#बिहार की आँखें नम हैं... दिल गर्व से भरा है 🙏
आज यकीन नहीं हो रहा। 20 साल। दो दशक। और हर एक दिन - बिहार के लिए, बिहार के साथ, बिहार की मिट्टी से जुड़े हुए।
आज जब खबर आई कि आप राज्यसभा जा रहे हैं - तो पहली प्रतिक्रिया आँसुओं की थी। खुशी के, गर्व के, और थोड़ी तकलीफ के भी।
क्योंकि बिहार ने आपको सिर्फ मुख्यमंत्री नहीं माना - बिहार ने आपको अपना सपना माना।
याद है वो बिहार, जो कभी अंधेरे में डूबा था?
जहाँ बेटियाँ घर से बाहर निकलने से डरती थीं।
जहाँ सड़कें नहीं थीं, अस्पताल नहीं थे, उम्मीद नहीं थी।
और फिर आप आए और जंगलराज वाले बिहार ने फर्श से अर्श तक का सफर-यह सिर्फ एक नारा नहीं है, यह करोड़ों बिहारियों की जिंदगी की सच्ची कहानी है।
आपकी शराबबंदी ने लाखों घरों में चूल्हा जलाया। आपकी साइकिल योजना से बेटियों ने पहली बार खुले आसमान में उड़ना सीखा।
आपके सुशासन ने बिहार को देश में इज्जत दिलाई।
आपके 7 निश्चय ने गाँव-गाँव में बदलाव की इबारत लिखी।
महिला सशक्तीकरण की बात होती है तो दुनिया बिहार की तरफ देखती है। सामाजिक न्याय की बात होती है तो बिहार का नाम सबसे पहले आता है।विकास और न्याय का समन्वय - यह दर्शन आपने दिया।
आपने साबित किया कि राजनीति सिर्फ सत्ता का खेल नहीं - राजनीति सेवा भी हो सकती है।
और अब जब आप राज्यसभा जाएंगे -तो बिहार की आवाज़ दिल्ली के गलियारों में और बुलंद होगी।
आप जहाँ भी रहें, आपकी नीतियों की जड़ें यहाँ की माटी में इतनी गहरी हैं कि कोई हिला नहीं सकता।
आपके जैसे नेता - अभिभावक बिहार को ना कभी मिले थे ना मिलेंगे।
@NitishKumar
श्री @NitishKumar जी ने बिहार से राज्यसभा सदस्य का आज नामांकन भरा है।
बीते दो दशकों से बिहार की जनता के कल्याण के लिए आपकी प्रतिबद्धता और समर्पित नेतृत्व ने प्रदेश को जंगलराज से मुक्त कर विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया है। जनसेवा का आपका व्यापक अनुभव तथा नीति-निर्माण की गहरी समझ राज्यसभा की कार्यवाही को और अधिक प्रभावी बनाएगी। आपकी गरिमामयी उपस्थिति से NDA के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को और भी मजबूती मिलेगी।
यह एक 1000 ग्राम की लोहे की बिस्किट है। इसकी कच्ची कीमत लगभग 65 रुपए है,
अगर आप इससे घोड़े की नाल बनाते हैं तो इसकी कीमत लगभग 500 रुपए तक बढ़ जाएगी,
अगर आप इससे सिलाई की सुई बनाते हैं, तो इसकी कीमत लगभग 40,000 रुपए हो जाएगी,
अगर आप इससे घड़ी के स्प्रिंग और गियर बनाते हैं, तो इसकी कीमत लगभग 40 लाख रुपए हो जाएगी,
लेकिन अगर आप इससे प्रिसिशन लेज़र पार्ट्स बनाते हैं, जैसे कि लिथोग्राफी में इस्तेमाल होते हैं, तो इसकी कीमत 1 करोड़ रुपए तक पहुँच जाएगी,
आपकी असली कीमत सिर्फ इस बात में नहीं है कि आप किससे बने हैं – बल्कि इस बात में है कि आप अपने आपको सबसे अच्छा क्या बना सकते हैं...