमिंग बंद क्यों?
●प्रीपेड रिचार्ज के इतने दाम बढ़ाकर क्या @TRAI के नियम का उल्लंघन नहीं किया?
@airtelindia@reliancejio