खालिस्तानी आतंकियों ने पंजाब में हिंदुओं को रामायण देखने पर गंभीर परिणाम भुगतने की दी थी चेतावनी
मंदिरों के बाहर फेंके जाते थे गायों के कटे हुए सिर, हिंदुओं को बसों से उतारकर नाम पूछकर मारी जाती थी गोलियाँ
खालिस्तानियों द्वारा पंजाब में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर कैसे ख़ामोश हो जाती है Satluj फ़िल्म? समझा रहे हैं @Anurragmishra
इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से दिल छू लेने वाला दृश्य😘
अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान तेज़ बहाव में एक बाघ फंस गया। तभी एक सुमात्रा हाथी उसे बचाने की कोशिश करता दिखाई दिया।
इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंसानों की तरह जानवरों में भी संवेदनाएं और एक-दूसरे की मदद करने की भावना देखने को मिलती है।
प्रकृति का एक बेहद भावुक और दुर्लभ दृश्य।
📍इंडोनेशिया
यह मोहम्मद सनुफ है जो केरल के रहने वाले हैं और सऊदी अरब में काम करते हैं
जब यह सऊदी अरब में काम कर रहे थे तभी पहलगाम का आतंकी हमला हुआ
26 निर्दोष हिंदुओं को उनका धर्म पूछ पूछ कर कलमा पढ़ने को बोलकर कर मारा गया
जिन लोगों को कलमा नहीं मालूम था वह मारे गए
एक बंगाली हिंदू प्रोफेसर को कलमा पता था तो वह बच गए
तो यह मोहम्मद शनुफ उस वक्त फेसबुक पर पहलगाम हमले पर खूब सेलिब्रेट कर रहे थे खुशी मना रहे थे और कह रहे थे कि हमारे धर्म के लोगों ने काफीर लोगों को मार कर बेहद पुण्य का काम किया है
यह कश्मीर को भारत से अलग करके एक इस्लामिक देश बनाने की चाह रखते हैं इन्होंने फेसबुक पर इस बारे में भी लिखा और कहा की सैकड़ो स्लीपर सेल्स जिसमें मैं खुद भी हूं इस पवित्र दिन और इस पवित्र काम के लिए तन मन धन से लगे हुए हैं
इनको लग रहा था कि इन्होंने सऊदी अरब में रहते हुए यह फेसबुक पोस्ट लिखा इनको कुछ नहीं होगा
पहलगाम हमले के कुछ साल बाद यह कल भारत आए
इनको पता नहीं था की जांच एजेंसीया लगातार इन पर नजर रखी थी और इनको तुरंत कोची एयरपोर्ट पर ही UAPA और आतंकवादी वाली धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया
अब यह लंबे समय तक जेल में रहेंगे
अब उनके परिवार वाले कह रहे हैं कि मेरा बेटा ने ऐसे ही पोस्ट कर दिया था उसे माफ कर दो
अमरनाथ यात्रा से जुड़ी, मुस्लिम शख्स बूटा मलिक की कहानी 100 % फ्राड और हिंदुओं को लूटने के लिए गढ़ी गई... झूठी कहानी है !!!...
कश्मीरी मुस्लिमों द्वारा रची गई इस झूठी कहानी के अनुसार 1850 से पहले अमरनाथ गुफा को कोई नहीं जानता था,यह फ़र्ज़ी खबर उड़ाई गई कि इस गुफा की खोज एक मुस्लिम बंजारे #बूटा_मलिक ने की थी...
जबकि अमरनाथ गुफा और बर्फ से बनने वाले शिवलिंग की स्तुति/यात्रा का उल्लेख ग्याहरवीं शताब्दी के धर्मग्रंथों, अकबर की आत्मकथा और 16 वी शताब्दी में अंग्रेज इतिहासकारों द्वारा खुल कर किया गया है !!
ठगी का आलम यह है कि दशकों से इस गुफा को खोजने के नाम... पर बूटा मलिक के पोते-पड़पोते, वंशज.... चढ़ावे में से करोड़ों रु ... रॉयल्टी के नाम पर हिंदुओं से हर बरस वसूलते आ रहे हैं...
सप्रमाण वीडियो देखिये और हिंदुओं से हो रही ठगी पर सिर धुनिये.....
#Hinducause
राम मंदिर दान चोरी पर बहुत बड़ा खुलासा
टिन्नू यादव में अभियुक्त ने पिछले ढाई साल में अखिलेश यादव से 980 बार कॉल का रिकॉर्ड मिला
जिस दिन चंदा चोरी की बात सामने आई उस दिन टिन्नू यादव की अखिलेश से 3बार बात हुई है
इसका मास्टरमाइंड टोटी चोर ही हे बिलकुल साफ हे
@SonOfBharat7@Tejasvi55299451 हिंदू तो फिर भी जाग गया
बीजेपी क्या कर रही है।अभी तक एक भी ऐसा कानून नहीं आया जिसके लिए बीजेपी को सपोर्ट करते रहें।
मंदिरों को मुक्त नहीं किया
बहन बेटियों के हत्यारों को फांसी नहीं
G हादी जनसंख्या नियंत्रण नहीं
समान शिक्षा समान कानून नहीं
गौ हत्या बंद नहीं
क्या क्या लिखें।
जितने वीडियो देख रहा हूँ लोगों के, जो पेट्रोल पम्प से सीधे बोतलों में पेट्रोल भरवा रहे हैं, उनमें से अधिकांश तो ऐसा दिखता है कि सरकार ने संभवतः E85 को E20 के नाम पर डालना आरम्भ कर दिया है।
फ्यूल और एथनॉल का सेपरेशन दिख रहा है। एक जगह देखा उसका रंग गुलाबी है ना कि डार्क ऑरेंज। कहीं तो लीची के जूस जैसा रंग भी दिखा।
यह अविश्वास इसलिए भी है क्योंकि @nitin_gadkari, @HardeepSPuri और @PMOIndia ने बिना किसी जागरूकता अभियान के, या उपभोक्ता सहमति के, पेट्रोल कह कर E20 हमारी टंकियों में डलवाना चालू कर दिया था, दो साल बाद पता चला कि ये तो पेट्रोल है नहीं और हमारी गाड़ी भी उसके लिए उचित रूप से तैयार नहीं है।
अब @narendramodi बताएँ कि ये क्या बिक रहा है पम्प पर? क्या पेट्रोल पम्प वाले अपनी तरफ़ से भी कुछ घपला कर रहे हैं? स्थानीय पुलिस फिर क्या कर रही है? आप हर बात को चुप्पी या फिर सोरोस का एजेंट कह कर टाल नहीं सकते।
आइटी सेल के टट्टी टट्टू अब यह बता रहे हैं कि इथेनॉल UPA ले कर आई थी और राजपत्र दिखा रहे हैं!
अरे भड़वों! जब तर्क नहीं है तो लड़चट्टों चुप क्यों नहीं रहते तुम लोग? पिछले बारह वर्षों से सत्ता में तुम हो। नीति पर गंभीरता से कार्य आरम्भ हुआ 2018 में। इंजन बने 2023 में। और तुम दिखा रहे हो कि नीति तो 2007 में आई?
अच्छा तो ये बताओ कि 2001 और 2003 में किस पैर्टी की सरकार थी? क्या वो तब से E20-30-85 बेच रहे थे? तुमने तब भी जनता को कॉन्फिडेंस में नहीं लिया, और तुमने आज भी बिना बताए जनता के EMI पर लिए इंजनों का बलात्कार किया है।
क्या UPA वालों ने गडकरी और हरदीप पुरी से कहा था कि बिना जनता को बताए कि इथेनॉल कितना मिक्स है, पेट्रोल कह कर बेचो। और उन गाड़ियों में भी डलवाओ जो बिलकुल भी इसके लिए नहीं बने हैं।
तुम्हारे पाँव के नीचे से भूमि खिसक रही है, और तुम अभी भी कॉन्ग्रेस और नेहरू को ब्लेम करने की राह देख रहे हो। चुल्लू भर पानी में डूब जाओ हरामखोरों।
कितना PR करोगे @nitin_gadkari का? और ये तुम नहीं करते पर करना पड़ रहा है क्योंकि आँच @narendramodi तक जा रही है। कुछ भी हो जाए, मोदी के कुर्ते का एक धागा हिलना नहीं चाहिए। बाकी देश में आग ही क्यों न लग जाए।
ऐसी भी क्या गुलामी करनी है बे? आत्मा तो मत बेचो दल्लों!
अयोध्या का इतिहास अद्भुत है।
यहाँ कर्मफल जरूर भोगना पड़ता है।
लगा था कि 500 वर्षों से उपेक्षित रामलला जिस दिन अपने भव्य प्रासाद में विराजमान हो जाएंगे, अयोध्या का शाप सदा-सर्वदा के लिए समाप्त हो जाएगा।
लेकिन आज जो घट रहा है, वह बताता है कि क्षीण हुए पुण्य अभी पूरी तरह शाप मुक्त नहीं हुए। अयोध्या ने निर्दोष से अन्याय किया और दोषी को क्षमा कर दिया।
दोष न दशरथ का था, न पितृ भक्त श्रवण कुमार का। राजधर्म के अनुसार राजा दशरथ शिकार करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर लेकर आए हैं और नदी से जल भरकर उनकी प्यास मिटा रहे हैं।
सिंह समझकर बाण चलाया
निर्दोष श्रवण कुमार मारे गए। अंधे माता-पिता ने यह कहते हुए दशरथ को शाप दिया कि जिस प्रकार पुत्र वियोग में तड़फ-तड़फ कर हम मर रहे हैं, उसी तरह तुम भी मरोगे।
दशरथ भी निर्दोष थे और श्रवण कुमार भी। तब कैकेई ने राम की शापित मृत्यु को वनवास में बदला और स्वयं वैधव्य स्वीकार किया।
राम निर्दोष थे, पर 14 बरस वन गए।
उनकी मृत्यु टाल दी थी कैकेई ने। सीता निर्दोष थीं, वे भी पति धर्म निभाते हुए वन गईं। लक्ष्मण भाई प्रेम में वन चले गए। राज्याभिषेक के बाद निर्दोष जानकी फिर वन गईं।
श्राप अयोध्या की नियति है
कपिल मुनि के श्राप से 60 हजार सगर पुत्र भस्म हो गए थे। श्राप अयोध्या के भाग्य में है। 500 वर्ष पूर्व क्रूर आक्रांता बाबर एक कलंक बनकर अयोध्या में घुसा। यह कलंक अभी धुला ही था, मंदिर बना ही था, पर श्रापों से मुक्ति कहाँ अयोध्या की?
पहले आक्रांताओं ने जुल्म ढहाए,
मंदिर बनने के बाद अब अपने ही कलंक बन गए।
अयोध्या में चोरी किसी गैर धर्मावलंबी ने नहीं की, हिंदुओं ने की, ट्रस्टियों ने की। जिनको सौंपी थी अमानत, वे ही ख़यानती निकले।
घर को आग लग गई घर के चिराग से।
स्वाधीनता मिलने के बाद महात्मा गांधी ने कहा था कि उद्देश्य पूरा हुआ, कांग्रेस को भंग कर दो। कोई नहीं माना, आज हालत देख लीजिए। तो मंदिर बन जाने के बाद विहिप का काम खत्म? विहिप क्यों कब्जा जमाए बैठी है ट्रस्ट पर?
मंदिर का एक उद्देश्य पूरा हुआ, अब विहिप वाले जाएं मथुरा काशी? समय आ गया है जागे हिंदू समाज। मंदिर बन गया है, राम का नाम लेकर खुद ही प्रबंध संभाले हिन्दू समाज? या फिर बनाइए सत्य सनातन न्यास??
-साभार
जय श्री राम 🙏
He used to r@pe his 3 daughters on regular basis
this time he was trying to r@pe his 4th , 6.5 yrs old daughter - but all 3 elder daughter cut his penn¡is.
This is from Keralam, no prizes for guessing their religion
@zoo_bear will fact check
एक और दलित बेटी को निगल गया मोहम्मद🖐️
शुरुआत में माँ बाप को लगता था
ये भीम मीम की प्यार भरी शुरुआत है...
लेकिन बेटी ने ठुकाई का एग्रीमेंट कर लिया...
अब मईया और बापू के आग लगी पड़ी है..
जी हाँ....गुजरात के एक दलित परिवार की हिंदू लड़की एक मुस्लिम लड़के के साथ भाग कर एग्रीमेंट करके उसके साथ लिव इन में रहने लगी
समाज और पुलिस ने लड़का और लड़की दोनों को बुलाया लड़की की मां और आप दोनों लड़की से कह रहे हैं कि तुम्हारे इस कदम से अगर हम जहर पीकर मर जाएं तो तुझे दुख नहीं होगा ??
तब लड़की बेशर्मी से कह रही है मुझे कोई दुख नहीं होगा तुम लोग दवा पीकर मर जाओ
और लड़की के मुंह से यह बात सुनकर वहां बैठा मुस्लिम लड़का कितनी धूर्तता से हंस रहा है आप देखिए
फिर लड़की की मां उसे मुस्लिम लड़के पर भी भड़कती है कि तू इतना हंस रहा है और तेरा यही काम है की भोली भाली हिंदू लड़कियों को अपने लव जिहाद में फंसा कर उनके साथ लिविंग में रहना तू कोई काम धंधा नहीं करता तो इसको खिलाएगा पिलायेगा कहां से तो मुस्लिम लड़का धूर्तता से हंसाता है
लड़की आगे कहती है कि आप लोग अब मेरे लिए मर चुके हो मुझे भूल जाओ और अगर आप लोग मर जाओगे तो भी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा
अब आप इसी वीडियो से सोच लीजिए कि वह हिंदू लड़कियों का किस कदर ब्रेनवाश कर देते हैं
लड़की की मां यहां तक कह रही है कि मैं तुझे 9 महीने अपने पेट में रखा तुझे पाला पोसा तो भी लड़की कहती है मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता
बोलो मेरे साथ... जय बीम जय सरिया ✊
चंपत राय की एक अलग दुनिया थी। जैसे कोई राजा टाइप। उनकी अपनी सेना थी जिसे निजी सेक्यूरिटी गार्ड्स कहते हैं। एक करोड़ रुपया महीना और सालाना 12 करोड़ निजी सेक्यूरिटी गार्ड्स को दिए जा रहे थे वो भी नंबर एक से और अकाउंट से। ये सेक्युरिटी गार्ड्स लूट के मॉल के रूट पर तैनात रहते थे। ये चढ़ावा चोरी का मामला आपको जितना सरल लगता है वो बेहद पेचीदा और साजिशों से भरा हुआ है। बहुत ऑर्गेनाइज्ड क्रिमिनल गैंग की तरह इसे ऑपरेट किया जा रहा था।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में अब 400 निजी सुरक्षाकर्मी रडार पर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच का दायरा अब और बड़ा होता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंदिर परिसर में तैनात करीब 400 निजी सुरक्षाकर्मी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। उनकी ड्यूटी, रोस्टर, CCTV फुटेज, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र और राज्य सरकार की भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद मंदिर परिसर में इतनी बड़ी संख्या में निजी गार्ड क्यों लगाए गए थे?
सूत्रों का दावा है कि जिस निजी सुरक्षा कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई थी, वह RSS से जुड़े बिहार के एक पदाधिकारी से संबंधित बताई जाती है, जो पूर्व सांसद भी रह चुके हैं। इसी कंपनी पर ट्रस्ट हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये खर्च करता था। यानी सालाना लगभग 12 करोड़ रुपये निजी सुरक्षा पर खर्च हो रहे थे।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि चढ़ावे के आवागमन के दौरान नियमों का पालन हुआ या कुछ लोगों को बिना जांच के आने-जाने की छूट दी गई। सवाल यह भी है कि अगर दान-पात्र, गिनती कक्ष और चढ़ावा रूट पर निजी सुरक्षा तैनात थी, तो चोरी और गड़बड़ी कैसे होती रही?
अब जांच सिर्फ गिनती कक्ष तक सीमित नहीं है। बैंक नियमों के उल्लंघन, ट्रस्ट की निगरानी, निजी सुरक्षाकर्मियों की भूमिका और करोड़ों के सुरक्षा खर्च तक सवालों के घेरे में हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में हर दिन नया खुलासा हो रहा है, और जांच अब छोटे कर्मचारियों से आगे बढ़कर पूरे सुरक्षा और प्रबंधन सिस्टम की तरफ जाती दिख रही है।
#Breakingnews | @ShriRamTeerth@Uppolice@LucknowDivision@Igrangelucknow@ayodhya_police@dir_ed@CBIHeadquarters
कोटा शहर…
हज़ारों लड़कियाँ…
एक टेलीग्राम ग्रूप…
ग्रूप का नाम… सनातनियों की नीलामी…
जिसमे 40,000 से ज़्यादा हिंदू लड़कियों के अश्लील विडियो मिलते हैं…
WhatsApp चैट में पचास से ज़्यादा मुस्लिम युवक धर्मांधता से सने हुए…
categorically हिंदू लड़कियों को निशाना बनाना…
पहला टार्गेट सैक्स करना, प्रेगनेंट करना…
दूसरा टार्गेट उसके ज़रिए आगे दूसरी लड़की को फँसाना
तीसरा टार्गेट सबके विडियो बनाकर ज़िंदगी भर ब्लैकमेल करना…
लेकिन दो चार मीडिया चैनलों के अलावा कहीं कोई कवरेज नहीं…
दो चार प्रमुख अख़बारों के अलावा कहीं कोई खबर नहीं…
ध्रुव राठी और रवीश कुमार जैसे लोग केरला स्टोरी जैसी चीजों को प्रोपोगेंडा बोलते हैं…
कोटा वाले केस के बारे में पूछकर देख लो…
इसे भी प्रोपोगेंडा कहेंगे…!!!
देखते हुए आँखें बंद कर लेना… इससे बड़ी कायरता और धूर्तता और कुछ नहीं…!!!
एक पुराना चुटकुला है,
एक आदमी के पास एक विशाल खेत था जिधर खीरे ही खीरे थे। जिधर देखो उधर खीरे। अपरंपार खीरे ही खीरे।
उक्त आदमी से उसके मित्र ने पूछा- तुम्हारे खेत में इतने अधिक खीरे उगने का रहस्य क्या है?
उक्त आदमी ने बताया- फलाने पीर साब के पास अपनी मुराद लेके गया था कि मेरे बंजर खेत में हीरे ही हीरे हो जाएँ।
किंतु पीर साब कान से जरा ऊँचा सुनते थे। उन्होंने हीरा को खीरा सुन लिया और नतीज़ा सामने है। पीर साब पहुँचे हुए है बस थोड़े से बहरे है।
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आज के अख़बार में खबर छपी है- राजस्थान के एक मंत्री जी है जिनके खीरे उगाने के फ़ार्म में सरकार ने ९९ लाख , मतलब एक करोड़ रुपए की सब्सिडी दी है।
अब मज़ेदार बात ये है- उक्त मंत्री जी ही इस मंत्रालय के कर्ताधर्ता है और उन्होंने अपने ही फ़ार्म हाउस को खीरे उगाने की मंज़ूरी दी है।
मतलब मंत्री जी किसान भी है, पीर साब भी है और ऊँचा भी सुनते है। जनता चाहे कितने भी खीरे उगा ले, उसे एक रुपए की सब्सिडी नसीब ना होगी, किंतु मंत्री जी तो पीर साब ठहरे।
खीरे भी वही उगायेंगे और सरकारी हीरे भी वही लेंगे।
माशा अल्लाह पीर साब, अरर मंत्री साब!
देते हैं भगवान को धोखा इन्सां को क्या छोड़ेंगे ...
कसमें वादे प्यार वफ़ा सब बातें हैं बातों का क्या ...
भगवान के घर में पहले से घुसे थे चोर .. भगवान का मंदिर जिस दिन बनकर तैयार हुआ सब भक्त थे .. मंदिर में जिस दिन पीएम ने पूजन किया भक्ति और बढ़ गई .. जैसे ही दान पेटियों में धन, सोना, चांदी, हीरे, माणक मोती भरने शुरू हुए माथे ठनकने लगे ..
इतना पैसा ? कि मानों कारू का खजाना हो, मानों कुबेर का मायावी प्रासाद हो .. मानों महालक्ष्मी अखंड अकूत भंडार हो .. बस देखते ही देखते हवा हो गई भक्ति .. भरने लगे लोगों के घर .. नोटों की गिनती आधी अधूरी रह गई .. श्रद्धा पर पद गया माया का पर्दा .. खंडित हुई आस्था .. पापी हुए लोग .. चल पड़ा कलियुग का खेल .. श्रद्धा पर पड़ गई कलयुग की छाया .. हे राम हे राम हे राम ?
मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बालरूप में विराजमान थे । उसी तरह जैसे बाबर के आने से पहले विराजमान थे । वैसे ही जैसे मोहम्मद गौरी के 17 आक्रमणों के समय सोमनाथ में विद्यमान थे महारुद्र । जैसे औरंगजेब के आक्रमण के समय काशी में विराजमान थे भोलेनाथ । जैसे आक्रांताओं के हमलों से पूर्व मथुरा में किल्लोल कर रहे थे यशोदानंदन । तब वे मंदिर तोड़ते रहे भगवान देखते रहे । अब वे करोड़ों का चढ़ावा प्रभु की नाक के नीचे से चुराते रहे, रामलला मुस्कुराते रहे ।
परमात्मा अथवा ईश्वरीय शक्तियां साथ साथ कर्मफल नहीं देती । सुधरने का समय देती हैं । न मानें तो ब्याज सहित वसूल लेती हैं । देख लीजिए । हिन्दू समाज और हमें व्यक्तिशः विश्वास था कि चंपतराय जैसा व्यक्ति कुछ भी हो जाए, रामद्रोही नहीं हो सकता ? यहाँ तो पूरी दाल ही काली निकली ? तमाम गिनतीकार चंपतराय से ही जुड़े थे । हरे राम ! बेआबरू हुए तो दिया त्यागपत्र ?
चोरी पकड़ी जाती देख पहले ही त्यागपत्र दे देते तो सुर्खरू हो जाते । वाह योगी आदित्यनाथ ! आप धन्य हैं । विचलित नहीं हुए । जांच अभी जारी हैं । हम आतुर हैं देखने के लिए कि अभी कितने बड़े चेहरों से नकाब उठती है । मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बड़े कृपालु हैं । लेकिन आस्थाहंताओं का न्याय बजरंगबली करेंगे । आठ गिरफ्तारियों और दो त्यागपत्रों के बावजूद रामलला की जन्मभूमि सभी दोषियों को दंड देगी, ऐसा विश्वास है ।
@ShriRamTeerth कलंक तो लग ही गया है
और उसके भागीदार आप सभी ट्रस्ट वाले हो
बात केवल सनातन हिंदुओं के दान के पैसों की नहीं है, धार्मिक आस्था, विश्वास को बहुत गहरी चोट पहुंची है।
हिंदुओं के साथ साथ उनके धर्म का भी अपमान हुआ है।
अब किस मुंह से हम सरकार से अपने मंदिरों को स्वतंत्र करने को कहेंगे?
'SP ने कहा- मीडिया में मत बोलो, नहीं तो बेटे की तरह मरवा देंगे', भरत तिवारी की मां का दावा
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि इंसाफ नहीं मिलने पर इसकी जवाबदेही सरकार की होगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी जवाब देना पड़ेगा.
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