पुण्यतिथि विशेष 💐🙏
मातृभूमि को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने में
अग्रणी भूमिका निभाने वाले पूर्व राष्ट्रपति एवं विश्व विख्यात वैज्ञानिक डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।💐🙏
सूरज की आंच में अंग – प्रत्यंग को सेकता हूं (जो, हमारे गांव में लोग बांस की झाड़ियों में या खुले मैदान में – मुक्तकच्छ होकर निबटते हैं न.)। झमाझम बरखा में दौड़ – दौड़कर नहाता हूं। कमर – भर कीचड़ में घुसकर पुरइन (कमल) और कोका (कोकनद) के फूल लोढ़ता हूं।
-फणीश्वर नाथ रेणु
"मैं हर दूसरे या तीसरे महीने शहर से भागकर अपने गांव चला जाता हूं। जहां मैं घुटने से ऊपर धोती या तहमद उठा कर – फटी गंजी पहने – गांव की गलियों में, खेतों – मैदानों में घूमता रहता हूं। मुखौटा उतारकर ताजा हवा अपने रोगग्रस्त फेफड़ों में भरता हूं।
----------
"जीवन प्यारा है कि नहीं यही कसौटी है कि उसे बिना किसी खेद के लुटा दिया जाए, क्योंकि विराट प्रेम मौन ही हो सकता है, जो अपना प्यार कर सकता है उनका प्यार ओछा है.......!"
"सौन्दर्य कुछ नहीं है अगर वह शक्ति नहीं है ,प्रेरणा नहीं है........!
प्रिय!……. लिखकर!
नीचे लिख दूँ नाम तुम्हारा!
कुछ जगह बीच मे छोड़
नीचे लिख दूँ सदा तुम्हारा!!
लिखा बीच मे क्या? ये तुमको पढ़ना है!
कागज़ पर मन की भाषा का अर्थ समझना है!
जो भी अर्थ निकलोगी तुम वो मुझको स्वीकार....मौन अधर..
कोरा कागज़ अर्थ सभी का प्यार!!
@ranaashutosh10@renukash
तुम अपना रंज-ओ-ग़म अपनी परेशानी मुझे दे दो
तुम्हें ग़म की क़सम इस दिल की वीरानी मुझे दे दो
वो दिल जो मैं ने माँगा था मगर ग़ैरों ने पाया है
बड़ी शय है अगर उस की पशेमानी मुझे दे दो।।
-साहिर लुधियानवी
"वेदना में एक शक्ति है जो दृष्टि देती है,जो यातना में है वह दृष्टा हो सकता है "।
"क्रांतिकारी अंततोगत्वा एक प्रकार के नियतिवादी होते हैं, लेकिन यह नियतिवाद उन्हें अक्षम और निकम्मा बनाने वाला भाग्यवाद नहीं होता। "
-अज्ञेय (शेखर : एक जीवनी)
भक्ति,शक्ति,युक्ति,मुक्ति के दाता, बल बुद्धि विद्या विवेक के स्वामी श्री हनुमान जी महाराज के श्रीचरणों में बारम्बार प्रणाम करते हुए प्रार्थना करता हूँ कि हे दयानिधि आप हम अकिंचनों के सभी पापों को क्षमा करते हुए समस्त चराचर जगत का कल्याण करें। 💐🙏 https://t.co/TRDv8MBvDN