एक ही दिन 50 IAS-IPS ने MP में खरीदी कृषि भूमि
16 महीने बाद पास हो गया ₹3200 करोड़ का वेस्टर्न बायपास
लैंड यूज बदलते ही 11 गुना बढ़ी कीमत, उठे सवाल
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Dear @TRAI,
Imagine your recharge plan is going to expire in 2 days.
Imagine someone is following your sister late at night, and she is trying to call you for help.
Imagine you are injured on the road and desperately trying to call a family member.
But before the call even connects, telecom companies play long warnings like “your plan is expiring soon, please recharge” in two languages. During this warning, the actual call does not connect, and valuable time gets wasted.
In emergency situations, even a few seconds matter. These repeated recharge reminders are extremely frustrating.
We already know when to recharge. Customers should not be forced to listen to long, nonsensical warnings.
Please order all telecom companies to immediately stop these nonsense warnings before calls, or allow the call to connect while the warning plays in the background.
Be serious.
एक पीड़ित कायस्थ का प्रार्थना।।🙏
✍️मै ग्राम पकड़ी लाला,सलेमपुर,जिला देवरिया उत्तरप्रदेश का निवासी प्रवीण श्रीवास्तव (कायस्थ) हूं,मेरा एक खेत हरिजन बस्ती में स्तिथ है, जिसे दलित दबंगों द्वारा हड़पने की कब्जा करने की भरपूर कोशिश की जा रही है,इसी बाबत 29/03/26 को मेरे खेत में जबरदस्ती नाली का पानी बहवाया जा रहा है, जिसे मै बंद करने के लिए कहा तो पूरी हरिजन बस्ती एक जुट होकर हम पर हमला कर दिए, जिसमें मेरा सिर ईंटों से मार कर फोड़ दिए ,मेरे एक बेटे ओजस श्रीवास्तव 17वर्ष को नाली में घसीट घसीट कर बैट,स्टील रॉड,लाठी,डंडों से मार कर घायल कर दिया,छोटा बेटा तेजस 13 वर्ष के शरीर पर लोगो ने कूद कूद कर बहुत बुरी तरह से मारा जो अभी भी चलने में असमर्थ है,मेरे 78 वर्ष के पिता जी को मेरी पत्नी तक को नहीं बक्सा,आज भी मेरे खेत में नाली का गंदा पानी बंद नहीं किये है और जबरन अतिक्रमण कर रहे है, और मेरा खेत जोतने बोने नहीं दे रहे है खेत में जाते ही उनके घर की छोटी–छोटी लड़कियां–महिलाएं गाली–गलौज करने लग रही हैं, बार –बार हरिजन SC ST ACT छेड़खानी में फसाने की धमकी दे रही है,जबकि मैने खुद की जमीन से लगभग 6 कट्टा जमीन देकर इस हरिजन बस्ती में रास्ता दिया लेकिन हम लोगों की ना मौजूदगी में इन लोगो ने 08 फिट की जगह 18 फिट तक ग्राम प्रधान पर दबाव डाल कर रास्ता ढलवा दिया और आज उसी रास्ते का इस्तेमाल कर हम लोगों का घर से निकलना दूभर कर दिए है,हम लोग इन लोगो के आतंक से इस कदर परेशान है कि पूरे परिवार सहित आत्म हत्या के अलावा कोई उपाय नहीं सूझ रहा है,मेरी एक छोटी सी फोटो कॉपी की दुकान है जिससे पूरे परिवार का मै भरण पोषण करता हूं।अभी तक कोई मेरी मदत को आगे नहीं आया,कृपया संभव हो तो मेरी मदत करे, वर्ना मुझे ऐसा लगता है कि शीघ्र ये लोग किसी बहुत बड़ी घटना का,कभी भी अंजाम दे सकते है,मेरा या मेरे बच्चों की किसी भी समय हत्या तक की जा सकती है।
प्रार्थी
प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
ग्राम–पकड़ी लाला,
पोस्ट– इटहुआ चंदौली,
थाना– सलेमपु,जिला– देवरिया (उ0प्र0)Pin 274509
मोबाइल नंबर –9517415286
Train no. 14609 is 2 hrs 23 mins late — result? I MISSED my connecting train from Jammu Tawi.
This isn’t a “delay”, this is SYSTEM FAILURE by Indian Railways.
Passengers pay full fare, but get ZERO accountability in return. Who compensates for lost time, missed journeys & mental stress?
Why should passengers suffer for poor planning and mismanagement?
Fix this NOW — arrange alternative travel OR issue FULL refund immediately.
Stop normalizing delays. Start taking responsibility.
@RailMinIndia@RailwaySeva #IndianRailways #TrainDelay #Accountability
बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान बुद्ध को कोटि-कोटि नमन।उनका करुणा, शांति और अहिंसा का संदेश आज भी हमें सही मार्ग दिखाता है।आइए, उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें और दुनिया को और बेहतर बनाएं। 🙏🌼#BuddhaPurnima#Peace#Compassion
राष्ट्र सेठ को...
अंडोमान निकोबार द्वीप पसंद आया।
सेठ जी ने इस द्वीप के लिए अपने आदमी को इशारा किया और ये अत्यंत संवेदनशील द्वीप एक चुटकी में सेठ साहब की जेब मे आ गिरा ।
और सबसे बड़ा कमाल देखिए
वर्षों-वर्ष तक बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स अटकाने वाली नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी एक झटके में रास्ता साफ कर दिया।
यकीन करना मुश्किल है कि NGT जैसे संस्थान इतने नाज़ुक पर्यावरण वाले क्षेत्र में ऐसी अनुमति दे सकते हैँ।
अब इस द्वीप पर “मेगाप्रोजेक्ट” शुरू हो चुका हैँ। कागज़ों में यह नीति आयोग के साथ साझेदारी हैँ…
लेकिन हकीकत में यह सिर्फ एक मुखौटा है ताकि लगे कि यह भारत सरकार का प्रोजेक्ट हैँ।
बाकी पूरी दुनिया जानती है कि माल कूटने का काम सिर्फ सेठ जी ही करेंगे।
166 वर्ग किलोमीटर में फैलने वाला यह प्रोजेक्टट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एयरपोर्ट, दो विशाल तटीय शहर,
और 450 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट खड़ा करेगा। लेकिन इसकी कीमत क्या होगी? घने वर्षावन कटेंगे।
तटीय पारिस्थितिकी तंत्र उजड़ेगा।
लाखोँ सालोँ से संरक्षित हैरिटेज बर्बाद।
पर्यावरणविद खुलकर विरोध कर रहे हैं पर उनकी आवाज़ कौन सुन रहा है?
शोम्पेन और निकोबारी जैसी बेहद संवेदनशील जनजातियाँ
जिनका अस्तित्व ही इस प्रकृति से जुड़ा हैँ, आज अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर खतरे में हैँ।
याद रखिए यह कोई सामान्य जमीन नहीं हैँ।यह भारत के सबसे संरक्षित क्षेत्रों में से एक हैँ
96 वाइल्डलाइफ सेंचुरी,
9 नेशनल पार्क,
1 बायोस्फियर रिजर्व।
यूनेस्को के “मैन एंड बायोस्फियर प्रोग्राम” में शामिल यह क्षेत्र
कोरल रीफ्स, मैंग्रोव्स और सैकड़ों दुर्लभ जीवों का घर हैँ।
लगभग 100 मरीन प्रोटेक्टेड एरिया यहाँ मौजूद हैँ।
कानून भी कम नहीं हैँ
वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972,
एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986,
कोस्टल रेगुलेशन जोन।
लेकिन जब इरादे ही काले हों… तो कानून कमजोर पड़ जाते हैँ।
90 हजार करोड़ का यह प्रोजेक्ट
20 लाख पेड़ों की बलि मांग रहा हैँ।
सोचिए
20 लाख पेड़!
जैव विविधता खत्म होगी,
प्राकृतिक संपदा उजड़ेगी,
और जो समुद्री तट आज निर्मल हैं वे कल गंदगी और कंक्रीट में बदल जाएंगे। और वहाँ के मूल आदिवासी ?
या तो “नक्सलवादी” घोषित कर दिए जाएंगे…या “घुसपैठिये” बताकर डिटेंशन सेंटरों में डाल दिए जाएंगे।
यानी साफ हैँ देश और दुनिया का सबसे संरक्षित द्वीप क्षेत्र
चंद धनपशुवों के लालच और हवस की भेंट चढ़ने जा रहा हैँ।
यह कोई नई कहानी नहीं हैँ।
“कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स” के नाम पर
वन और पर्यावरण की बर्बादी का खेल पहले से जारी है।
अब अगला शिकार अंडमान-निकोबार हैँ।दो बेच रहे हैँ…
दो खरीद रहे हैँ…
और पूरा देश देख रहा हैँ
कि कैसे संसाधनों को
दो-तीन धनपशुओं के हवाले किया जा रहा हैँ।संवैधानिक संस्थाएँ?
सिस्टम?
कोर्ट?
सब “मैनेज” हैँ।
क्योंकि सच यह हैँ
दुनिया का सबसे गिरा हुआ देश भी
चंद सिक्कों के लिए अपनी अमूल्य धरोहर नहीं बेचता।
लेकिन यहाँ
अब खेल खुला हैँ।
चुनौती भी खुली हैँ
जो उखाड़ना है, उखाड़ लो।
और अगर यही चलता रहा
तो अगले 20 साल…
यही खेल चलता रहेगा...!!😐
@RahulGandhi@Dr_MonikaSingh_@garrywalia_@sakshijoshii@Rashmi22302711@AnumaVidisha@RuchiraC@maulinshah9@Iam_MKharaud@Kumarjyoti49291@GoIShadow@sudhirchaudhary@AMISHDEVGAN@anjanaomkashya@RubikaLiyaquat@chitraaum@RajatSharmaLive@AwasthiGyyan@PMNehru@RaGa4India@Raga3689@Pawankhera@SupriyaShrinate
एक फेसबुक इन्फ्लुएंसर दीपक पाण्डेय जो कि पूर्व में जागरण के एक जिम्मेदार पत्रकार भी रह चुके हैं, उन पर एफआईआर की गई है किस तरह उनको प्रताड़ित किया जा रहा है? नीचे सारी फोटो लगा दी ! किस तरह से ब्राह्मणों को गाली गलौज दी जा रही है मां बहन की गालियां दी जा रही है ये सब कुछ फोटो में नीचे देख सकते हैं।कृपया अधिक से अधिक रिट्वीट करें ताकि पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिले।इस संबंध में मैंने @SameerVyaas समीर व्यास जी से बात की और वो मामले को अभी देख रहे हैं, कृपया सभी लोग इनकी मदद के लिए अवश्य आगे आएं, ये अनुरोध है । इन्होंने कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जिससे कि उनके ऊपर इस तरह अत्याचार किया जा रहा है। यदि कुछ भी मदद नहीं कर सकते हैं, तो भी कम से कम इस पोस्ट को रिट्वीट जरूर करें । ताकि ये जन जागरण हो कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग किस तरह किया जा रहा है। एक व्यक्ति को लगातार माँ बहन की गालियां दी जा रही है और अगर गाली खा रहा व्यक्ति पलटकर कुछ कहना चाहे तो एससी एसटी एक्ट की तलवार उसकी सर पर लटकती रहती है। कृपया यह जनजागरूकता आगे बढ़ाने के लिए पोस्ट को retweet जरूर करें🙏
सब FAKE है!
पिछले कुछ दिनों में देश भर के अलग-अलग इलाकों से खाने-पीने और डेली यूज से जुड़ी कई चीजों का डुप्लीकेट सामान पकड़ा गया. इनमें नकली घी और नकली टूथपेस्ट से लेकर पीने वाली कॉफी Nescafe और ENO तक, जैसी जरूरी और रोजमर्रा के सामानों का फेक प्रोडक्ट बनाकर बेचने का मामला सामने आया है. इसमें Veet जैसे हेयर रिमूवल क्रीम और अन्य कॉस्मेटिक उत्पाद भी शामिल है.
जानिए वो डुप्लीकेट प्रोडक्ट्स, जिन्हें पुलिस ने पकड़ा.
- सूरत में पुलिस ने पकड़ा 2000 kg नकली घी
- अयोध्या में मिला 500 पेटी नकली रिफाइंड
- दिल्ली में पकड़ी गई नकली Veet की फैक्ट्री
- राजस्थान से यूपी आ रहा 1270 kg फेक खोया पकड़ा गया
- दिल्ली से फर्जी Sensodyne टूथपेस्ट की फैक्ट्री का भंडाफोड़
- दिल्ली की फैक्ट्री में बन रहा था नकली ENO और Nescafe कॉफी
In view of the humiliation being thrown at Hindus on daily basis, an initiative has been taken by @SachdevaAmita ji to have a network of advocates across the country to counter such actions legally through filing of cases and FIRs. There is a need for such volunteers who are willing to do so on a pro-bono basis. Guidance will be provided.
Pl write to [email protected] in case you are keen to be a part of the initiative.
Pl spread this word.
@AadiAchint
SC groups (original) in Anakapalli (Andhra Pradesh) staged protest in front of Collectorate demanding immediate implementation of the Supreme Court ruling that SC reservations apply only to real (Hindu) SCs.
They also sought action against misuse of SC certificates by Christian converts and called for strict enforcement of court orders.
कल से आज तक में लगभग 100 लोगों को कानूनी सलाह दे चुका हूँ,बहुतों का फोन रिसीव नहीं कर सका और बहुत से लोग अभी भी फोन कर रहे हैं।ऐसा लग रहा है मानो पूरा देश कानूनी समस्या से जूझ रहा हो।
मेरा मकसद है हर एक उस व्यक्ति को न्याय मिले जो आर्थिक रूप से गरीब हो।सेवा ही परमधाम है।
What kind of Digital India is this? Govt knows everything about us, but why don’t we know the same about ministers? Shouldn’t transparency go both ways?
@rashi_kai@IndianTechGuide All forms of reservation should be removed. Reservation is a slow poison, it doesn't matter whether it's economic or any other type.
समझ में नहीं आता आखिर सबको हिंदुओं को ही क्यूँ मिटाना है? क्यों सब पीछे पड़े है सिर्फ एक ही धर्म के?
एक तरफ ईसाई लगे है, दूसरी तरफ अंबेडकरवादी लगे है, और इधर ये भी उसी कतार में है।
हिंदू बहुल राष्ट्र होकर भी हमें ये सब देखना पड़ रहा है? काफी हद तक इसके जिम्मेदार हम हिंदू ही है।