ये लड़का पूर्णिया का जो की ई रिक्शा चालक है और साथ में ब्लॉग भी बनाता है लेकिन ये हर ब्लॉग में ये लड़की को कंटेंट बनाता है लड़की मना करने के बाद भी एक लोफर जैसा वीडियो अपलोड कर दिया
@PurneaSp@bihar_police@PurneaTimes@BiharHomeDept@IPRDBihar
ये ias बनने का बात करता था
लेकिन अब ये जातिवाद का शिकार हो गया है माननीय श्री नीतीश जी ग़लत घोड़े पर दाव लगा दिया इसके बयान से समस्त sc/St समाज के हितों को कुचला जा रहा है
@bihar_police से नम्र निवेदन है इसके बयान को मध्य नजर रखते हुए इसे चेतवानी दे
शादी कोई नौकरी का इंटरव्यू नहीं, जहाँ पेशा देखकर इंसान को परखा जाए!
नर्स हो, पुलिस अधिकारी हो या नौकरीपेशा महिला—किसी का पेशा उसके चरित्र का प्रमाण नहीं होता।
रिश्ता बराबरी, भरोसे और सम्मान से चलता है, शक और पुरानी सोच से नहीं! 🔥
आपकी क्या राय है?👇
#Pragyavtar
यह बिहार का वायरल सोनू यादव है
कुछ दिन पहले इसके पास खाने और पढ़ने के पैसे नहीं होते थे, भीख मांगते नजर आया था नीतीश कुमार के सामने
उसके बाद बोला कि मै बाल सिर्फ नाई से कटवाता हु जो नॉनवेज नहीं खाता मतलब इस छोटे से मनुवादी बच्चे के अंदर कितना जातिवाद भरा है
यहां तक भी नहीं रुका -
अब सीधे सीधे बाबा साहेब को अपमानित करते हुए
पूरे दलित समाज को अपमानित कर रहा नीले नीले बोलकर , कभी कभी लगता है कि इनके।जैसे भिखारियों की मदद ही नहीं करनी थी ,
कमेंट में सोनुवा के पहले की फोटो है देखो 👇👇
नमस्कार X Support Team,
कृपया मेरे अकाउंट की दोबारा समीक्षा करें। मैंने आपत्तिजनक पोस्ट हटा दी है। मेरा उद्देश्य किसी की निजता का उल्लंघन करना नहीं था। मैं भविष्य में सभी नियमों का पालन करूँगा।
कृपया मेरा अकाउंट अनलॉक करने की कृपा करें।
धन्यवाद।
@Rya21610@bihar_police@PurneaSp@PurneaTimes कानून का सम्मान मुझे भी है। मेरा उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस का ध्यान आकर्षित करना है। कानून सबके लिए समान है।
@bihar_police@PurneaSp@PurneaTimes सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की अशोभनीय हरकतें किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हैं। हमारा उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि समाज में अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखना है। प्रशासन से अनुरोध है कि मामले की निष्पक्ष जाँच कर उचित कार्रवाई करे। 🙏
@anilvivekk@bihar_police@PurneaSp@PurneaTimes मुद्दा वीडियो बनाने वाले का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली ऐसी हरकतों का है। अगर सार्वजनिक पार्कों में भी मर्यादा और सुरक्षा नहीं रहेगी, तो आम लोग कहाँ जाएँगे? प्रशासन को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए।