मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से।
अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।
US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।
@ZakirAliTyagi अब तक कुछ लोगों को जो कतर और यूएई धर्म के नाम पर अच्छे लगते थे वे लोग भी आजकल ईरान को अपने धर्म का प्रमुख ठेकेदार मानकर
अब उन देशों को पसंद नहीं कर रहे हैं!!
😂
पत्रकार: महराज जी आपने एक वीडियो में ये कहा था कि सुनने में आ रहा है कि योगी गांजा पीते है।
शंकराचार्य जी: हमसे लोगो ने कहा था कि वह गांजा पीते है कोई पक्का थोड़ी कहा था
लेकिन प्रदेश की जनता में ये बात है ये बात जो लोग हमसे कह रहे थे वह इनके प्रशंक थे वो उनको बचाने के लिए ये कह रहे थे.
वह कह रहे थे कि योगी जी ने आपको नसे के कारण ऐसा बोल दिया नहीं तो वो ऐसा नहीं बोलते है।
फिर हमने भी कह दिया जब नशे में कहा तो कोई बात नहीं...😎
दिल्ली: मदरसा जामिया इस्लामिया सनाबिल के छात्रों ने बनाया AI रोबोट, तुरंत देगा तमाम सवालों के जवाब.
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पूरी वीडियो यहां देखें 👇
https://t.co/1YxuoBd3Yj
उत्तराखंड का युवा अब जाति-धर्म की राजनीति से आगे बढ़ चुका है,
अब सवाल रोजगार और भविष्य का है, सत्ता को यह हिसाब देना ही पड़ेगा।
पहाड़ गूँज उठे है,
अबकी बार मुद्दों की लड़ाई होगी, धर्म का बहाना बेचने वालों की हार तय होगी।
#Uttarakhand#paperleak