बचपन में जिनकी तस्वीरें काट-काटकर रखते थे, वो सब गद्दार निकले। स्क्रीन पर जिन्हें बुरे काम करते हुए देखकर घृणा करते थे, वो असली देशभक्त निकले।
प्राण और प्रेम चोपड़ा से लेकर रंजीत, अमरीश पुरी और अब मुकेश ऋषि तक - सब दिल के अच्छे रहे।
Heroes कहाँ हैं?
"गीदड़ों के झुंड के बीच एक अकेला शेर हार जाएगा ...."
सीज़-फायर होने की खबर से मैं बहुत ग़ुस्से में था।
मन कर रहा था कि पाकिस्तान को अभी के अभी मिट्टी में मिला दिया जाए, उन्हें पाताल तक घुस कर मारा जाए।
लेकिन 1 दिन जब ठंडे दिमाग से सोचा कि ऐसी क्या मजबूरी होगी ? भारत की कूटनीति, भविष्य, अर्थव्यवस्था और सीमाओं पर खड़े लाखों जवानों को ध्यान में रखा, अपने दुश्मन देशों का रुख देखा तो एक अलग दृष्टिकोण भी बना।
शेष आगे कमेंट बॉक्स में जरूर पढ़े ।
जो यह कह रहे की भारत ने क्या हासिल किया। भाई या तो तुम नासमझ हो या मे बेवकुफ। कंधार विमान हाइजैक का सरगना गया। आतंकी मसुद अजहर का भाई, साला, परिवार तक को हुर्रे नसीब नही हुई, जो गीडगीडा रहा था की मे भी मर जाता तो अच्छा था। पाकिस्तान मे 10 एयरबेस मे घर मे बैठे बेठे नुकसान पहुंचाना कम था??
भारत ने वार की घोषणा नही की थी ये समझना जरूरी है। अगर वार की घोषणा होती तो अभी तक भारत को भी कितना नुकसान होता। हम सिर्फ ट्वीटर फेसबुक के वारियर्स बनकर सरकार की आलोचना कर सकते है या फैसले का सम्मान।
देश के बोर्डर इलाको पर अपने लोग सिक्ख या कोई भी हिन्दु थे अपने मर रहे थे क्योकी नापाक हरकतो का गोल्ड मेडल पाकिस्तान को स्वतंत्रता के बाद से मिला हुआ है। मगर सरकार को हम देशवासीयो की सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी होती है।
आप लोगो को यह नही दिखा की जम्मु मे जो हमला किया गुरूद्वारे पर उसमे उन मासुम बच्चो की क्या गलती थी?? एक बच्चे के सर के छिथडे उड गये थे। अपने गुस्से को काबु मे करना सिखे। आप ही की तरह मे भी गुस्से मे था मगर बहुत सी चीजो के जवाब खुद से सोचकर पाऐ मैने। आप भी दिमाग लगाकर सोचिए राष्ट्र हित के बारे मे। जवाब आपको भी मिल जाऐंगे।
कोई सवाल हो तो टेग करे और पुछ ले जवाब दुंगा। धन्यवाद।
स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी पर यह तथ्यात्मक सत्य सुन गाली बाज़ प्रवक्ता और चमचा गैंग के दिल में आग लगने वाली है।
वैसे चमचा गैंग इतनी जल्दीबाजी न करता तो अच्छा रहता… ख़ैर…. Indira Gandhi जी को प्रणाम
क्या आपको पाकिस्तान की अंदरूनी स्थिति पता है?
क्या आप जानते है की इमरान के मरने की खबर अगर सच निकली तो पाकिस्तान में क्या होगा ?
क्या आप जानते है की बलूच ओर अफगान बॉर्डर पर एक्च्युलि में क्या स्थिति है ?
क्या आपको पता है कि पाकिस्तान को इस तीन दिन की लड़ाई में कितना नुकसान हुआ है?
क्या आप जानते है की इस लड़ाई में कितने पाकिस्तानी फौजी मरे है ?
ओर
क्या आपको पता है कि पाकिस्तान इस सीजफायर को 12 तारीख तक कंटीन्यू रख पाएगा?
धैर्य रखिए
सरकार के पास हम सब से अधिक सूचनाएं है ओर हम सब से बेहतर डिसीजन मेकर है और ऐसा युद्ध विराम तो इजराइल ओर फिलिस्तीन का हर दूसरे दिन होता है तो अभी धैर्य रखे
जयहिंद
हम हमेशा आतंकवाद से पीड़ित रहे हैं,
हमने इससे निपटने के लिए हर तौर तरीके अपना लिए ,
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर , द्विपक्षीय स्तर पर लेकिन कोई हल नहीं निकला ,
और हर बार हमारी पीठ पर छूरा भोंका गया है ,
इसलिए देश को आतंकवादियों को मार गिराने का पूरा अधिकार है,
नो वार और de esclate जैसी बातें करने वालों से मै पूछना चाहता हूं कि हमारे पास इस समस्या का क्या हल है ? कब तक हमारे लोग मरते रहेंगे ?
हम बॉर्डर पर कितना भी एक्टिव रहे लेकिन दुश्मनों को हमेशा सिर्फ एक मौके की तलाश रहती है,
आप वही लोग हैं जो गला फाड़ फाड़ कर सरकार से जवाब मांग रहे थे लेकिन जब हम उस दिशा में काम कर रहे हैं ,तो आप लोगों ने नई नौटंकी चालू कर दी ?
इस देश की सेना पर हमको पूरा भरोसा है कि हम ये करने में कामयाब जरूर होंगे और अब जवाब देना बेहद जरूरी है , इस देश के लिए इस देश में पैदा होने वाले हर बच्चे को पता होना चाहिए कि ये देश सिर्फ बुद्ध और गांधी का नहीं है ये देश समय आने पर बदला लेना भी जानता है।🔥
जो लोग वॉर रुकवा दी पा पा कहकर प्रधानमंत्री पर तंज कसते थे
वो आज अपने असली पापा “पाकिस्तान के लिए भीख माँग रहे हैं
2005- 62 मौत
2005- 209 मौत
2008- 166 मौत
शांति वार्ता करके क्या उखाड़ा हमने ?
अब तुम्हारे असली पापा की ठुकाई होगी
लिखते रहो - De-escalate
अभिनेत्री फलक नाज को सुना जाना चाहिए...
देश का बहुसंख्यक हिंदू समाज देश के मुस्लिम समाज पर भरोसा क्यों नहीं करता है? ये फलक नाज ने बताया है. ये फलक का अपना अनुभव है
इसके बाद मजहबी चरमपंथी और अर्बन नक्सली Falaq Naaz की डिजिटल लिंचिंग कर रहे हैं
https://t.co/CdMREHjSZw
मुंबई में पाकिस्तान का झंडा जलाने पर मुस्लिम इतने आहत हो गए
उन्होंने झंडा जलाने वाले को कूट दिया, फिर कहते है हम पर शक मत करो
अरे जब घर में ही एक पाकिस्तान बैठा है तो बाहर वाले पाकिस्तान से कैसे लड़ोगे
पहले इनका इलाज करना तो सीख लो बाद में बाहर वालो को देख लेंगे
आने वाले 10 साल में पंजाब में ऐसी लड़ाई होगी,
पंजाब या तो इस्लामिक स्टेट बन जाएगा,
या फिर पंजाब ईसाई स्टेट बन जाएगा,
लड़ाई बाहर के लोगों से नहीं है, लड़ाई अंदर बैठे कुछ लोगों से है,
आप लोग तैयार रहो, आप तो उस देश के साथ बॉर्डर शेयर करते हो जो देश हमेशा आपको खाने की फिराक में बैठा है!
: पंजाब का एक युवक
बिकाऊ और बाजारू औरतों के बयान तो आप सबने सुन रखे है जो कश्मीर के लोगों को आवभगत के कसीदे करती नहीं थक रहीं थी
अब इस देशभक्त के विचार भी सुन लो। अन्त तक सुनना। असलियत पता चलेगी मगरमच्छ के आँसू गिराने वाले कश्मीरी मुसलमानों की।
पहला - गोली चलाता है।
दूसरा -मोमबत्ती जलाकर ड्रामा करता है।
तीसरा - लिखता है, "आतंक का कोई धर्म नहीं होता।"
चौथा - सोशल मीडिया पर कहता है, "सब मोदी की गलती है।"
यही है आतंकी और सेकुलरिज्म का इकोसिस्टम !
ये सब लोकल कश्मीरी हैं,
इन्होंने आतंकियों की मदद की थी,
खुफिया एजेंसियों ने ये सूची जारी करी है :
मोहम्मद आदिल रहमान डेन्टू (21)
मोहम्मद आसिफ अहमद शेख (28)
मोहम्मद अहसान अहमद शेख (23)
मोहम्मद हारिस नजीर (20)
मोहम्मद आमिर नजीर वानी (20)
मोहम्मद यावर अहमद भट
मोहम्मद आसिफ अहमद खांडे (24)
मोहम्मद नसीर अहमद वानी (21)
मोहम्मद शाहिद अहमद कुटे (27)
मोहम्मद आमिर अहमद डार
मोहम्मद अदनान सफी डार
मोहम्मद जुबैर अहमद वानी (39)
मोहम्मद हारून राशिद गनई (32)
मोहम्मद जाकिर अहमद गनी (29)
मिहिर सोनी ने बताई
कश्मीरियत की हकीकत 🖐️
जब हमला हुआ तो ऐसा लगा मानो घोड़े वाले भागने को पहले से तैयार थे, पहली गोली चलते ही सभी घोड़े वाले भाग गए
जब हम जान बचाकर आगे पंहुचे तो
घोड़े वाले 400 के 4000 रूपये मांगने लगे
हमने कहा भैया ऐसा क्यों तो बोले या पैसा देख लो या जान..
ये है कश्मीरियत की हकीकत ✍️