आपको भी तो डीडी मिला गया
अगर वो समाज को गंदा कर रहा तो आप देश और पत्रकारिता को गं��ा कर रहे हो
आपके लिए एक line
This person will never improve..
@sudhirchaudhary
This is not comedy. This is poison. Seems this person will never improve.
Very sad to see @NetflixIndia and @YouTubeIndia giving platform to such poor content. Society and Govt must ACT…NOW before it’s too late.
एक बूढ़ी माँ जो 200 रुपए कमाती है��� उन्होंने भी 100 रुपए श्रीराम जी के मंदिर में दिए हम ये समझते हैं
हमारे भाइयों की जान गई हमारी सरकारें भी गई मंदिर बनानें में
किसी को नहीं बख्शेंगे
लेकिन राम वालों को मारने वालों का मंदिर रोकने वालों का इसमें क्या काम ??
संशोधन विधेयक गिर गया।
उन्होंने महिलाओं के नाम पर, संविधान को तोड़ने के लिए, असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया।
भारत ने देख लिया।
INDIA ने रोक दिया।
जय संविधान।
"नोटबंदी कालेधन को सफेद बनाने का एक अच्छा तरीका था"
◆ सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने नोटबंदी पर सवाल उठाए
#SupremeCourt | Supreme Court | B. V. Nagarathna
The silence of the Modi Govt on the targeted assassination of Ayatollah Khameini and other Iranian leaders demonstrates its abdication of moral leadership and its reluctance to say anything remotely critical of the US and Israel. It is a complete betrayal of all that India has stood for. India has never before looked this weak.
चाहे प्रधानमंत्री और उनकी मंडली कितना भी दिखावा कर लें, हकीकत यह है कि स्वयंभू विश्वगुरु के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।
1. अमेरिकी राष्ट्रपति पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां लगातार बनाए हुए हैं और बार-बार उसी व्यक्ति की सराहना कर रहे हैं, जिसके भड़काऊ बयानों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी।अमेरिका ने अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान की लड़ाई में साफ़ तौर पर पाकिस्तान को समर्थन किया है।
2. अमेरिकी राष्ट्रपति अब तक की गिनती के अनुसार सौ से अधिक बार यह दावा कर चुके हैं कि कि उन्होंने 10 मई 2025 को भारत के निर्यात पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी देकर ��परेशन सिंदूर को रुकवाने में हस्तक्षेप किया था।लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के इन दावों पर प्रधानमंत्री पूरी तरह मौन हैं।ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की पहली घोषणा 10 मई 2025 को शाम 5:37 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने की थी।
3. 2 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा किया कि प्रधानमंत्री के अनुरोध पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप ले चुका है और तुरंत प्रभाव से लागू हो रहा है। यह स्पष्ट है कि यह पीएम मोदी की एक हताश पहल थी।अठारह दिन बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने घोषणा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप की वह टैरिफ रणनीति, जो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बुनियाद थी, अवैध और असंवैधानिक है। यह निर्णय व्यापक रूप से अपेक्षित था, लेकिन पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप पर दबाव डाला कि वे सबसे पहले इसकी घोषणा करें।
4. यह व्यापार समझौता अब व्यापक रूप से एकतरफा माना जा रहा है, जिसमें भारत ने विशेष रूप से कृषि उत्पादों के आयात को उल्लेखनीय रूप से ��दार बनाने के ठोस वादे किए हैं, जबकि इसके बदले में अमेरिका की ओर से भारत से आयात बढ़ाने का कोई समान वचन नहीं दिया गया है।अमेरिका ने बार-बार यह भी जोर देकर कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है, लेकिन इस संबंध में किए गए वादे पर मोदी सरकार ने कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
5. प्रधानमंत्री मोदी ने 25-26 फरवरी 2026 को इज़राइल का दौरा ऐसे समय में किया, जब पूरी दुनिया को यह जानकार��� थी कि शासन परिवर्तन के उद्देश्य से ईरान पर अमेरिका-इज़राइल का सैन्य हमला आसन्न है।पीएम मोदी के इज़राइल से रवाना होने के केवल दो दिन बाद ही यह हमला शुरू हो गया। वहां नेसेट में दिया गया उनका भाषण नैतिक कायरता का शर्मनाक प्रदर्शन था।ईरान पर थोपे गए इस युद्ध के प्रति मोदी सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों, चिंताओं और हितों के साथ विश्वासघात है।
6. पीएम मोदी ने 19 जून 2020 को सार्वजनिक रूप से चीन को क्लीन चिट दे दी थी। यह चौंकाने वाला बयान उस समय आया, जब लद्दाख सीमा पर हमारे बीस बहादुर जवान शहीद हुए थे।इस क्लीन चिट ने हमारी बातचीत की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया और अब हमें चीन की शर्तों पर संबंधों को सामान्य बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
देश को प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति की विषयवस्तु और उसके तौर-तरीकों-दोनों की भारी कीमत चु���ानी पड़ रही है।
श्री @Jairam_Ramesh ji
मोदी जी आज क्या हुआ?
आपने तो ईरान के राष्ट्रपति की मौत पर राष्ट्रीय शोक घोषित किया था।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक का एक ट्वीट करने की आपकी हिम्मत नही हो रही, इसलिये की जिम्मेदार अमेरिका है।
देश को ऐसा डरपोक प्रधानमंत्री नही चाहिए जो ट्रम्प की कठपुतली हो।
https://t.co/GmrtrG5YSS
दुश्मन को घर में घुसकर ठोक दिया उसके एयरबेस उड़ा दिए 100 से ज़्यादा आतंकवादी मार दिए, और अपने घर में एक ड्रोन तक नहीं घुसने दिया
आज समझ में आया के भारत बहुत सेफ़ हाथों में है
ट्विटर और मीडिया में बनाया हुआ विपक्षियों और पाकिस्तानियों का माहौल सब फ़र्ज़ी था
ख़ुद देख लो 🙏