@TripathiTi4072 ओ मेरे भाई भिखारी तो फिर भी महनत करता है । एक कुत्ते के बरवार इनकी औकात नहीं है क्योंकि कुत्ता भी अपने पंजे से साफ सफाई करके बैठता है । ये लोग उस की बावरी भी नहीं कर सकते
@nitinmeshram_ तुम लोग सरकारी दफ्तरों में तो एक PPT तक नहीं बना सकते ये तुम्हारी औकात है । रिपोर्ट तो खैर छोड़िये प्राइवेट सेक्टर में भी अगर तुमको दे दिया आरक्षण तो उसका सीईओ ओर सड़क पर आ जाएगा
@DChaurasia2312 सवाल पूछने से विपक्ष भागता है उस दिन पार्लियामेंट से राहुल गांधी भाग रहा था ये बोलके की तुम बीजेपी से हो क्या । बच्चों को झूठ बोलके भड़का तो सकते है ये लोग लेकिन झूठ ज़्यादा दिन चलता नहीं है साहब ऐसे बोलके राजनीति करके 2029 का चुनाव तो कभी नहीं जीत सकते ये लोग।
हामिद अंसारी
फ़ारूक़ अब्दुल्ला
और
अब ‘अविमुक्तेश्वरुद्दीन’
(ये शब्द अविमुक्तेश्वरानंद जी ने ही इस्तेमाल किया)
-बीच PODCAST light काटी
-Camera बंद करने की कोशिश
-टीम के mobile छीने
- सहयोगियों ने गालियां दी,धमकाया (सब कैमरा में रिकॉर्ड )
-महाराज जी ने स्वयं मुझे उग्र करने की धमकी दी
-बाहर निकल कर सहयोगियों ने हाथ मरोड़ा और देख लेने की धमकी दी।
लेकिन सारे सवाल TAP किए।
TAP का पहला PODCAST है।
Premiere कल Saturday 7 PM करूँगा।
धन्यवाद 🙏
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ये छोटी सा हिस्सा।
@Baliyan_x भाजपा अब डूबता हुआ जहाज है । अगर अब भी स्वर्णों की नहीं सुनी आरक्षण वाला मामला नहीं सुलझा बीजेपी से तो नंगा खाएगा क्या ओर निचोड़ेगा क्या वाला हाल होने वाला है 2029 में
🔰 73 गुर्जर क्यों मरे? वो तो ऑलरेडी OBC थे।
🔰 अगर आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था में सुधार की जरूरत नहीं है तो उन्हें क्यों आंदोलन करना पड़ा? 🤔
🔰 माली समाज तो OBC में आता है। फिर वह अपनी हिस्सेदारी के लिए आंदोलन क्यों कर रहा?
🔰 ऑलरेडी OBC में आने वाला जयपुर में DNT वर्ग पुलिस की लाठी क्यों खा रहा?
🔰 ST में आने वाला भील समुदाय आज तक मुख्यधारा में हिस्सा क्यों नहीं ले पाया? क्यों आंदोलनरत है?
ब्राह्मणों को तुम हज़ार गालियां दे सकते हो लेकिन इस बात को नकार नहीं सकते... वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बहुत खामी है।
इसलिए आज नहीं तो कल आरक्षण पर खुली चर्चा करनी ही पड़ेगी। 🙏
आरक्षण इस देश के प्रतिभा को खा ले रहा है,
जहां 90+ नंबर लाने वाले को सीट नहीं मिलती वहीं गधो को -40 में maths का टीचर बना दिया जा रहा है,
हमारा देश कहाँ जा रहा है दोस्तों?
क्या इस आरक्षण को अब खत्म नहीं कर देना चाहिए
😡
फ़ॉलोवर्स की गति देखिये।
30 घंटे में 20 लाख से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ चुके है।
अभी भी मौक़ा है, अगर कोई राजनीतिक दल आरक्षण जैसे मुद्दे को उठा ले, तो केंद्र में 400 सीट लाने से उसे दुनिया की कोई ताक़त नहीं रोक सकती।
“यह अभी बस आग़ाज़ है” 🔥👍
रिजर्वेशन पर चर्चा किए बिना जेन्यून रिफॉर्म्स की बात नहीं हो सकती। अगर लक्ष्य सामाजिक न्याय और समान अवसर है, तो हमें यह भी पूछना चाहिए कि SC/ST छात्रों को शुरुआत से ही बेहतर शिक्षा, संसाधन और अवसर क्यों नहीं मिलते। केवल अंतिम चरण में आरक्षण देना ही पर्याप्त समाधान नहीं माना जा सकता।
सरकार को उनकी शुरुआती शिक्षा में निवेश करना चाहिए, ताकि हर छात्र को शुरुआत से ही समान अवसर मिलें और वह अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ सके।