दुनिया से अलविदा लेते समय
कुछ बनाने का अवसर मिले
तो मैं ताजमहल नहीं बनाऊँगी
न बनाऊँगी कोई कालजयी कविता,
न ही उकेरूँगी कैनवस पर
किसी की स्मृति में कोई मशहूर पेंटिंग,
मैं अलविदा करना चाहूँगी संसार को
बनाकर एक ऐसी घड़ी
जिसमें माँ के लिए
आराम का समय भी हो!
~ दिव्याशा @iamdivyasha
हे ईश्वर पंजाब पर रहम करों🙏
पंजाब में भयंकर बाढ़ आई हुई है लेकिन गोदी मीडिया में इसकी कोई ज्यादा खबर नहीं है।
और ये भारत का इकलौता राज्य है जहां सेना या NDRF से पहले आम लोग मदद के लिए पहुंचते हैं कड़वी है लेकिन सच्चाई है।
#Punjab#PunjabFloods#PunjabFloods2025
Heart wrenching visuals from #Poonch.
The Pakistani monsters have targeted children and elderly.
They require some more treatment.
#poonchattack#OperationSindoor
गरीबी हटाओ सुनते ही/ सब-के -सब फटे जूते सिलवाने / और चप्पलों में कील जड़वाने चल दिए/ काफी चल लेने के बाद जब वे सोचने बैठे किधर जाएँ/ तब तक उनके जूते फिर टूट चुके थे/और वे नंगे पैर थे मोची की तलाश में ।"
--सर्वेश्वर
तुम अगर दाढी रखते हो/ तो तुम मारे जा सकते हो/ तुम अगर दाढ़ी नहीं रखतेहो/तो तुम मारे जा सकते हो/मारने के लिए किसी वजह की जखूरत नहीं है, मारेजाने के लिए इस समय/ ��तना कारण काफी नहीं है/ कि तुम जिंदा हो/तुम हो तोतुम मारे जा सकते हो/तुम नहीं हो तो भी/ तुम मारे जा सकते हो/
राजेश जोशी
जो कहते हैं कि हम
बेटा, बेटी में फ़र्क नहीं करते
वे बेटियों की सफलताओं पर
ढिंढोरा पीटते हैं कि
'यह मेरी बेटी नहीं, बेटा है'
( संग्रह:"धूप लौटेगी" से )
-दिव्याशा
@iamdivyasha
#महिला_दिवस
समन्दर
अपनी 'गहराई' का
बखान गा रहा था
पीछे "स्त्री-हृदय"
मुस्कुरा रहा था
*
माँ,
तुम किस मिट्टी की बनी हो?
वह मिट्टी चाहिए..
एक पुख़्ता घर बनाना है।
("धूप लौटेगी"-कविता संग्रह
सूक्ष्म भावों,जज़्बातों से विमर्श के
नवआयामों को ��ूती कवितायें)
~दिव्याशा✍️
@iamdivyasha