एक ही केटेगरी के शिक्षक है tre1,2और 3,जहां Tre1&2 के शिक्षक का 2 -2 बार 2 साल के भीतर ट्रांसफर हो चुका है एक ट्रांसफर 8 ,10महीना में दूसरा 15 से 18 महीना में जबकि उसी केटेगरी का शिक्षक tre3 पर अब भी विचार ही किया जा रहा ?
@mkrtiwari_bjp@News18Bihar
@amitkvikram Up या बाहर के शिक्षक है वो तो वैसे भी अपने गृह ज़िला नही जा सकते उनको जीन जिलों में ज्यादा खाली स्थान है वहा उसी अनुपात में भेज देना चाहिए और बिहार वालो को गृह या आस पास के जिले में कम से कम
@amitkvikram जो कोशी क्षेत्र के लोकल है और उनकी पोस्ट पटना या अच्छे जिले में है वो भी वापिस कोशी क्षेत्र में ट्रांसफर नही करवाना चाहते क्योकि इलाका इतना पिछड़ा है और मेरी तरह लोग वहां फसे हुए है अपने गृह जिले से 300km दूर
@neerajvibe इस हिसाब से किसी का transfer नही होगा क्योंकि tre1,2 को एक ही स्थान पर 2वर्ष हुए नही है और tre3 अभी प्रोबेशन पीरियड में है बच गए सर्फ सक्षमता 1 और नियोजीत शिक्षक
पटना में कोचिंग विवाद के बीच फैसल खान का नया वीडियो सामने आया
🔴 वीडियो में छात्रों को संबोधित करते हुए कई अहम बातें कहते दिखे फैसल खान
🔴 पटना पुलिस को उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की नसीहत दी
🔴 वीडियो में कुछ शिक्षकों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए
🔴 कहा गया कि छात्रों का भविष्य बनाने वाले शिक्षक उन्हें भड़काते नजर आए
🔴 वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है
🔴 पटना पुलिस ने छात्रों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की
🔴 पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की नजर, मामले की जांच जारी
#Transfer के लिए समिति का गठन किया गया था,जिसे तैयार करने के लिए सिर्फ 15 दिन का समय दिया गया था।
डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी ट्रांसफर मामला ठंडे बस्ते में है। @samrat4bjp जी कृपया संज्ञान ले के शिक्षकों के ट्रांसफर को जल्द लिया जाए।
म्यूच्युअल ट्रांसफर भी लगभग 1 साल से बंद है।
माननीय शिक्षा मंत्री जी
TRE-3 शिक्षकों के लिए अंतर जिला स्थानांतरण प्रक्रिया जल्द शुरू करने की कृपा करें। परिवार से दूर रहकर सेवा देना अत्यंत कठिन हो रहा है। आपकी सकारात्मक पहल हजारों शिक्षकों को राहत दे सकती
@btetctet@VijayKChy@mkrtiwari_bjp#TRE3#TeacherTransfer#Request
Telecom Companies ऐसे Recharge Plans offer करती हैं जिनमें ‘Daily Data Limits’ जैसे 1.5GB, 2GB या 3GB per day होती हैं, जो हर 24 hours में reset हो जाती हैं। बचा हुआ data midnight पर expire हो जाता है, जबकि उसके पूरे पैसे पहले ही दिए जा चुके होते हैं।
आपको 2GB के लिए charge किया जाता है। आप 1.5GB use करते हैं। बचा हुआ 0.5GB दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई refund नहीं। कोई rollover नहीं।
मैंने आज यह मुद्दा Parliament में उठाया की जिस data के लिए हमने पूरी payment की है, वो दिन समाप्त होने पर Expire नहीं होना चाहिए।
बचा हुआ data अगले दिन की data limit में carry forward होना चाहिए, ताकि users Data इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए उन्होंने पहले ही pay किया है।
संसद में आज मेरी demands हैं -
1.सभी users के लिए Data carry-forward / Data rollover की सुविधा दी जाए। जो data दिन के अंत तक use नहीं होता, उसे अगले दिन की limit में add किया जाए, न कि validity खत्म होते ही ख़त्म कर दिया जाए।
2.अगले महीने के recharge amount में unused data का adjustment का option दिया जाए। अगर कोई user लगातार अपना data under-utilise करता है, तो अगले monthly recharge में उस value का adjustment या discount मिलना चाहिए। users को बार-बार उस लिमिट के लिए pay नहीं करना चाहिए जो वे use ही नहीं करते।
3.Unused data को relatives और friends को transfer करने का option दिया जाए। Unused data को user की digital property माना जाना चाहिए। उपभोक्ता को अपने daily data limit से unused data दूसरों को transfer करने की permission होनी चाहिए, बिल्कुल उसी तरह जैसे पैसे transfer किए जा सकते हैं।
आज मोबाइल डेटा कोई luxury नहीं, Digital oxygen बन चुका है। टेलीकॉम कंपनियों की ये लूट बंद होनी चाहिए।
जातीय ज़हर के नशे में इस हद तक डूबा हुआ समाज शायद ही कहीं और देखने को मिलता हो।
बिहार में एक बात जो सबसे ज़्यादा खटकती है, वह यह है कि यहां के समाज ने अपने महापुरुषों को भी जातीय खांचों में बांट दिया है।
स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह की जयंती हो तो उसे एक खास जाति के लोग आयोजित करते हैं।
विद्यापति पर्व हो तो उसमें एक विशेष जाति समूह की प्रमुख भागीदारी दिखती है।
सहजानंद सरस्वती की जयंती हो तो उसे भी एक सीमित समाज तक समेट दिया जाता है।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर भी वही तस्वीर उभरती है, जहां एक जाति विशेष की सक्रियता ज्यादा नजर आती है।
शहीद जुब्बा सहनी की जयंती मल्लाह समाज तक सिमट जाती है,और पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान को याद करने की जिम्मेदारी भी पासवान समाज तक सीमित रह जाती है।
यह स्थिति न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि हमारे सामाजिक और ऐतिहासिक चेतना पर भी सवाल खड़े करती है।
बिहार दिवस के इस मौके पर हर बिहारी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने महापुरुषों को जाति के जंजाल में नहीं फंसाएगा, बल्कि उन्हें पूरे समाज और राज्य की साझा विरासत के रूप में सम्मान देगा।
BPSC के माध्यम से बहाल हुए शिक्षक और विशेषकर शिक्षिकाएं अधिकारियों और उनके कर्मचारियों के लिए आसान चारा हैं। छोटी सी बात पर भी बिना समुचित साक्ष्य के उनके खिलाफ स्पष्टीकरण निकाल दिया जाता है। कोई ठोस वजह ना हो फिर भी निलंबित कर दिया जाता है।
इसके बाद शुरू होता है निलंबन मुक्त और आरोप मुक्त करने के नाम पर वसूली और शोषण का खेल। वैशाली जिले में एक खबर वायरल हुई थी कि शिक्षा विभाग का एक कर्मी एक शिक्षिका का शारीरिक शोषण कर रहा था। ऐसी खबरें दबे मुंह अन्य जिलों से भी सुनाई देती हैं। इनसे डरने नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है।
शिक्षिका बहनों से अनुरोध है कि ऐसी किसी परिस्थिति में आप मुझसे सीधे 8809821470 पर संपर्क कर सकती हैं।
पटना: P. V. Sindhu ने गांधी मैदान में “नशा मुक्त बिहार” थीम पर आयोजित पटना मैराथन को फ्लैग ऑफ किया. इस मौके पर सिंधु ने कहा कि पटना मैराथन में दूसरी बार आकर खुशी हो रही है और बिहार के युवाओं में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना है.
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आज सभी जिलों के DPO स्थापना की बैठक थी सचिवालय में। पिछले गुरुवार को ही मैंने अनुरोध किया था कि ट्रांसफर के मुद्दे पर कुछ ठोस रास्ता निकाला जाए। आज की बैठक में इस विषय पर भी गंभीर चर्चा हुई। बैठक के उपरांत एक वरीय पदाधिकारी ने बताया कि शिक्षा विभाग 4 बिंदुओं पर विचार कर रहा है:-
१) विशेष परिस्थिति वाले जिनका घर से काफी दूर पोस्टिंग हो गया है उनका सुधार किया जाए।
२) जिनको अबतक ट्रांसफर का मौका नहीं मिला है (म्यूचुअल या सामान्य) उनको एक मौका दिया जाए।
३) छात्र:शिक्षक के तय मानक के अनुपात में सभी जिलों के अंदर शिक्षकों का सामंजन किया जाए।
४) प्रधान शिक्षकों का भी ट्रांसफर किया जाए।
इन 4 बिंदुओं पर विचार चल रहा है। मैं प्रयास में लगा हुआ हूं कि इन चारों मुद्दों पर सहमति बन जाए विभाग में। इसके लिए ACS सहित सभी वरीय पदाधिकारियों से इस सप्ताह मुलाकात कर अपनी बात मजबूती से रखूंगा।
#TransferTRE3 घर से सैकड़ो किलोमीटर दूर रहकर
TRE-3 शिक्षक-शिक्षिकाएँ
गंभीर मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक परेशानियो से जूझ रहे हैं। सभी प्रकार के श्रेणी के शिक्षकों का ट्रांसफर हो रहा सिवाय TRE 3 शिक्षकों को छोड़कर।हमे भी चाहिए
समान और न्यायपूर्ण स्थानांतरण।TRE 3 के साथ भेदभाव क्यो