. @Wangchuk66 जी ने सिर्फ़ एक अनशन नहीं किया
उन्होंने देश को लोकतंत्र और अहिंसा की ताकत याद दिलाई।
यह दिखाया कि बिना गाली,
बिना हिंसा, बिना भड़काऊ भाषा के भी गलत के खिलाफ़ डटा जा सकता है।
उन्होंने सत्ता को भी एक संदेश दिया है,
जनता की आवाज़ सुनिए।
क्योंकि जनमत में ही सत्ता का हित छिपा होता है।
और देश को यह भी सिखाया कि
जब आवाज़ सच और जनहित के लिए उठती है!
तो उसके साथ खड़े होने वाले अपने आप जुड़ते चले जाते हैं।
यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।.....
यही कहलाता है लोकतंत्र।
This young man is an uncut diamond that deserves a future.
The Cockroach Janata Party should enlist diamonds like him as members if they really want to go far with their movement and change India’s destiny.
If not, some rich NGO or a corporate CSR department should rehabilitate him by providing an interest-free loan and helping him set up a small business.
His name is Mohammad Irfan. He lives in a broken 12 sq yd 1-room slum (with tarpaulin roof) with his parents and two sisters in Delhi’s Laxmi Nagar.
For his livelihood, along with his father, he sells ice slabs as a roadside vendor.
He cannot write, he never went to school, and all his education is acquired by asking questions to Google several hours a day.
From the Preamble to the Indian Constitution (Hindi version) to Urdu Shayar Ahmed Faraz and Kavi Gopal Das Neeraj’s poetry to legal rights of workers and minimum wage & hour laws in India, his knowledge is 10x more than the average brainwashed WhatsApp University uncles of India.
In the video, Irfan emphasizes on “garima” (dignity). The Preamble to the Constitution explicitly states: “assuring the dignity of the individual,” irrespective of their caste, religion, education, or economic status.
Irfan was discovered by The Lallantop’s brilliant journalist Rajat Pandey @RajatpandeyJF during recent student protests at Jantar Mantar. That’s real journalism India needs instead of the shameless mainstream media that is digging India’s grave.
Rajat can provide the phone number and address of Irfan to anyone interested in supporting him.
Spare 20 minutes of your time this Sunday to watch this YouTube video:
https://t.co/fDFk8umLMb
जब सत्ता के अपने सहयोगी भी "तानाशाही" जैसे शब्द इस्तेमाल करने लगे l
तो इतना तो समझ लेना चाहिए कि कहीं न कहीं देश में संवाद की कमी है।
PM ने #Neetpaper लीक के बाद संवाद किया होता तो शायद इतने बच्चे नहीं दुनिया से जाते ।
दुख है, कि आज
संवाद आख़िरी में याद आता है।
पहले विरोध को रोको,
सख्ती दिखाओ,
पहले कानूनी कार्रवाई और कड़ी चेतावनी की बातें करो ........
और जब हालात बिगड़ जाएँ,
तब संवाद की याद आए।
लोकतंत्र में संवाद पहला रास्ता होना चाहिए।.
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
#Media की बची-खुची Credibility भी इस बात के साथ खत्म हो जाती है
कि ये कल बता रहे थे कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होगा...
और मैंने ये कल रात को ही कह दिया था कि अगर इन्होंने कहा ही है कि इस्तीफा नहीं होगा तो ये इस्तीफा जरूर होगा...
इस इस्तीफे ने हम सबको लोकतंत्र का एहसास कराया है।
और अब सरकार से ये विनती है कि वो एक कमेटी बनाए जो Protest का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों से भी मिले, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पेपर व्यवस्था में हो रही छोटी-बड़ी खामियों पर चर्चा करके उनका समाधान तुरंत निकाला जा सके...
जड़ से इस Paper leak उद्योग को खत्म किया जा सके
#paperleak #dharmendrapradhan
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACY
direct democracy... straight from the streets.
It's a victory of peace, patience & persévérance.
Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.
FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS
सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार पत्रकारों को सलाम!
पुलिस की मार देख ली,Meme देख लिया। ये भी देखिए हमारे देश के बच्चे सड़कों पर सो रहे हैं। डिवाइडर पर एक करवट कुल्हा टिकाए नौजवान सिर्फ इसलिए लेटे हैं क्योंकि एजुकेशन सिस्टम को सीधा खड़ा कर सकें। TV Media इस बात का जश्न मना रहा है कि PM Modi की Reel पर 300M Views हैं, इन बच्चों की पीड़ा नहीं दिख रही है? हम रात-रात जग कर ये तस्वीरें इसलिए दिखा रहे हैं ताकि सरकार को इनकी तकलीफ समझ आ जाए। गरीब परिवार के इन Gen-Z बच्चों के पास रहने का ठिकाना नहीं है,मगर ज़िद है कि शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफ़े के बिना जाना नहीं है। हिंदुस्तान का भविष्य सड़क पर सो रहा है,क्या वर्तमान की सरकार जाग रही है? @narendramodi
@narendramodi लाठीचार्ज के लिए माफी कौन मांगेगा ?
ऑंसूगैस के गोलों के लिए माफी कौन मांगेगा ?
छात्रों को देश विरोधी कहने के लिए माफी कौन मांगेगा ?
जो छात्र अब नहीं रहे उनके घरवालों से माफी कौन मांगेगा ?
ब्रो तुम प्रधानमंत्री के नाम पर फेल हो चुके हो।
दिल्ली पुलिस ने मिडिया से कहाँ कि जंतर मंतर पर यानि धरना स्थल पर जो टेंट लगा है उसे छात्रों व पब्लिक ने फाड़ा है हमने नहीं......
#CJPProtest | दिल्ली पुलिस | #SonamWangchuk | #संसद_मार्च | #cjp_पार्टी | #Dharmendra Pradhan Resign | NEET | Parliament | संसद भवन | धर्मेंद्र प्रधान | Modi