समझदार नहीं दिलदार बनो
दीन-दुखियो के मददगार बनो
दौलत-शोहरत सब यहीं छूट जाएगी
किसी गरीब की दुआएं तुम्हारे साथ जाएगी
~ संगम सिंह
#SangamSingh#PositiveVibes#Thought
एहसासों को दिल में दफनाया नहीं जाता
फिर भी तुझसे प्यार जताया नहीं जाता
क्या करूं
डर जो लगता हैं तुमको खोने का
यह बात भी तुमसे
बताया नहीं जा सकता
बस यूं ही समझ लो
मुझसे न पूछो
कितना इश्क हैं तुमसे
शब्दों में बताया नहीं जा सकता
~ संगम सिंह
#Shayari#Love#Romance
मुझे कोविड ने जीना सिखाया और शायद बहुसंख्यक आबादी मेरी बात��ं से सहमत होगी , नहीं भी होगी तो मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता हैं क्योंकि सच तो सच हैं ।
Miss You Covid 🦠
कोविड की यादें , जेहन में खौफ़ पैदा कर देती हैं । जब चारों तरफ भय का माहौल व्याप्त था । उसमें भी हम जैसे बुद्धिजीवी वर्ग , मजाक कर रहा हूं लेकिन सच है कि इतनी निराशा में भी हम लोग खुशियां ढूंढ लेते थे ।
कोरोना ने अपनत्व की भावना को बढ़ाया और ईश्वर का महत्व सबको समझाया लेकिन कोरोना ��े जाने के बाद लोगों ने उन सभी अच्छी चीजों को भुला दिया और फिर उसी नीरस जिंदगी की तरफ आगे बढ़ गए । जिससे मनुष्य का जीवन नर्क बन जाता है ।
कोविड के बीत जाने के बाद फिर वही भाग-दौड़ भरी जिंदगी की शुरुआत हुई , जिसे लोगों ने कोरोना में त्याग दिया था । महामारी धीरे धीरे बीत गई और लोग भागते हुए नई जिंदग��� की शुरुआत करने लगे ।
कोविड का एक दूसरा पक्ष यह भी है कि लोग बचत करने की तरफ सकारात्मक रूप से विचार करना शुरू किए । आपातकालीन परिस्थितियों के बारे में लोगों ने केवल सुना था और कोविड ने उन्हें प्रत्यक्ष अनुभव कराया । लोग ईश्वर के काफी करीब चले गए , यह कोविड का अप्रत्यक्ष लाभ था ।