बुन्देलखण्ड केसरी महाराज छत्रसाल बुंदेला जी के निर्वाण दिवस पर उन्हें शत शत नमन करते हैं।🙏🏻
गहरि गहरि गढ़ गढ़े बसे, बुंदेलों के गढ़ माहिं,
औरंगजेब की आँधी आई, डोल उठी धर जाहिं।
तब उठ खड़ा बुंदेला वीर, केसरिया सिर ताज,
छत्रसाल महाराज कहाए, राख्यो बुंदेलो राज।
न डर माने बादशाही का, न मानी दिल्ली हुकूम,
तीर-कमान सँभारी छाती, गूँजा रण का धूम।
छत्तीस लाख जो रखे पास, छत्रसाल महाराज,
तीन सों लरि गयो मुग़लन सों, छूटा बुंदेलो राज।
कालिंजर, पन्ना, महोबा, गूँजी रण की तान,
जहाँ-जहाँ पहुँची तलवार, काँपा मुग़ल निशान।
घोड़ा दौड़े बादल ज्यों, भाले चमके आग,
बुंदेलों की मार पड़ी तो, टूट गयो हर ख्वाब।
न झुका छत्रसाल रण माँहि, न छोड़ी रण की टेक,
मातृभूमि की आन बचाई, दीन्हें प्राण अनेक।
अंत काल में दान दियो, धरती कर दी साज,
इतिहास अमर गावे सदा, छत्रसाल महाराज।
The Thakur Force
Video- 36Dynasty
एक था क्षत्रिय! श्रीराम क्षत्रिय थे। उनके बाद उनका मंदिर बनाने वाले प्रतिहार सम्राट भी क्षत्रिय थे। फिर मंदिर को पुनः खड़ा कराने वाले गहरवार राजा भी क्षत्रिय थे। उसके बाद श्रीराम मंदिर को सँवारने वाले बुंदेला नरेश भी क्षत्रिय थे। और अयोध्या की पावन भूमि खरीदने वाले जयपुर के सवाई जय सिंह भी क्षत्रिय थे। पाँच सौ साल की लड़ाई में अपना सब कुछ झोंक देने वाले अयोध्या के लाखों सूर्यवंशी भी क्षत्रिय थे। उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सत्ता लाने वाले आधार-स्तंभ भी क्षत्रिय ही थे। लेकिन जब मंदिर बन गया, जब प्रबंधन और अधिकार की बारी आई तब मंदिर ट्रस्ट पर कब्ज़ा किसी और का! जिन क्षत्रियों का पहला और वैध अधिकार था, उन्हें ट्रस्ट की चौखट तक में जगह नहीं दी गई। पूरा नियंत्रण नागपुरियों ने ले लिया और क्षत्रियों को बाहर खड़ा कर दिया गया। क्या यही क्षत्रिय समाज का दुर्भाग्य है? जिन हाथों ने इतिहास रचा उन्हें ही आज इतिहास से बाहर कर दिया गया?
-Rajanya Chronicles Team
GSLV-F16/NISAR
From a majestic liftoff to the flawless separation, witness the full journey.
Watch spectacular moments of NISAR launching aboard GSLV-F16 and its precise separation, captured on-board.
A milestone in global space collaboration.
#ISRO#NASA#GSLVF16#NISAR
भारत-पाक युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित हवलदार मेजर पीरू सिंह जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
One of the most unique quality of Rajputs was determination to save their subjects. Without a proper military strength they fought against invaders and saved their people.
But in today’s context this determination is no longer required, they should work upon self empowerments.
इतिहासकारों ने राजपूतों को यूहीं नही पृथ्वी की सबसे जवांज कौम बताया है !
जनरल सगत सिंह राठौड़ के बारे में , ब्रिगेडियर सौरभ सिंह शेखावत का भाषण जो खुद भारतीय सेना के सबसे सम्मानित सेवारत अधिकारी रहे हैं ।
Ravindra Jadeja is the most underrated cricketer in Indian history. He doesn’t get his due because he neither chases glamour, nor cares about his appearance, style, or image, doesn’t do PR, fanclubs, and openly holds political views. Otherwise, his immense impact across formats.
25 मई को यदुवंशी बनाफर राजपूत आल्हा ऊदल की जयंती आने वाली है।
फिर से क्षुद्र ग्वाले आयेंगे ओर आल्हा ऊदल को अपना बाप बताएंगे 😄
RT करके फैला दो वीडियो को 🚩
#KesariVeer फ़िल्म रिलीज आज हुई है।
गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण और मन्दिर की रक्षा हेतु ,अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले योद्धा #हमीर_सिंह_गोहिल का इतिहास दिखाया गया है!
राजपूतों के पराक्रम को अवश्य देखना चाहिए 🚩
#KesariVeerInCinemas
लद्दाख, गिलगित- बाल्टिस्तान को भारत के नक्शे में मिलाकर तिब्बत तथा मानसरोवर झील को सैकड़ों वर्षों के उपरांत भारत में समाहित करने वाले महान सैन्य जनरल जोरावर सिंह जी चंदेल की जयंती दिवस पर शत शत नमन।
@singh_waryah जी को इस स्मृति संगीत के लिए धन्यवाद।