“हम ब्राह्मणों को उतना दान दे देते हैं जितना उनका खर्चा नहीं है, हमारे वजह से ही ब्राह्मणों के घर रोटी बनती है, हमारे दान से उनका चूल्हा जलता है"
सपा का चंपक मनोज यादव
राजेंद्र राठौड़ भले ही तारानगर में ख़ुद नहीं जीत पाए, लेकिन बंगाल में भवानीपुर सीट पर उन्होंने 7 अन्य विधायकों के साथ बेहतरीन काम किया, जिससे शुभेंदु अधिकारी को जीत मिली। शुभेंदु अधिकारी ने ख़ुद बयान देकर इसकी पुष्टि की।
सिर्फ एक बार बिस्तर पर..
उत्तरप्रदेश- महोबा में मोहनलाल कुशवाह BJP के जिलाध्यक्ष है. उन्होने पार्टी की पूर्व जिलामंत्री दीपाली तिवारी को "जिला उपाध्यक्ष" बनाने के लिए S€X का ऑफर दिया.
दीपाली का आरोप है कि उनके इंकार पर उन्होने ऑफर डबल करते हुए उसे जिला पंचायत चुनाव का टिकट देने का वायदा किया.
FB Live में दीपाली ने यह भी बताया है कि बात ना मानने पर कुशवाह ने उनके परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी. जिलाध्यक्ष की धमकियों से परेशान दीपाली ने BJP से इस्तीफा दे दिया है.
यूपीए II के दौरान जब स्टैंडिंग कमिटी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश की थी, तब राष्ट्रीय जनता दल @RJDforIndia, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने शोषित महिलाओं को क़ोटे में क़ोटा नहीं देने पर कड़ा एतराज जताया था।
तब लोकसभा में हमारी पार्टी के सिर्फ़ चार सांसद हुआ करते थे। बक्सर से जीत कर लोकसभा जाने वाले, 15 वर्षों तक बिहार सरकार में मंत्री के रूप में काम कर विधाई कार्यों की पेचीदगी और उसमें धीरे से शरारत कर दिये जाने के खेल को बख़ूबी समझने वाले वरिष्ठ समाजवादी नेता जगदानंद सिंह जी ने स्पष्ट लहजे में कहा, "हम विरोधी नहीं हैं महिला आरक्षण के, प्रबल समर्थक हैं। हमलोग तो डॉ. लोहिया की सप्तक्रांति के नर-नारी समता सिद्धांत को मानने वाले हैं। 33 क्यों, 50 प्रतिशत करिए, लेकिन जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ी हुई हैं, उन महिलाओं को आगे लाइए"।
सुना जाए जगदा बाबू को। उनसे बात कर रहे हैं पंकज पचौरी जी जो बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के प्रेस सलाहकार बने।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिसवा सरमा फिर चुनावी मैदान में हैं. एक सरकारी कर्मचारी के बेटे, सरमा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 'ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन' से की थी.
इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए, जहां वो लगभग दो दशक तक रहे.
लेकिन इसके बाद, 2015 में वे बीजेपी में शामिल हो गए और तब से वे पार्टी के सबसे मजबूत वैचारिक चेहरों में से एक बन गए हैं.
सीएम सरमा की इस तरक्की के पीछे क्या वजह रही है?
हिमंत बिसवा सरमा असल में कौन हैं और वे किस चीज़ का प्रतिनिधित्व करते हैं?
बीबीसी संवादाता जुगल पुरोहित (@jugalrp ) और प्रभात कुमार (@prabhat_tiwarii ) ने उनकी यात्रा को समझने के लिए असम में कई दिन बिताए. देखिए उनकी यह ख़ास ग्राउंड रिपोर्ट.
अतिरिक्त रिपोर्टिंगः दिलीप कुमार शर्मा
शरमा सिद्दीकी, नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारी को सुने...सीधी सरल भाषा में कह रही हैं मुख्यमंत्री जी आपके द्वारा पारदर्शिता अपनाने का नतीजा ये है कि मेरे जैसे मेहनत करने वाले लोगों को आज रोज़गार मिल पाया। मैं पहले आर्मी में थी,वहां से वीआरएस लेकर मैंने यूपी में आने का सोचा लेकिन पहले मैं डरती थी यूपी के नाम से, जबसे आप आये है तबसे मेरे अंदर भी हिम्मत आयी।
बदरुद्दीन अजमल बोल रहे है कि,मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के टुकड़े टुकड़े कर देंगे।बयान के राजनीतिक मायने निकाले तो अजमल साहब सीधे तौर पर बीजेपी की मदद कर रहे हैं।मुझे पूरा भरोसा है,मुख्यमंत्री जी FIR नहीं करेंगे।
धुरंधर की पहली फिल्म मे अक्षय खन्ना ने लोगो को ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया-
और #Dhuranandar2 मे अतीक अहमद ने !!
कुल मिलाकर ये समझिए की Dhurandhar 2 की रिलीज के बाद आज अगर सबसे अधिक किसी की चर्चा हो रही है तो वो है "अतीक अहमद" !!
4 घंटे की फिल्म मे कुल 10 मिनट का सीन भी न रहा होगा पर चर्चा सबसे अधिक उसी की हो रही !!
मरे हुए अतिक को आदित्य धर ने एक बार जिन्दा कर दिया !!
नोट:- अतीक अहमत एक कुख्यात गुण्डा था इसमे कोई दोराय नही !!
#Brahmastra: धुरंधर-2 में अतीक का कैरेक्टर.. शुरू हुई सियासी टक्कर ?
@VidyaNathJha के साथ देखिए, माफिया का आतंकी कनेक्शन.. किसे पॉलिटिकल टेंशन ?
#Entertainment#Dhurandhar2 | Dhurandhar | Atique Ahmad | Terrorism | BJP | SP | Congress
“Ever since this tea seller came to India, fear among our people has increased.”
"जब से ये चायवाला हिंदुस्तान में आया है, हमारे लोगों के अंदर और खौफ बढ़ गया है"
Movie: Dhurandhar–2
Character: Dawood Ibrahim (referred to as “Bade Sahab”)