@dromsudhaa@samrat4bjp@PoliceBhagalpur अबे महा मूर्ख, ये भी हो सकता है, एक का सर्टिफिकेट बन गया हो, दूसरे का न बनो हो, क्योंकि प्रत्येक वित्त वर्ष में EWS सर्टिफिकेट चेंज हो जाता है, आधी अधूरी जानकारी बहुत खतरनाक होती है।
@JaikyYadav16 अभी इस एक्ट का इम्पैक्ट झेले नहीं हो, हमारे भी एक दोस्त थे,अवनीश यादव कन्नौज से, वो भी बहुत सामाजिक और जातीय राजनीति करते थे, लोकल लेवल पर सपा की खूब पैरवी करते थे, फिर किसी दिन उनके गांव के ही एक जाटव मित्र से कहा सुनी हो गयी, फिर SC/ST एक्ट में धर लिए गए, अब अनोगी जेल में हैं।क
did my https://t.co/zANOEvvHvH at IIT Bombay and my PhD at IIT Delhi. I've been a professor for 14 years now. In 22 years of watching the IIT/IIIT system closely, I have never once witnessed a teacher discriminate against a student on the basis of caste.
During my https://t.co/zANOEvvHvH, most of us had no idea what caste our batchmates belonged to. Many of my close friends were SC/ST. We never discussed it. It never entered any conversation or decision. Not once. Our exposure to the humanities department was limited, though — the term "Brahmanical patriarchy" didn't even exist back then.
As a teacher, I don't ask a student's name before solving their doubt. Often I don't know their name at all — some of my classes have 300+ students. We treat them all the same. So does every colleague I know. So did every professor who taught me.
Social media has now filled vulnerable students' heads with a lot of manufactured grievance about caste discrimination that, in my experience, doesn't exist.
THE BEST MOVIES OF THE LAST 10 YEARS
1. Oppenheimer (2023) ⭐ 8.9
2. Dune: Part Two (2024) ⭐ 8.5
3. The Odyssey (2026) ⭐ 8.5
4. Parasite (2019) ⭐ 8.5
5. Attack on Titan: The Last Attack (2024) ⭐ 8.2
6. Dangal (2016) ⭐ 8.3
7. Your Name. (2016) ⭐ 8.3
8. Green Book (2018) ⭐ 8.2
9. Avengers: Infinity War (2018) ⭐ 8.4
10. Avengers: Endgame (2019) ⭐ 8.4
11. Coco (2017) ⭐ 8.4
12. Spider-Man: Into the Spider-Verse (2018) ⭐ 8.4
13. 1917 (2019) ⭐ 8.2
14. Top Gun: Maverick (2022) ⭐ 8.2
15. Ford v Ferrari (2019) ⭐ 8.1
16. The Handmaiden (2016) ⭐ 8.1
17. A Silent Voice (2016) ⭐ 8.1
18. Portrait of a Lady on Fire (2019) ⭐ 8.1
19. Knives Out (2019) ⭐ 7.9
20. The Father (2020) ⭐ 8.2
21. Everything Everywhere All at Once (2022) ⭐ 7.7
22. Joker (2019) ⭐ 8.3
23. Get Out (2017) ⭐ 7.8
24. The Batman (2022) ⭐ 7.8
25. John Wick: Chapter 4 (2023) ⭐ 7.6
26. All Quiet on the Western Front (2022) ⭐ 7.8
27. Anatomy of a Fall (2023) ⭐ 7.7
28. The Holdovers (2023) ⭐ 7.9
29. The Whale (2022) ⭐ 7.7
30. Past Lives (2023) ⭐ 7.8
31. Sound of Metal (2019) ⭐ 7.7
32. Three Billboards Outside Ebbing, Missouri (2017) ⭐ 8.1
33. La La Land (2016) ⭐ 8.0
34. Arrival (2016) ⭐ 7.9
35. Moonlight (2016) ⭐ 7.4
36. Hell or High Water (2016) ⭐ 7.6
37. The Worst Person in the World (2021) ⭐ 7.7
38. Spider-Man: No Way Home (2021) ⭐ 8.2
39. Guardians of the Galaxy Vol. 3 (2023) ⭐ 7.9
40. Logan (2017) ⭐ 8.1
41. Hereditary (2018) ⭐ 7.3
42. A Quiet Place (2018) ⭐ 7.5
43. Mission: Impossible – Fallout (2018) ⭐ 7.7
44. The Irishman (2019) ⭐ 7.8
45. Once Upon a Time in Hollywood (2019) ⭐ 7.6
46. Jojo Rabbit (2019) ⭐ 7.9
47. The Revenant (2015) ⭐️ 7.8
48. Soul (2020) ⭐ 8.0
49. CODA (2021) ⭐ 8.0
50. Godzilla Minus One (2023) ⭐ 7.7
आरक्षित वकील साहेब, पहले 15% SC में 'जितनी आबादी, उतना हक' तो दिलवा दो! 'दलित' कौन सी एक जाति है? दलितों में मुसहर, डोम, भुइयाँ, मातंग जैसी अनेक जातियों को क्या आपने सामाजिक न्याय दिलवाया?
दलित कोई जाति नहीं, एक जाति समूह है। रावण कोई 'दलित नेता' नहीं, जाटव नेता है जो चाहता नहीं कि बाल्मीकि और मुसहर समाज को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार मिले!
उपवर्गीकरण पर बिलबिला काहे रहे हो?
अबे भोंसड़ी के, जर्बदस्ती के पिछड़े बने घूमते रहते हो, बातें करते हो बहुजनों की, खुद हैं लठैतवाद, सबसे ज्यादा शोषण SC/ST का करते तुम लोग ही। बहुजनों की बातें कर कर के खुद की राजनीति चमकाते हो, छद्म बुद्धिजीविता के उत्कृष्ट उदाहरण हो। @DrLaxman_Yadav
“आरक्षण सिर्फ़ 10 साल के लिए था।”
“आरक्षण योग्यता का हनन करता है।”
“एक ही परिवार को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आरक्षण मिल रहा है।”
आरक्षण के ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा दोहराए जाने वाले तर्क यही हैं। विडंबना यह है कि इन्हें दोहराने वाले बहुत से लोगों को आरक्षण के संवैधानिक आधार, उसके उद्देश्य और उसकी वास्तविक स्थिति के बुनियादी तथ्य तक नहीं मालूम।
जिस देश में बहुसंख्यक आबादी को सामाजिक न्याय और आरक्षण के बारे में व्यवस्थित रूप से शिक्षित ही नहीं किया गया, वहाँ वर्चस्वशाली मानसिकता कभी सीधे आरक्षण का विरोध करती है और कभी ‘सुधार’ और ‘रिफॉर्म’ की आड़ में उसके मूल उद्देश्य को ही कमज़ोर करने की कोशिश करती है। टीवी की बहसों में बैठे अधिकांश लोग या तो इन बुनियादी तथ्यों से वाक़िफ़ नहीं होते, या फिर अपने सामाजिक पूर्वाग्रहों से बाहर निकलना नहीं चाहते।
लेकिन अब समय बदल रहा है। सामाजिक न्याय, समाजवाद और संविधान के ख़िलाफ़ होने वाली ऐसी कोशिशों को OBC-SC-ST समाज पहले से कहीं बेहतर समझ रहा है, पहचान रहा है और उनका जवाब भी दे रहा है।
जाति जनगणना की माँग वर्षों के संघर्ष के बाद स्वीकार हुई, लेकिन अब उसकी प्रक्रिया को लेकर ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं कि कहीं उसे ही औचित्यहीन बनाने की कोशिश तो नहीं हो रही। दूसरी तरफ़ आरक्षण को लेकर दशकों बाद भी सवाल यही है कि क्या उसका ईमानदारी और संवैधानिक भावना के अनुरूप पूरा क्रियान्वयन हुआ भी है? प्रतिनिधित्व का वास्तविक डेटा सामने आए बिना ‘आरक्षण सुधार’ की बहस आखिर किस आधार पर होगी?
दिलचस्प यह भी है कि कई बार टीवी की शोरभरी बहसों से कहीं अधिक तथ्यपूर्ण और सार्थक चर्चा सोशल मीडिया पर दिखाई देती है। फिर भी हर मंच पर अपनी बात रखनी होगी—तथ्यों, तर्कों और संविधान के साथ।
आप भी देखिए, सुनिए और विचार कीजिए। क्योंकि आने वाले दिनों में बहस केवल आरक्षण की नहीं होगी; असली सवाल प्रतिनिधित्व, हिस्सेदारी और सामाजिक न्याय की दिशा का होगा।
देखना है कि आरक्षण वाला यह विवाद अब किस करवट बदलता है।
@HansrajMeena@JPNadda सब से ज्यादा इसी की चोक ले रही है, ये अच्छे से जानता है, वर्गीकरण होगा, तो मीना को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, अनुसूचित जनजातियों में सबसे ज्यादा मीना समुदाय ही आरक्षण ले रहा है, लगभग 70% से 80% ये लोग लाभ लेते हैं। इसलिए तकलीफ भी इन्ही को सबसे ज्यादा है।
@priyanshu__63 ASP will get BIG ZERO in 2027 UP legislative assembly election, mark my words, ASP has no future at all, even 2029 Chandrashekhar himself will not win LS election, Winning 2024 Lokshabha election was just a fluke for him.
@masijeevi इस चूतिये को पहले मैं अच्छा मानता था, लेकिन सवर्णो के लिए इसके अन्दर जो जहर है, उससे सब भलीभांति परिचित हो गए हैं, शिक्षक के नाम पर कलंक है।
@nairnrc@worshipVK That's exactly why she ended up in that college. Had she gotten into an IIT, she wouldn't have taken admission there. She missed out because of the reservation system, while others with lower scores got in....
मैं उस लड़की और मेरे बीच बीत रहे सारे लम्हों को पकड़कर कहीं छुपा देना चाहता था। दुनिया से मुझे बेहद खौफ है। हर बीतते लम्हें के साथ मुझे ये उदासी आ घेरती कि ये लम्हा फिर कभी नहीं आएगा। इसका जाना भी तय है। वक्त आदमी को उसकी हैसियत याद दिलाने के लिए...