वो चिल्लाकर झूठ को सच बताएँगे,आप शांति से सच पहुंचा देना.
हिंसा का वीडियो सबसे पहले हमने दिखाया,हमा���ा ही वीडियो सब लगा रहे हैं,मगर वो सिर्फ हिंसा दिखा रहे हैं,शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तो वो सुबह से नहीं दिखा रहे.
हमारी क्षमता कम हो सकती है,मगर आपकी नहीं. पहुंचा दीजिए इस सच को घर-घर तक.
थोड़ी देर में विस्तृत रिपोर्ट, न्यूज़ पिंच के YouTube पर
@Abhinav_Pan @Saurabh_Pinch @vinay_sultan
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए वही करना चाहिए, ज��� मौलाना मोहम्मद अली जौहर ने भारत अपने देश भारत की आज़ादी के लिए किया था।
#StandWithJauharUniversity
आज़म खान ने यूनिवर्सिटी ने अमीर गरीब , छोटी जाति , बड़ी जाति सभी परिवार के बच्चों के भविष्य के लिये ये यूनिवर्सिटी बनाई है ,
आज अगर तुम इसे नहीं बचा सके तो तुम्हारे बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा , आओ मिलकर आवाज जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिये आव���ज़ उठाये ,
#StandWithJauharUniversity
किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज को तोड़ना गलत बात है, जब उसमें स्टूडेंट्स हों, टीचर्स हों, और सारी सुविधाएं हों।
ऐसे में अगर यूनिवर्सिटी में कोई दिक्कत है तो उसको सरकारी तरीके से सही करवाया जा सकता है।
इसी सिलसिले में जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए ट्रेंड चलाया जा रहा है। उम्मीद है सरकार हम ��ब की बातें मानेगी। #StandWithJauharUniversity
वो नहीं चाहते कि मुसलमानों के बच्चे तालीम हासिल करें। तालीम किस��� मज़हब, जाति या वर्ग की नहीं होती, तालीम पूरे समाज की पूंजी होती है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का मामला सिर्फ़ एक इमारत का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा, कानून और इंसाफ़ से जुड़ा बड़ा सवाल भी है। एक समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मज़बूत ज़रिया तालीम होती है। वैसे भी मुसलमानों के तालीमी इदारों कि संख्या बहुत कम है, ऐसे में मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आवाज़ उठाना ज़रूरी है। अगर किसी कानूनी प्रकिर्या कि कमी है तो प्रशासन नियमों के अंतर्गत उसको पूरा करें, ना कि ऐसे सख्त फैसले करें…
#StandWithJauharUniversity
हज़ारों छात्रों का भविष्य किसी राजनीतिक या कानूनी विवाद की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। शिक्षा संस्थानों को बचाना और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। छात्रों की आवाज़ सुनी जाए और जौ���र यूनिवर्सिटी से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार हो।
#StandWithJauharUniversity
क्या बहुसंख्यक समाज के लिए शिक्षा, रोज़गार, अस्पताल और किसान के मुद्दे कोई मायने ही नहीं रखते?
क्या आज के दौर में सिर्फ एक मुस्लिम समुदाय को परेशानी में देखना और उनके खिलाफ भाषण सुनना ही समाज को सुकून देता है?
मुख्यमंत्री जी, नफरत की राजनीति से किसी का पेट नहीं भरता। युवाओं को पेपर लीक और बेरोजगारी से मुक्ति चाहिए, मरीजों को बेहतर अस्पता�� चाहिए, और किसानों को खाद और सही दाम चाहिए।
ध्रुवीकरण की आड़ में असल बुनियादी हकों की बलि चढ़ाना बंद होना चाहिए। आखिर बहुसंख्यक समाज कब तक इन असली मुद्दों को छोड़कर सिर्फ भाषणों में उलझा रहेगा? जनता को नफरती बयान नहीं, विकास और रोज़गार की गारंटी चाहिए!
https://t.co/A18IntoRQQ
History remembers those who built universities—not those who demolished them. Stand for education. Stand for students. Sign the petition: https://t.co/MjL6DtkKPh #StandWithJauharUniversity
Demolition cannot be the first and only option.
Maulana Syed Arshad Madani, President of Jamiat Ulama-e-Hind, has strongly condemned the ongoing demolition drive at Muhammad Ali Jauhar University, Rampur calling it fundamentally wrong.
“Even if there are alleged irregularities, the matter must first be decided by the Court. If any legal violation is proven, the government has every right to impose fines as per the law, but demolition should never be the knee-jerk response,” said Maulana Arshad Madani. #IndianMuslims
Accountability should be proportionate and lawful. Measures that unnecessarily disrupt education should be avoided wherever possible. #StandWithJauharUniversity