I propose a new bill:
✅ Modi will choose the election commissioner
✅ Modi will elect the Supreme Court judges
✅ Modi will decide who is the opposition leader
✅ Modi will also choose the people who get to vote in elections.
Then India can become true Mother of Democracy
अच्छी ख़ासी चलती हुई रेलवे का इन्होंने बेड़ा गर्क कर दिया। आज AC कोच का भी अगर आप रिजर्वेशन लेंगे तो आपको बैठने या सोने के लिये सीट नहीं मिलेगी। AC और स्लीपर कोच जनरल से ज़्यादा बदतर हो गये हैं
इन्हें सरकार चलानी ही नहीं आती। इन्हें समझ ही नहीं है। अनपढ़ सरकार है। हर क्षेत्र को बर्बाद कर रहे हैं
गुल्लू, जो तू ये टुकड़े चबाता है, ये कौनसी रेवड़ियां हैं?
तेरे चैनल को करोड़ों के सरकारी विज्ञापन मिलते हैं, वो कौनसी मिठाई है?
हिमाचल, UP, MP अन्य कई राज्यों में भाजपा फ्री सिलेंडर, स्कूटी, यहां तक कि छाते भी देने का वादा करती है। क्या तूने कभी छाता लिया है? खोल के या बंद ?
अगर देश के प्रधानमंत्री ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को मानने से मना करते हैं तो लोग फिर न्याय के लिए कहाँ जाएँगे ?
प्रधानमंत्री जी, आप देश के पिता समान हैं। आप ग़ैर बीजेपी सरकारों को काम करने दें, उनका काम रोकें नहीं
लोग आपके अध्यादेश से बहुत नाराज़ हैं। मेरे लिए कल की नीति आयोग की मीटिंग में शामिल होना संभव नहीं होगा।