सब जानते हैं कि चीन के मामले में रक्षा मंत्रालय के हाथ में कुछ नहीं होता है. यहां तो मैटर ही ITBP का है. ठीक है, कोर कमांडर लेवल मीटिंग हुई है, लेकिन लद्दाख से हम जानते हैं कि चलती MEA की ही है. ऐसे में ये जवाब बेतुका है.
द हिंदू अख़बार की @vijaita की exclusive रिपोर्ट पढ़िए। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट है कि चीनी सेना ने LAC से 6-7km अंदर आकर टेंट गाड़ दिया जिसे भारत अपना क्षेत्र मानता है।
ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत जी को समझना पड़ेगा कि, ऐसी बात बोलना अपराध की श्रेणी में आता है,
Uapa के तहत कार्यवाही भी हो सकती है।
वो अलग बात है कि चीन हमसे बहुत आगे निकल गया है, लेकिन ऐसी बात पब्लिक में नहीं बोलनी होती है।
उधर चीन सीमा पर लगातार नापाक हरकतें कर रहा है और इधर प्रधानमंत्री मोदी अपनी पूरी एनर्जी मुख्य विपक्षी पार्टी काँग्रेस के ख़िलाफ़ ख़र्च कर रहे हैं, वो भी ndtv आयोजित ‘World Summit’ में!
कम से कम एक काम तो ऐसा करो जिसे कांग्रेस में पहले न किया हो | इतने नकली होगे ये नही पता था | by the way 1990 में राजीव गांधी सत्ता नही विपक्ष में थे और 91 में जब उनकी हत्या हुई तब भी वह विपक्ष में ही थे | नकली के साथ साथ बुद्धिहीनता का तड़का , वाह
पिछले 12 सालों से जो आप जैसे बिके हुए पत्रकारों ने,
मुँह बंद करने के लिए जो कुछ लिया हुआ है, ये उसी का नतीजा है।
अगर समय समय पर सरकार की नींद उड़ाते रहते तो सरकार अब तक इस पर कानून बना चुकी होती, और गरीब बेमौत न मारा जाता।
2019 का ऐतिहासिक युद्ध, जब वकीलों ने दिल्ली पुलिस को सड़कों पर दौड़ा दौड़ाकर पीटा था और दिल्ली पुलिस के जवान धरने पर बैठ गए थे। कहानी सिलसिलेवार ढंग से यहाँ पढ़ें 👇🏼
Jean Drez currently is an honorary professor at the Delhi School of Economics, a visiting professor at the Department of Economics at Ranchi University, and is a member of the Eco.Advisory Council to the CM Tamil Nadu. This year he received Global Inequality Research Award.
Delhi Police does the bulk of it’s recruitment from the outlying areas of NCR. Cops from villages within this area have strong connections to their brethren who are involved in gangs, cow protection etc. These goons are easily called up by the cops when a pro govt mob is needed.
Dear Jean Drèze,
This nation still holds intellectuals of your stature in high regard. These are merely a handful of misguided and ignorant individuals who acted disrespectfully. Please forgive them, for they are unaware of their own ignorance.
मोदी सरकार नहीं चाहती कि स्वतंत्र पत्रकार सोशल मीडिया के ज़रिए प्रदर्शनकारियों की आवाज़ को देश दुनिया तक फैलाएं और इसके लिए ग़ज़ब की रणनीति बनायी गई है। पत्रकारों को गिरफ़्तार किया जा रहा है, बदसलूकी की जा रही है, गुंडों का सहारा लेकर मौक़े पर मौजूद पत्रकारों को टारगेट किया जा है
https://t.co/i4RcPq4wj1
Delhi police ध्रुव राठी bhai को जल्द रिहा करो!
याद रखना, आवाज़ दबाने की कोशिश जितनी करोगे, गूँज उतनी दूर तक जाएगी।
एक आवाज़ को कैद कर सकते हो, लाखों युवाओं के सवालों को नहीं।
जितना रोकने की कोशिश करोगे, Gen-Z उतना ही उठेगा! 🔥
@CPDelhi@dhruv_rathee