🙏 इनमें से कौन सी सुझाव आपको अच्छा लगा? यदि कोई भी सुझाव अच्छा नहीं लगा तो ऐसे बयान देने वाले या फिर सुझाव देने वाले को क्या कहना चाहते हो?
1. आजादी के बाद यदि नरेंद्र मोदी और अमित शाह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री होते तो आज हमारे देश चीन से आगे होता।
2. भारत के छात्रों को कोचिंग सेंटर जाना बंद करनी चाहिए।
3. पिछले 70 साल कांग्रेस ने भारत को लूट रहा था।
4. पिछले 70 सालों से हमारे भारत में बहन बेटियों का कोई इज्जत नहीं था।
5. आजादी के बाद यदि भारत में भाजपा सरकार होती तो पाकिस्तान आज भी भारत के मैप में होता।
6. आज हमारे देश दूसरे देशों के तुलना में इतनी पीछे रहने का कारण नेहरू जी हैं ।
7. डॉ अंबेडकर जी दलित परिवार के थे उन्हें भारत में इतनी प्रायोरिटी देना नहीं चाहिए था ।
8. यदि कोरोना वायरस के समय भाजपा सरकार नहीं होता तो शायद भारत में बहुत सारे लोग अपनी जान घुमा देते ।
9. नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी स्वयं भगवान है भगवान ने हमारे भारत को रखवाला करने भेजे हैं।
- ऊपर लिखा हुआ जो बयान है हमारे देश के नेताओं के हैं इनमें से आपको कौन सी अच्छा लगा जरूर बताएं ,यदि ठीक नहीं लगा तो भी अपने राय दें।
- पोस्ट इसलिए कर रहा हूं हमारे देश के नेताओं के ब्रेन कितनी तेज है ।
अरे! मैडम इतनी रात में हम आपके घर जाकर क्या करेंगे
एक लड़की repido बुकिंग करती है , बाइक राइडर बुकिंग लेने पहुंचा मैडम आप ही हो ।
लड़की - जी भैया मैने ही बुलाया था ।
Rider - मैडम OTP बताओ और बैठो ।
लड़की - 6349 ठीक भैया slow, slow चलना
लड़की - भैया घर तक चल चलेंगे
Rider - अरे! मैडम इतनी रात को हम आपके घर जाकर क्या करेंगे ? बाल बच्चे वाला आदमी हूँ साहब ।
लड़की - अरे! मेरा मतलब घर तक छोड़ देंगे आप
Rider - तो इसलिए तो मैं आयही हु, आप पता नहीं क्या उल्टा सीधा बोल रही है ।
लड़की शरमा गई और बोलने ये तो बात किसी और पास ही ले जाए आप बताओ क्या लड़की ने यही बोला था ।
नाम: आकांक्षा चतुर्वेदी
सपना: डॉक्टर बनना
आख़िरी शब्द:
दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं है पापा मेरे अंदर। I'm sorry
उसने कोई आंदोलन नहीं किया।
कोई टीवी डिबेट नहीं की।
बस कुछ शब्द लिखे...
और एक बड़ा सवाल छोड़ गई।
अब बहस होगी।
नेता बोलेंगे।
IT सेल नैरेटिव बनाएगी।
लेकिन उस बेटी की खामोशी कौन सुनेगा,
जो पढ़ना चाहती थी?
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
नारा आज भी ज़िंदा है।
बस वो बेटी नहीं बची।
कल दोपहर की बात है। मम्मी और मासी के लिए चूड़ी वाले घर आए थे। गर्मी बहुत थी, तो मैंने उन्हें पानी दिया। वे थोड़ा हिचकिचाए।
जब मैंने वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि कई बार लोग उन्हें पानी देने से पहले उनकी जाति के बारे में सोचते हैं।
वे गुजरात से हैं और अलग-अलग जगहों पर काम करते हैं, इसलिए ऐसे अनुभव उन्हें अक्सर मिले हैं।
मैंने उनसे कहा कि हमारे घर में ऐसा कोई भेदभाव नहीं है। पुरानी पीढ़ियों की सोच अलग है, लेकिन हमारी पीढ़ी इंसान को उसकी जाति से नहीं, उसके व्यवहार और मेहनत से पहचानना चाहती है।
यह सुनकर उनके चेहरे पर जो सुकून और मुस्कान आई, वह शायद उस ठंडे पानी से भी ज्यादा कीमती थी।
सच तो यह है कि जाति के आधार पर भेदभाव आज भी कहीं न कहीं मौजूद है, बस अब लोग खुलकर नहीं दिखाते।
सवाल बस इतना है — प्यासे इंसान को पानी देने से पहले उसकी जाति देखना क्या सही है?
🌟 Khushbu Sundar 🇮🇳
From Becoming One of South Indian Cinema’s Most Popular Actresses to Evolving into a Respected Politician, Television Personality, and Cultural Icon ✨
• Real Name: Nakhat Khan
• Stage Name: Khushbu Sundar
📅 Date of Birth: September 29, 1970
🎂 Age: 56 (as of 2026)
📏 Height: Approx. 5 ft 5 in (165 cm)
⚖️ Weight: Approx. 70 kg (154 lbs)
♎ Zodiac Sign: Libra
📍 Place of Birth: Mumbai, Maharashtra, India 🇮🇳
👀 Eye Color: Dark Brown
👩🏻 Hair Color: Black
💍 Marital Status: Married
❤️ Spouse: Sundar C
👨👩👧👧 Children: 2 Daughters
🎭 Profession: Actress, Politician, Television Presenter, Producer
🏆 Notable Achievements: • One of the most celebrated actresses in South Indian cinema 🎬
• Starred in over 200 films across Tamil, Telugu, Kannada, Malayalam, and Hindi languages🌟
• Became one of the few actresses to enjoy a massive fan following with temples dedicated in her honor 🏛️
• Successfully transitioned into television as a popular host and judge 📺
• Built a significant presence in Indian politics and public life 🇮🇳
• Recipient of multiple awards and honors for contributions to cinema and society 🏅
❤️ Nickname: "The Queen of Tamil Cinema"
🌍 Nationality: Indian 🇮🇳
⭐ Known For: Versatility, Strong Screen Presence, Popularity Across South India, Television Success, Political Career, and Lasting Cultural Impact ✨
₹30000 की Washing Machine तो घर में थी लेकिन Electric Shock से बचाने वाला ₹700 का Device नहीं था.?😱
आज एक Electrician घर आया था Washing Machine देखते ही उसने पूछा
भैया PRCD लगवाया है?
मैंने कहा नहीं ये क्या होता है?
उसने बताया कि Washing Machine और Geyser जैसे appliances में कभी-कभी Current Leakage हो सकता है
ऐसे में PRCD leakage detect होते ही बिजली की supply cut कर देता है
सच कहूं तो मैं पहली बार इसका नाम सुन रहा था
सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की हुई
कि हम ₹30000 ₹40000 की machine खरीद लेते हैं लेकिन safety के लिए ₹700 के device पर ध्यान नहीं देते
इसलिए मैंने भी आज ही इसे install करवा लिया
Safety की चीजें हादसे के बाद नहीं पहले लगाई जाती हैं
आपके घर में PRCD लगा है या आज पहली बार इसका नाम सुन रहे हैं? कमेंट में बताएं 👇
"मेरी और नरेंद्र मोदी जी की कोई तुलना नहीं है।
मैं तो बस उनके दिखाए रास्ते पर चल रहा हूँ, जिस पर चलकर एक आम आदमी भी आगे बढ़कर नेता बन सकता है।"
~ के. अन्नामलाई🔥
Reporter: उम्र क्या है आपकी?
चच्चा : 64 साल
Reporter: क्या किया हैं आपने?
चच्चा : बीबी का कत्ल किया हैं
Reporter: क्यों किया?
चच्चा: हमारा लेने देने का मसला था, रात में मैं लेना चाहता था और वो देना नहीं चाहती थी
रिपोर्टर: बीबी की उम्र कितनी थी?
चच्चा: 58 साल
पाकिस्तान के रहने वाले चच्चा का 64 साल की उम्र में बीबी से लेने देने के मामले में विवाद हो गया , क्योंकि वो देना नहीं चहती थी
इसलिए सरिया मारकर जान ले ली और खुद ही पुलिस के पास पहुंच गए !
घर में भले खाने को आटा न ही लेकिन ठरक इस उम्र में भी कम नहीं हुई हैं भिखारियों की !
क्या आपने पहले ऐसी अनोखी गाड़ी देखी है...
अगर अच्छी होगी तो 100% टेस्ला की ही देखी होगी! ऐसी अनोखी गाड़ियांकेवल टेस्ला ही बना सकता है।
मैंने सही कहा ना @grok
दिल्ली अग्निकांड की दर्दनाक दास्तां | जब मौत भी नहीं तोड़ सकी साथ
दिल्ली के मालवीय नगर में हुआ भीषण अग्निकांड कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म बन गया।
कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और खुशियों से भरे घर मातम में बदल गए।
चारों ओर धुआं, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था। लोग अपनी जान बचाने की आखिरी कोशिश करते रहे,
लेकिन हालात इतने भयावह थे कि 21 लोगों की जान चली गई और कई जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
सबसे दिल को झकझोर देने वाला दृश्य तब सामने आया जब रेस्क्यू टीम को एक पति-पत्नी के शव एक-दूसरे को गले लगाए हुए मिले।
ऐसा लगा मानो आखिरी सांस तक भी उन्होंने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
इस दर्दनाक हादसे ने न जाने कितने सपनों को अधूरा छोड़ दिया और कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।
आज हर आंखे नम है... क्योंकि कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं, जिन्हें मौत भी जुदा नहीं कर पाती।
"AI-generated image"
Guided by the principle of ‘One Earth, One Family and One Future’, we will continue working towards a cleaner, greener and more sustainable planet through the spirit of Mission LiFE.