प्रेस क्लब चंडीगढ़ में अलायंस एक्स पैरा-मिलिट्र��� फोर्सिज वैलफेयर एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 13000 सीएपीएफ कैडर अधिकारियों की पदोन्नति,नेतृत्व व मनोबल को गिराने वाले सीएपीएफ जनरल एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट 2026 को रद्द करने तथा जवानों की पुरानी पैंशन बहाल करने की मांग की।#CAPF
@mountain_rats Get your facts correct. CAPF officers of 2010 batch are still at pay level 11. CAPF officer can dream of pay level 24 after 35 years of service. Are you nuts?
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What a masterful exposition of the entire situation and controversy surrounding the new law on the Central Paramilitary Forces by @VTankha !
CAPF legislation will be repealed once Congress comes to power at Centre: Rahul Gandhi
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#Rahulgandhi#CAPF#Congress
#CAPF कैडर अफसर 15 साल से पहली पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं।ये केवल पदोन्नति का म��मला नहीं, बल्कि स्वाभिमान का भी मामला है।इनके सहपाठी, जो एक स्कूल में पढ़कर आर्मी में लेफ्टिनेंट भर्ती हुए, वे 14 साल में कर्नल बन गए।जो पुलिस में गए, वे DIG बन गए। आज जब ये उन्हें देखते हैं तो ...
दुर्भाग्यपूर्ण है कि BJP सरकार CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF सहित सभी CAPF बलों के करियर प्रोग्रेशन को रोकने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने के लिए नया कानून लाई है।
ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर स्वयं गृहमंत्री जी को होना चाहिए था। CAPF जवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और ���ृहमंत्री जी के पास सदन में आने तक का समय नहीं है।
CAPF बिल एक बिल नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
आज लोकसभा के सदन में मैंने स्पष्ट क���ा कि Supreme Court of India ने साफ निर्देश दिया था कि CAPF अधिकारियों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाए और उन्हें Indian Administrative Service और Indian Police Service के समकक्ष व्यवस्थित सेवा का दर्जा दिया जाए। लेकिन सरकार उस फैसले को लागू करने के बजाय कानून बदलकर उसे निष्प्रभावी करने की कोशिश कर रही है।
जब फैसला पक्ष में होता है तो स्वीकार, और जब खिलाफ होता है तो कानून बदल दिया जाता है — यह कैसी परंपरा स्थापित की जा रही है?
CAPF के अधिकारी UPSC के माध्यम से चयनित ग्रुप ‘A’ अधिकारी हैं, उनकी योग्यता और क्षमता किसी भी स्तर पर IPS से कम नहीं है। देश की सीमाओं से लेकर आतंकवाद, नक्सलवाद, आपदा प्रबंधन और चुनावों तक—हर जगह CAPF ने अपनी निष्पक्षता और क्षमता साबित की है। यही कारण है कि चुनावों में भी इन बलों की तैनाती होती है, क्योंकि देश को उन पर भरोसा है।
लेकिन यह बिल उस भरोसे को तोड़ने वाला है।
जब नेतृत्व ऐसे अधिकारियों के हाथ में होगा जो सीधे सरकार के नियंत्रण में हों, तो क्या CAPF की निष्पक्षता बरकरार रह पाएगी? क्या यह चुनावों को प्रभावित करने का एक नया औजार नहीं बनेगा?
सरकार से सीधा सवाल है—क्या आपको अपने ही CAPF अधिकारियों पर भरोसा नहीं है?
सच्चाई साफ है—यह बिल CAPF को मजबूत करने के लिए नहीं, बल्कि उस पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए लाया गया है।
पुलवामा से लेकर दंतेवाड़ा, मणिपुर से लेकर चीन सीमा तक—हर चुनौती में CAPF के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। लेकिन जब उन्हें सम्मान और अधिकार देने की बात आई, तो सरकार उन्हें दंडित करने वाला कानून लेकर आ गई।
यह अन्याय है, और इसका पुरजोर विरोध होगा।
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं—आने वाले समय में जब INDIA गठबंधन की सरकार ��नेगी, तो इस कानून को पहले ही सत्र में रद्द किया जाएगा।
लोकतंत्र, संविधान और हमारे वीर जवानों के सम्मान के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी…
#CAPF #LokSabha #SudhakarSingh #ips
IPS deputation in CAPF is being weaponised against Opposition states during elections. IPS officers from BJP states parachuting into Bengal as controlling officers CAPF
मैं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक 2026 का पुरजोर विरोध करता हूं।
बेहद अफसोस की बात है कि जो सरकार चुनाव में जवानों के नाम पर वोट मांगती है, वही सरकार उनके अधिकारों को रौंदने से पीछे नहीं हटती।
जो जवान देश की आंतरिक सुरक्षा को संभालते हैं, आज उन्हीं के साथ अन्याय किया जा रहा है। ये विधेयक जवानों के मनोबल पर सीधा आघात है।
: केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक 2026 पर लोकसभा में @KuldipIndoraINC जी का पूरा वक्तव्य-
"TMC will not sit back while govt plays political games over our braved forces; send CAPF Bill to a select committee."
- TMC MP Mahua Moitra in Lok Sabha
मेरे लोकसभा क्षेत्र रोहतक (मोखरा) के जांबाज CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जिन्होंने हाल ही में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लोहा लेते हुए अपना एक पैर गँवा दिया, उनके अदम्य साहस की शौर्य गाथा आज देश की संसद में सुनाई और CAPF कर्मियों के अधिकार देने की मांग की।
लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अनेक वीरता मेडल से सम्मानित असिस्ट��ंट कमांडेंट अजय मलिक 14 साल वीरता से देश सेवा करने के बाद आज भी अपनी पहली पदोन्नति (प्रमोशन) का इंतजार कर रहे हैं। भाई अजय मलिक की तरह ही राजस्थान के कमांडेंट चेतन चीता, बिहार के असिस्टेंट कमांडेंट विभोर, महाराष्ट्र के असिस्टेंट कमांडेंट सागर बुराडे जैसे सैंकड़ों CAPF कॉडर आफिसर आज भी अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं।
आज लोकसभा में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल 'CAPF' (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पर ��र्चा के दौरान।
#WATCH | On CAPF Bill, LoP, Lok Sabha & Congress MP Rahul Gandhi says,"...You will be surprised to know that no paramilitary force in India has been led by an officer who has risen through the ranks of their own paramilitary forces. There is not one paramilitary force whose leadership has emerged from within the force. The top leadership is imposed on paramilitary forces. This is totally wrong...We have opposed it, and the Supreme Court has opposed it. But the government is once again overriding the Supreme Court. This is the biggest issue for the CAPFs. I don't understand how you can protect an organisation's morale that cannot put its own person in a position of leadership. What the govt has done is unfair. I don't understand why the govt is doing this. There might be considerations; it could be the elections these days. They brought this bill on the day when I was touring in Assam. I messaged the govt to delay tabling this bill by a day or two, but it refused. They don't want me to speak on this bill in Parliament. Congress stands with all paramilitary forces, and we will give them justice when we come to power."
(Video source: AICC)