अप्रैल 2022 में खरगोन में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा भड़कने के अगले ही दिन जिला प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए शहर के पाँच मुस्लिम बहुल इलाकों में 16 मकानों और 29 दुकानों को ध्वस्त कर दिया था।
तत्कालीन मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था-"जिस घर से पत्थर आए हैं, उस घर को ही पत्थरों का ढेर बनाएंगे।"
जुलाई 2026 में मध्य प्रदेश के सत्र न्यायालय ने 2022 की रामनवमी हिंसा के मामले में आरोपी सभी 11 मुस्लिम पुरुषों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ न तो कोई विश्वसनीय साक्ष्य था, न कोई गवाह और न ही कोई विधिसम्मत जांच की गई थी।
अदालत द्वारा उन्हें निर्दोष करार दिए जाने के बावजूद, नरोत्तम मिश्रा के शब्दों में भाजपा का "बुलडोजर न्याय" तो वर्षों पहले ही दे दिया गया था।
भाजपा शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाइयों का निशाना लगातार मुस्लिम समुदाय को बनाया गया है। इसमें धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और घरों तक को निशाना बनाया गया।
यह कानून के शासन और संविधान, दोनों का घोर अपमान है। भाजपा सरकार उन सभी लोगों को जवाब दे, जिनके घर उसने ध्वस्त किए। उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
The Supreme Court on Friday remarked on what it described as a contradiction in society's treatment of cattle, observing that while people often abandon animals after their economic utility diminishes and allow them to roam freely on roads without concern for their safety, they simultaneously take deep offence if those animals are used for food.
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Savarkar Wrote Book Questioning God's Existence & Religious Beliefs : Grandnephew Tells Court |@NarsiBenwal#Savarkar#RahulGandhi
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2014 में जब भाजपा को केंद्र सरकार बनाने का जब पूर्ण बहुमत मिला था, तब भाजपा के 21 सांसद बेहद उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त थे, प्रोफेसर डॉक्टर थे।
इनमें मुरली मनोहर जोशी और राजनाथ सिंह जैसे लोग भी थे जो शिक्षक रहे हैं।
पर इन सबको दरकिनार करके मानव संसाधन विकास मंत्री बारहवीं पास स्मृति ईरानी को बनाया था नरेंद्र मोदी ने।
तभी से स्पष्ट था कि नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता में शिक्षा विभाग नहीं है।
तो जो आज हुआ, इसकी शुरुआत 2014 से ही हो चुकी थी।
हर बार कुछ अलग करते दिखना मास्टरस्ट्रोक नहीं होता।
ज्यादा अलग अलग करने वाले अंत में अलग थलग ही पड़ जाते हैं।
आज छात्रों को बहुत बड़ी जीत मिली है।
याद रहे, प्रदर्शन में जिन छात्रों पर घातक हमले हुए - किसी का हाथ टूटा, किसी का पैर, किसी की पसली, पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियार का इस्तेमाल किया गया, तो कई चोट खा कर critical हो गए - इन सबके सीधे ज़िम्मेदार गृह मंत्री अमित शाह हैं।
मांग साफ है, इस हमले के organisers से लेकर implementors तक, सभी की जवाबदेही तय हो और उनपर ऐसी कार्रवाई हो जो छात्रों को दिखे - तब जा कर होगा इंसाफ़।
अमित शाह जी, आपको जवाब तो देना ही पड़ेगा।
साहिल हाथ में तिरंगा लेकर बस साफ़-सुथरी परीक्षा और मेहनत का फल मांग रहा था - पुलिस ने बंदूक उठाई और छर्रे दाग कर बुरी तरह घायल कर दिया।
ये अंग्रेज़ों का ज़ुल्म नहीं, आज़ाद भारत की मोदी सरकार की बर्बरता है - जहाँ अपना हक़ मांगते मासूम छात्रों को न्याय नहीं, छर्रे मिलते हैं।
20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 19 साल के साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया।
साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है मगर परिवार को सहारा देने के लिए वो पार्ट-टाइम कार भी चलाता है। वो खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। अब उसे डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दिया है और फिर से पेपर लीक हो जाएगा।
इंसाफ़ और बेहतर भविष्य की मांग के साथ वह प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आज हालत ये है कि उसकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा है।
ये सज़ा मिलती है हमारे छात्रों को सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने की।
हम साहिल के साथ हैं। हम जवाबदेही मांग रहे हर छात्र के साथ हैं।
मोदी जी, देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगिए, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कीजिए और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कीजिए।
UP- मुजफ्फरनगर में हिंदू रक्षा दल का जिलाध्यक्ष हेमेन्त पिकअप को किडनैप करके 9 लाख की फिरौती वसूलने के मामले में गिरफ्तार किया गया है. गाजियाबाद के पिंकी चौधरी उर्फ भूपेन्द्र इस दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष है.
देहरादून से स्क्रैब ला रही पिकअप को हेमेन्त और उसके आधा दर्जन से अधिक साथियों से हाईवे पर रोका. पिकअप को सुनसान इलाके में ले गये, ड्राइवर-हैल्पर को बंधक बनाकर पिकअप मालिकस दिल्ली के जफर से 50 लाख की रंगदारी मांगी.
मोलतोल के बाद मामला 12 लाख रूपये में डील हुआ. गाड़ी मालिक को एक ढाबे पर बुलाकर 9 लाख रूपये वसूले गये.