Khalistani Terrorism File of last 40+ years. No film made on their brutal terror acts. Countless innocent Sikh, Hindus, Canadian Nationals and Policemen killed by Khalistanis.
योगी जी क्या किया ,यह भव्य कॉरिडोर देख कर हैरान रह जाएंगे!
CM योगी आज माँ विन्ध्यवासिनी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुचे ,दर्शन के बाद कॉरिडोर को देखा!
इससे पहले भक्तो को माँ के मंदिर तक पहुचने के लिए संकरी गलियों से आना पड़ता था।मंदिर के आसपास बड़ी मुश्किलों से जगह मिलता था।
मगर 2017 में जब माँ विन्ध्यवासिनी के भक्त योगी जी मुख्यमंत्री बने तो उसके बाद से विंध्याचल मंदिर का कायाकल्प हो गया।
CM ने 331 करोङ की लागत से सुविधाओ से युक्त विंध्याचल मंदिर में भव्य कॉरिडोर बनवाया।
इस यह कॉरिडोर के बनने से भक्त सुविधाजनक तरीके से आसानी से माँ विन्ध्यवासिनी का दर्शन कर सकते है!
आज इसी कॉरिडोर में बने सेफ हाउस को देखने खुद योगी जी पहुँचे थे ,देख कर उन्होंने इसकी तारीफ किया!
7.7.1987- Village Dariyapur (Fatehabad) Haryana- Massacre of 44 (unofficial number 80) more Hindu bus passengers by Khalistani Sikh terrorists - While people were still mourning killing of 40 Hindu bus passengers at Lalru on 6.7.1987, same gang of Khalistani Sikh terrorists killed 44 more Hindu bus passengers near Vill Dariyapur in Haryana. At about 8.30, the terrorists stopped bus no. HYN 6301 going from Hissar to Sirsa , forced only Hindus to get down from bus and shot dead 12 Hindus, one by one, from point blank range. While the killing spree was going on, another bus no. HRT 5366 going from Delhi to Ferozepur arrived there. The Khalistanis forcibly boarded the 2nd bus and killed 32 Hindu bus passengers in the second bus. Govt. sources said that more than 20 passengers were critically injured. While Govt. Sources said that the number of those killed was 44, unofficial sources put the number of those killed at 80 as both buses were full of passengers and they were shot at from point blank range. Government never released the names of those killed.
2. The terrorists involved in Lalru and Dariyapur killing were lead by Kulwinder Singh Malhi. The photograph of this Khalistani Kulwinder Singh Malhi 👇 is prominently displayed in “Gallery” in Amritsar and in many religious places in India and Canada, where people pay their reverence to him. All these terrorists had together watched movie “Aag Hi Aag” in a theatre in Hanumangarh on 4.7.1987.
3. Where are you @HoneyTrehan@RonnieScrewvala@diljitdosanjh ? When will you make movie on Hindu genocide? Come on, show some spine , if you have any. If any shame is left in @BJP4India Government, apologise to nation for allowing release of propaganda movie “Satluj” and for trivialising the pain of Hindus.
4. Homage to 44 (unofficial number 80) Hindu martyrs on their martyrdom day 🙏🏻🙏🏻
आज अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस है। तो इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नोएडा में थे। सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि औद्योगीकरण ऊपर से शुरू नहीं होता, ज़मींन पर खड़े होकर यह प्रक्रिया नीचे से शुरू करनी होती है। तो आज MSME दिवस पर देखते हैं कि योगी जी का रिपोर्ट कार्ड क्या कहता है।
UP में 96 लाख MSME इकाइयां हैं। ये इकाईयां 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं।
देश के पूरे MSME सेक्टर में 14% हिस्सेदारी यूपी की है।
योगी सरकार ने MSME सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए
एक तिमाही में ₹1,41,749 करोड़ का MSME ऋण दिया।
पिछले साल ही ₹3.06 लाख करोड़ से अधिक का कुल ऋण बाँटा गया। इसमें अच्छी बात यह है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पौने दो करोड़ से ज्यादा युवाओं को ₹7,500 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण दिया गया। इस सारे कदमों के कारण
पिछले वित्त वर्ष में यूपी ने ₹2 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात किया। वैश्विक मंदी के बावजूद 8% वृद्धि दर दर्ज की।
और अब तो यूपी में सेमीकंडक्टर प्लांट और सोलर हब लगने की खबरें सुर्खियां बटोरती हैं।
#GrowthEngineUP
श्री हेमकुंड साहब की खोज तब हुई जब हिंदू सिख में कोई फर्क नहीं होता था।
आखिरी सांस तक उनके ग्रंथि स्वर्गवासी चौहान जी रहे है, जो उस क्षेत्र के लोग है वो जानते है।
1925 क बाद सनातन विरोधियों ने हिंदू सिक्ख को अलग कर दिया।
1984 इनको कूटा कांग्रेसियों ने,भूत बनाया मुस्लिमों ने।
इनकी बहन बेटियां लव जिहाद का शिकार होती है बचाता है मुझ जैसा कोई हिंदू ब्राह्मण।
पाकिस्तान में इनकी गांव लाल की जाती है, कनाडा में इनकी बेटियां पाकिस्तानी लेकर जा रहे हैं।
ब्रिटेन तक में इनकी बेटियां सुरक्षित नहीं है इनकी बेटियां पाकिस्तानी के साथ जा रही है।
पंजाब के गुरुद्वारे चर्च बन रहे हैं।
वहां इनकी वीरता काम नहीं आती है।
ये अपनी बहादुरी दिखाते हैं उत्तराखंड में,दिल्ली में वहां जहां पर हिंदू इनका सम्मान करता है।
लेकिन अब हिंदुओं को ये भूल जाना चाहिए कि ये वो नहीं है गुरु गोविंद सिंह जी महाराज और गुरु नानक जी महाराज का सम्मान हमेशा रहेगा वो भी हृदय में।
अब मुस्लिमों से ज्यादा घातक ये हो चुके हैं।
इसे समझना होगा।
“अतीत के झरोखे से एक अत्यंत दुर्लभ वीडियो!”
तब महाराज जी सांसद थे, त्र्यंबकेश्वर, नासिक की पावन धरा पर पूज्य संतों के साथ प्राचीन स्थलों के संरक्षण, संवर्धन पर एक अत्यंत गंभीर और महत्वपूर्ण विमर्श हुआ था।
पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणामों का प्रभाव आज नीति आयोग की गवर्निंग कौंसिल की बैठक पर भी दिखाई दिया।
लंबे समय बाद सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
वर्ना इससे पहले यही चर्चा होती थी कि किन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बैठक का बहिष्कार किया।
इनमें ममता बनर्जी और एम के स्टालिन प्रमुख होते थे।
We have applied for character certificate of one sr. Citizen in UP Cop app. But till date..no certificate has been issued.. pending at @DCPTHindonGZB level kindly check the matter
Manbir Singh Gusain 319542618961
@DCPTHindonGZB@ghaziabadpolice
We have applied for character certificate of two sr. Citizen in UP Cop app. But till date..no certificate has been issued.. pending at @ghaziabadpolice level kindly check the matter
1. Rani Gusain 319542618956
2. Manbir Singh Gusain 319542618961
@Uppolice@ghaziabadpolice
#मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक विकास मंत्री नन्दी से #यूपीडा जैसा भारी भरकम विभाग ले कर तगड़ा #झटका , नन्दी को दिया है । इतना ही नहीं यह #नन्दी के पर कतरने जैसा भी बताया जा रहा है ।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में हुआ यह बदलाव अब सिर्फ “विभागीय फेरबदल” नहीं माना जा रहा, बल्कि सत्ता के भीतर बढ़ती असहजता, अफसरशाही की नाराजगी और हजारों करोड़ की परियोजनाओं पर नियंत्रण की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। इतना ही नहीं यह निर्णय #कई बड़े सवाल भी खड़े कर रहा है?
सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक निवेश की धुरी माने जाने वाले विभाग को मुख्यमंत्री ने मंत्री से अलग करना जरूरी समझा?
सूत्र बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में यूपीडा से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार शिकायतें सरकार तक पहुंच रही थीं। निवेशकों के फाइल अटकने, जमीन आवंटन में देरी, अंदरखाने खींचतान और कुछ विवादित फैसलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर में भूमि आवंटन रद्द होने की कार्रवाई ने भी कई सवाल खड़े किए।
सरकार के भीतर चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री योगी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश वाले विभागों में “जीरो टॉलरेंस” मॉडल चाहते हैं। यही वजह है कि जिन विभागों से सीधे निवेश, जमीन और बड़े ठेके जुड़े हैं, वहां अब सीएम कार्यालय की पकड़ लगातार मजबूत की जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में एक और चर्चा तेज है—क्या यूपीडा में फैसलों को लेकर मंत्री और शीर्ष अफसरों के बीच तालमेल बिगड़ चुका था?
सूत्र दावा कर रहे हैं कि कई अहम परियोजनाओं की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होने लगी थी, जिससे मंत्री की भूमिका सीमित होती जा रही थी। ऐसे में विभाग हटाया जाना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि “विश्वास में कमी” का संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय तक लगातार ऐसी शिकायतें पहुंच रही थीं कि औद्योगिक विकास विभाग में तबादलों और पोस्टिंग को लेकर मनमानी चरम पर थी। मामला तब और गंभीर हो गया जब विभाग में एक ही दिन किए गए 17 अधिकारियों के तबादले अचानक निरस्त करने पड़े। सत्ता के गलियारों में इसे सरकार की फजीहत के तौर पर देखा गया। सवाल उठे कि आखिर बिना ठोस समन्वय और जांच के इतने बड़े पैमाने पर तबादले क्यों किए गए, और फिर आनन-फानन में उन्हें वापस क्यों लेना पड़ा?
बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री कार्यालय को नाराज कर दिया था। क्योंकि इससे सरकार की प्रशासनिक साख पर सीधा असर पड़ा और विभाग के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।
यहीं से मामला और गंभीर हुआ। सूत्र दावा कर रहे हैं कि यूपीसीडा (UPSIDA) में भी लंबे समय से “चहेते अफसरों” को अहम पदों पर बैठाने को लेकर अंदरखाने असंतोष था।
खासकर रीजनल मैनेजर (RM) की नियुक्तियों को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। आरोप यह भी हैं कि कुछ अधिकारियों को नियमों और वरिष्ठता को दरकिनार कर मलाईदार क्षेत्रों में तैनाती दी गई।
सबसे ज्यादा चर्चा गाजियाबाद क्षेत्र से जुड़े एक आरएम को लेकर है, जिन पर भ्रष्टाचार, औद्योगिक भूखंडों के मामलों में कथित खेल, फाइलों में देरी और उद्योगपतियों को परेशान करने जैसे गंभीर आरोपों की चर्चाएं लंबे समय से चल रही थीं। सूत्रों का दावा है कि इन शिकायतों और कथित कारनामों की रिपोर्ट ऊपर तक पहुंच चुकी थी। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभाग के भीतर यह चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री कार्यालय इन मामलों से बेहद असहज था।
विपक्ष भी अब इस मुद्दे को हथियार बना सकता है। क्योंकि सरकार एक तरफ 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उन्हीं परियोजनाओं के केंद्र में बैठे विभाग से मंत्री का अधिकार छिनना कई सवाल खड़े करता है।
क्या सरकार को अंदर ही अंदर यह अहसास हो गया था कि परियोजनाओं की रफ्तार अपेक्षा के मुताबिक नहीं है? क्या निवेशकों की नाराजगी सत्ता तक पहुंच चुकी थी? या फिर हजारों करोड़ की परियोजनाओं पर सीधी निगरानी की राजनीतिक जरूरत महसूस की गई?
सियासी जानकार इसे मुख्यमंत्री योगी का साफ संदेश मान रहे हैं—
“परिणाम नहीं, तो अधिकार भी नहीं।”
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बहुत बड़ी ख़बर- गृह मंत्रालय ने डेमोग्राफिक चेंज पर हाईलेवल कमेटी का गठन किया. गृहमंत्री अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान.
जस्टिस प्रकाश प्रभाकर (रिटायर्ड) की अध्यक्षता में हाईलेवल कमेटी का गठन. जनगणना आयुक्त कमेटी के सदस्य होंगे. रिटायर्ड आईएएस दुर्गा शंकर मिश्रा, रिटायर्ड आईपीएस बालाजी श्रीवास्तव सदस्य होंगे.
गृहमंत्री अमित शाह का बयान- घुसपैठ और अन्य कारणों से Unnatural Demographic Change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है. इस चुनौती से निपटने के लिए हाईलेवल कमेटी का गठन. गृहमंत्री अमित शाह का बयान-
यह कमेटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी और धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के pattern का विश्लेषण करेगी तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करेगी.
@AmitShah