THERE ARE TWO BHARATS !!
One: for pampered nepo babies like PARVESH VERMA who are Seen Slapping a Youth Questioning Road Potholes or the MCD commissioner Sanjeev Khirwar infamous for emptying a stadium to walk his dog!!
Two: for people like us! It has not even been a month since the Satya Niketan building collapse; where 7 Indian citizens died, 5 of whom were kids & when the illegal pg hostel collapsed, the FU(KIN AMBULANCES were not available to save lives: hence common citizens like you and me had to hire private ones & had to call ambulances on Blinkit !
Unless we don't democratically throw out these corrupt, pampered termites : our INDIA won't prosper!
JOIN TEAM BHARAT! JANTAR MANTAR 2.0 COMING UP!!
@OGTeamBharat@FactswithDinesh@Nidhzee@theracemonkey@nachiket1982@Shankyram2@VishhalSJain@AbhinayWithYou
He didn’t even apologise. He has NO regrets about brutally slapping a young citizen.
Parvesh Singh is unfit for public life and frankly a threat to the people.
आवेश में आकर तुम कल किसी को जान से भी मार दोगे??
अच्छा हुआ कि कैमरे में सब कुछ रिकॉर्ड हो गया वरना तुम लोग उस लड़के पर आतंकवादी और रेपिस्ट का इल्जाम लगाकर सारी गलती उसी की बता देते।
"नरेंद्र मोदी हाय हाय, नरेंद्र मोदी हाय हाय!
जय भीम, जय भीम!"
- ये नारे लगे दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर लगे
माने जिनको सर पर चढ़ाया, उनको आपकी क��्र नहीं! और इनके लिए अपने कोर वोटर को भी भूल गए!
अब ये हाल है कि-
दुविधा में दोनों गए,
ना माया मिली, ना राम 😂
ये JNU के प्रोफ़ेसर हैं, और इनके अंडर जो PhD स्टूडेंट्स रिसर्च कर रहे होंगे, उनको इनविजिलेशन की ड्यूटी मिलती है। तो उसने जब चीटिंग करते पकड़ा, तो बोला, "नहीं, आप मुझे इसलिए पकड़ रहे हो क्योंकि मैं दलित हूँ।"
भारत के सारे नागरिकों की ओर से, मोदी जी, ��पको नमन रहेगा। नमन रहेगा।
नाम: प्रवेश वर्मा
पद: उप मुख्यमंत्री दिल्ली
काम: लोगों की सेवा करना
असली काम: जनता को मारना
योग्यता: पिताजी दिल्ली के मुख्यमंत्री थे
शैक्��णिक योग्यता: भाई भतीजा वाद की पैदाइश
ओडीशा के किसी सामान्य वर्ग के NEET परीक्षार्थी को आप जानते हों जिन्हें नई आरक्षण नीति के कारण इस बार सीट न मिली हो तो कृपया हमें संपर्क करें। हम आपका केस निःशुल्�� लड़ेंगे।
विद्यार्थी या उनके माता-पिता हमसे संपर्क करें।
दिखास, छपास on टॉप!
मैंने फरवरी में लिखा था GC वालों के लिए कि भाई, तुम ये जो कर रहे हो ना अभी, ये UGC-UGC, मोदी आएगा और IT Cell घुमा के एक डमरू मारेगा मुँह पे, सब भूल जाओगे।
कुछ समय बाद मोदी आए, त्रिशूल लेकर खड़े हो गए और उस बार सच में डमरू भी हाथ में था। ये इतने प्रेडिक्ट��बल हो गए हैं। क्यों हो गए प्रेडिक्टेबल? क्योंकि अब लोगों को लगने लगा है कि जब ये फँसते हैं, तब इन्हें हिंदू याद नहीं आता, इनको हिंदुइज्म याद आता है, हिंदुत्व याद आता है।
इनके लिए हिंदुत्व क्या है, पता है? भगवा जैकेट, भगवा रंग का झुंझुना, झाल, मृदंग, त्रिपुंड लगा लेना, त्रिशूल लेकर खड़े हो जाना। इनके लिए केवल आवरण ही हिंदुत्व है।
और अब यही सामान्य वर्ग इस बात को पूरी तरह पहचान चुका है कि तुम ये जो चक्षुदान कर रहे हो, क्यों कर रहे हो, हमें समझ में आता है। तुम्हारी आस्था नहीं है। जो मैंने कहा कि ये अनिच्छा से करते हैं, परंतु राजनीतिक परिणामों की प्राप्ति के लिए वो अत्यावश्यक हो जाता है।
ब्राह्मण ओड़िशा मे 8-10% है,
और यहां BJP का जब सरकार पहली बार बना तो चरण मांझी को मुख्यमंत्री BJP ने बनाया,
और ये मुख्यमंत्री बनते ही 11% आरक्षण बढ़ा दिए,
सवर्ण का आबादी यहां लग भग 20% है,
नविन पटनायक जब तक मुख्यमंत्री थे तब तक यहां जातिवाद नहीं था,
BJP के आते जाती आ गया,