अरब की नजर मे तालिबान काफिर है.तालिबान की नजर मे अफगाणी काफिर है.अफगाणी की नजर मे पाकिस्तानी काफिर है.पाकिस्तान की नजर मे भारतीय काफिर है.भारतीय की नजर मे हिंदू काफिर है.हिंदू की नजर मे भाईचारे का कीडा है.यही राष्ट्र की पीडा है
#UPVaccinates6Cr
अब एक समाचार 'सूत्रों' के नहीं, 'उच्च पदस्थ सूत्रों' के हिसाब से फैलाया जा रहा है कि सरकार UGC रोलबैक नवंबर के मध्य में करेगी। यह कोई समाचार नहीं है, यह वही धूर्तता है जो इनके प्रवक्ताओं के मुँह में माइक देने पर ये कहते हैं कि 'विषय कोर्ट में है'।
ध्यान रहे हमारी तीन माँगें हैं:
1. UGC रोलबैक
2. मोदी एक्ट में समुचित संशोधन
3. वर्तमान आरक्षण में समीक्षा
कोई एक माँग से कुछ नहीं होने वाला। संघर्ष चलता रहेगा। 5 महीना लगे, 2 साल लगे, 10 साल लगे।
नया कीवर्ड राजनैतिक बाजार में आया है: ओबीसी एट्रोसिटी एक्ट आ जाएगा। सपा-कॉन्ग्रेस कह रही है कि ले आएँगे सत्ता में आते ही, भाजपा कह रही है कि ये लोग ले ही आएँगे इसीलिए कमल को वोट दो। चटुआ सेल भी कह रहा है कि हाँ ब्रो, अब क्या करोगे GC वालों!
सत्य यह है कि तीनों ही पार्टियाँ ओबीसी को ही लुभाने के लिए कार्य कर रही है। जो काम कॉन्ग्रेस-सपा भविष्य में करने को बोल रही है, वह भाजपा ने 14/01/26 को यूजीसी के माध्यम से कर दिया है।
कुछ दिन पहले जाट-गुर्जर के नाम पर कह रहे थे कि वो लोग जंतर मंतर पर आ जाएँगे तो तुम लोग कहाँ जाओगे GC वालों। इन लोगों मे जाट-गुर्जरों को गुंडा मान लिया है, जबकि सत्य यह है कि ये लोग खेल, शिक्षा, कृषि जैसे हर क्षेत्र में उतने ही अच्छे हैं जितने अन्य जातियों के लोग। अतः इनके नाम पर डराना बंद करो।
सवर्णों को डरा कर ओबीसी-एससी की राजनीति अब नहीं चलेगी। उसका पटाक्षेप हो चुका है। सब ज्ञानी हैं, खाली तुम्हीं समझदार नहीं हो।
Dr Doolla is an acclaimed professor of Energy Sciences at IIT Bombay. An MTech and a PhD from IIT, he has received excellence in teaching award twice. He recently caught a student cheating. The student committed suicide.
Dr Doolla has now been charged under the SC/ST Act.
बेटा चीटिंग करते पकड़ा गया, शिक्षक ने समझाया कि मत करो, सस्पेंड हो सकते हो। लज्जा से आत्महत्या कर ली। बाप की चिंता यह है कि मोदी एक्ट लगवा कर तुरंत कंपनसेशन मिल जाए।
मोदी जी की सबसे सफल स्टार्ट-अप योजना मोदी एक्ट ही है। किसी को बेटी ब्याहनी है, दो सवर्णों पर मोदी एक्ट लगवाओ, फिर उन्हें कहो कि २ लाख दो तो वो पीछे ले लेंगे केस, सरकार भी पैसा देगी। कोई किडनी की पथरी का इलाज करवा रहा है।
ऐसे में मोदी जी कैसे हटा देंगे यार! IIT के प्रोफेसर का क्या है, कोई और आ जाएगा।
अलीगढ़ में एक साथ 13 सवर्णों के ऊपर मोदी एक्ट लगा दिया गया जन्म दिन पर इससे बड़ा उपहार सवर्णों को और क्या चाहिए ??
इनका अपराध इतना था की इन्होंने यूजीसी एक्ट , एससी एसटी एक्ट और आरक्षण में सुधार के लिए आंदोलन कर दिया था ।
ये सवर्ण समाज की अंतिम लड़ाई है यदि आप एक साथ एक जूट नहीं हुवे तो फिर खत्म हो जाएँगे ।
अधिकतर जैन मुनि आरक्षण सुधार , एससी एसटी और यूजीसी रोल बैक आंदोलन के समर्थन में बोल रहे हैं और हिंदू साधु मोदी दिवस पर दिया जला रहे हैं ।।
@ajeetbharti
मंडल से ले कर भागवत तक को यह क्यों लगता है कि ये लोग ‘कानून’ शब्द पर हमें नचा लेंगे! हमें पता है कि वह कोई कानून नहीं था, नियमावली थी जो कि हर कॉलेज कैम्पस में लागू होने वाली थी। वो तो तुम्हें लगता है कि हमें लगता है कि कोई कानून बन गया था।
यह कोई बड़ा बयान नहीं है। दो कौड़ी का बयान है डायवर्जन के लिए।
घणी-घणी बधाइयां राजस्थान!
राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत मोदी जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के सुशासन और विकास कार्यों पर जनता की मुहर है।
इस प्रचंड विजय के लिए मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी, प्रदेश अध्यक्ष श्री @madanrrathore जी तथा @BJP4Rajasthan के सभी परिश्रमी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई।
कांग्रेस के कुशासन व भ्रष्टाचार से प्रदेश को मुक्त कर भाजपा सरकार हर क्षेत्र में विकास को नई गति दे रही है। प्रदेशवासियों का यह आशीर्वाद राजस्थान को विकसित बनाने के संकल्प को और मजबूत करेगा।
‘हिन्दुत्व एकता’ को यूजीसी, मोदी एक्ट और सतत अम्बेडकर-फुलेकरण से छिन्न-भिन्न करने वाली पार्टी भाजपा के दलाल तो ‘सवर्ण एकता’ पर ज्ञान न दें।
सवर्ण एकता क्या है, हम उस घर बैठे दिखा देंगे। तुम्हें लग रहा है कि हमारा लक्ष्य यूपी चुनाव मात्र है। नहीं ब्रो, हमारा लक्ष्य भारतीय राजनीति को ही शीर्षासन कराने का है। हम इसे मार्च तक का उद्यम नहीं मान रहे।
यह एक मीडियम टर्म प्रोजेक्ट है जो हम तुम्हें बता कर कर रहे हैं। अभी तुम्हें, तुम्हारे जातिगत घृणा के बीज का परिणाम हर सप्ताह देखने को मिलता रहेगा। हम बस जगे देर से हैं, पर अब जग गए हैं।
भीड़ देखनी है, दिखा चुके हैं, आगे भी दिखा देंगे, जब हमारी इच्छा होगी। हम न तो सेंट्रल डेटा देंगे, न कोई ग्रुप बनाएँगे, न कोई कॉल लिस्ट होगी, बस बैठे-बैठे तुम्हारे नैरेटिव का गुदाभंजन करते रहेंगे और अपनी बात पहुँचाते रहेंगे।
सब ओपन सोर्स है। माँगें सार्वजनिक हैं। चूतिया हम बनेंगे नहीं। 2018 में और 24-25 में बन चुके हैं।
‘हिन्दुत्व एकता’ को यूजीसी, मोदी एक्ट और सतत अम्बेडकर-फुलेकरण से छिन्न-भिन्न करने वाली पार्टी भाजपा के दलाल तो ‘सवर्ण एकता’ पर ज्ञान न दें।
सवर्ण एकता क्या है, हम उस घर बैठे दिखा देंगे। तुम्हें लग रहा है कि हमारा लक्ष्य यूपी चुनाव मात्र है। नहीं ब्रो, हमारा लक्ष्य भारतीय राजनीति को ही शीर्षासन कराने का है। हम इसे मार्च तक का उद्यम नहीं मान रहे।
यह एक मीडियम टर्म प्रोजेक्ट है जो हम तुम्हें बता कर कर रहे हैं। अभी तुम्हें, तुम्हारे जातिगत घृणा के बीज का परिणाम हर सप्ताह देखने को मिलता रहेगा। हम बस जगे देर से हैं, पर अब जग गए हैं।
भीड़ देखनी है, दिखा चुके हैं, आगे भी दिखा देंगे, जब हमारी इच्छा होगी। हम न तो सेंट्रल डेटा देंगे, न कोई ग्रुप बनाएँगे, न कोई कॉल लिस्ट होगी, बस बैठे-बैठे तुम्हारे नैरेटिव का गुदाभंजन करते रहेंगे और अपनी बात पहुँचाते रहेंगे।
सब ओपन सोर्स है। माँगें सार्वजनिक हैं। चूतिया हम बनेंगे नहीं। 2018 में और 24-25 में बन चुके हैं।
कोई हारने के बाद भी अपनी पीठ थपथपाये उसे भाजपा कहते हैं , पहली बार निर्दलीयों का दबदबा दिखा यही सवर्ण समाज की ताक़त है , सभी दलों में दलदल है सबसे अच्छा निर्दल है ।
IT सेलिए कितने मूर्ख हैं कि राजस्थान के निकाय चुनावों को अपनी जीत बता रहे हैं। ये है तुम्हारी राजनीतिक समझ? जोधपुर, अजमेर से लेकर पूरे राज्य में निर्दलीय का परफ़ॉर्मेंस देख लो।
इतना ही कहूँगा। और यूपी के लिए तैयार रहो।
क्या @samrat4bjp कुशवाहा जी, अपना भाई है तो ये हगता रहेगा और आपकी @bihar_police देखती रहेगी? ऐसे ही बिनोद साहनी गोंडा में ब्राह्मणों और राजपूतों को रोज गरियाता था, कल उसकी हत्या कर दी गई।
इस जातिवादी उन्माद को रोकिए। बिहार फिर से नब्बे के दशक में पहुँचता दिख रहा है।