I request the Telangana Congress government to issue permanent resident certificates to the public, so that the poor and common people find it easier during the special intensive revision process—much like how it is done in Karnataka.
@INCTelangana@revanth_anumula@RahulGandhi
CJP प्रोटेस्ट में स्वतंत्रता सेनानी पंडित राम किसान जी जंतर-मंतर पहुंचे उनकी मौजूदगी ने आंदोलन को नई ऊर्जा और मजबूती दी।
न्याय की इस लड़ाई में हर पीढ़ी एक साथ खड़ी है।
अभिनव सर ने एक बार फिर तथाकथित ईमानदार पत्रकार को “फूटी कौड़ी ट्रीटमेंट” दिया...🔥
पत्रकार : अंजना ने यूट्यूब टीचर्स को “दो कौड़ी” कहा। इससे इतना दर्द क्यों हो रहा है?
अभिनय सर : अगर हम इस लेवल तक पहुँचकर भी दो कौड़ी हैं, तो इसे कहने वाले लोग फूटी कौड़ी हैं।
पत्रकार: वे कहते हैं कि यूट्यूब पर पढ़ाना बहुत आसान है।
अभिनय सर : तो फिर सब क्यों नहीं कर रहे? साल 2017 में मेरे पास 10 लाख स्टूडेंट्स थे क्योंकि कंटेंट में वैल्यू थी।
पत्रकार : तो असली मुद्दा क्या है?
अभिनय सर : टीचर्स पेपर लीक और स्टूडेंट्स की समस्याओं पर बोल रहे हैं। यही समस्या है। हमारी आवाज़ उनकी आवाज़ से बड़ी हो गई है।
FARMER BURNS PADDY IN PROTEST: Frustrated over severe procurement delays, Jangaon farmer Narasimha Reddy set fire to his own paddy stock at the Station Ghanpur IKP center. He alleged that staff are demanding bribes to issue tokens. Demands immediate official action.
पानी की एक-एक बूंद के लिए आज भी हजारों ग्रामीण और आदिवासी महिलाएं किलोमीटरों पैदल चलने को मजबूर हैं। यह सिर्फ जल संकट नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है।
CAA प्रोटेस्ट के बाद गिरफ्तार खालिद सैफ़ी भाई 6 साल बाद जेल से आए बाहर, हुआ ज़ोरदार स्वागत…🔥
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें छह महीने के लिए अतरिम ज़मानत दी है।
कितने पत्रकारों को चुप कराओगे ?
कितने वीडियो डिलीट कराओगे तुम लोग ?
पहले कमाता था 1,500, अब कमाता हूं 500.
मोदी सरकार एकदम निकम्मी है. मोदी रहा तो देश का बुरा हाल होने वाला है.
- देश की जनता
गाय को मुस्लिम नहीं हिंदू से बचाओ ,,,,
आज हमारे AIMIM गुजरात के उपप्रमुख Sahid Mansuri ने गाय से भरी एक गाड़ी को रोका,
नाम पूछने पर पता चला उन व्यापारि का नाम भरत और गौपाल हे और ये लॉग गाय 🐄 को कतल खाने ले जा रहे थे।
बकरा ईद के माहौल में गाय को कत्ल खाने लेकर जाना कहा तक सही है।
हम कभी ईद पर गाय की कुर्बानी करते ही नहीं है तो हमे गाय के नाम पर ऐसे लोग ही बदनाम करते है।
एक तरफ आप गाय को बचाने की बात करते हो दूसरी तरफ आप खुद गाय को कतलखाने लेकर जाते हो।
ये कैसी बात है हम मांग करते है गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए ,,
गाय की हिफाजत की जाए ओर जो लोग गाय के साथ ऐसा कर रहे है उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए अब्दुल तो सिर्फ नाम से बदनाम है ,,
गाय का कत्ल तो भरत, ओर गोपाल जैसे लोग करवा रहे है। सलाम है आपके जज्बे को शाहीद भाई मंसूरी जिसने इस सच को उजागर किया।
*असलम शेख*
*प्रवक्ता AIMIM*