Census 2027 must count every caste—not leave caste identity to an open column.
We strongly support a scientifically accurate and comprehensive caste enumeration. Every caste must have a distinct and unique caste code/dropdown option to ensure reliable caste-wise data.
An open-ended column risks inconsistent entries, duplication, undercounting and the invisibility of communities—undermining the very purpose of caste enumeration.
No proper data, no proper justice.
We demand that the Government of India and Census authorities rectify the methodology and ensure codes for ALL castes in Census 2027.
#Census2027 #CodesForAllCastes #CountOBCs #CasteCensusForSocialJustice #SocialJustice #AIOBCSA
National Convention on "Injustice Happening to OBCs in Census 2027: Need for Codes for all Castes" at Telangana Bhavan, New Delhi. @DrJaihind , Thiru. @PWilsonDMK, Prof. @_YogendraYadav, @VSrinivasGoud, Shri. Chireenjuvulu, Prof. @suraj_yadav2005, Prof. @ratanlal72, @gowdkiran, Balgoud ji, and others have attended the meeting. The Convention passes a resolution to demand the Modi Government to Halt the Census till all Castes are enumerated with proper codes.
Manuvadi bureaucrats and politicians are creating hurdles in the implementation of Supreme Court judgments that favour the rights and interests of OBCs.
PM Modi is just claiming OBC status for votes but not doing anything for OBCs.
@narendramodi@PMOIndia@DoPTGoI@DrJitendraSingh
कॉलेजियम की मीटिंग हुई,
4 जजों की नियुक्ति की बात हुई।
10 प्रतिशत की आबादी से 4 जजों की नियुक्ति हो गई लेकिन इन्हें 90 फ़ीसदी की आबादी से एक भी योग्य व्यक्ति नहीं मिला।
जब न्यायपालिका के चुनाव में ही अन्याय है तब इस देश की 100 करोड़ से अधिक आबादी को कहाँ से उचित न्याय मिलेगा!
राजस्थान मेडिकल सर्विसेज़ का रिज़ल्ट 28 जुलाई को आया।
हंसराज मीणा (ST) – 68 मार्क्स (फेल) ❌
शुभम शुक्ला (EWS अपर कास्ट) – 58 मार्क्स (पास) ✅
अब मुझे बताओ:
क्या 69 मार्क्स वाला ट्राइबल डॉक्टर बेहतर इलाज करेगा,
या 58 मार्क्स वाला अपर-कास्ट डॉक्टर जो कोटे से आया है?
यह सवाल उन लोगों के लिए है जो रिज़र्वेशन हटाने की मांग करते हैं।
RSS द्वारा देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर क़ब्ज़े की कहानी : भाग 2
आजकल शिक्षा जगत पर RSS के बढ़ते प्रभाव और विश्वविद्यालयों के भगवाकरण को लेकर देशभर में गंभीर चर्चा चल रही है। ऐसे समय में मैं आपके लिए कुछ ऐसे सबूत साझा करने की यह श्रृंखला लेकर आया हूँ, जिन्हें हमने पिछले कई वर्षों से लगातार आपके सामने रखा था, ताकि समय रहते आपको आगाह किया जा सके। आज वही सवाल राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुके हैं।
यह वीडियो भी कुछ महीने पुराना है, जिसे मैंने अपने सोशल मीडिया संग्रहालय से आपके लिए निकाला है। इस वीडियो को स्वतंत्र पत्रकार @harshdelhise ने बनाया था। आज इसे दोबारा साझा करने का उद्देश्य केवल इतना है कि लोग देखें—जो बातें तब कही जा रही थीं, वे आज किस तरह वास्तविकता के रूप में हमारे सामने खड़ी हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में "युवा कुंभ" जैसे आयोजनों के नाम पर RSS से जुड़े कार्यक्रम खुलेआम आयोजित किए जा रहे थे। कई जगह कॉलेज प्रशासन अलग-अलग नामों से अनुमति देकर इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनता दिखाई दिया। ऐसे आयोजनों को लेकर छात्र संगठनों और शिक्षकों के एक वर्ग ने विश्वविद्यालय की संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठाए और विरोध भी दर्ज कराया।
विश्वविद्यालय विचार, बहस, शोध और आलोचनात्मक चिंतन के केंद्र होने चाहिए। लेकिन जब सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग किसी एक वैचारिक एजेंडे के प्रचार के लिए होने लगे, तो यह केवल एक कार्यक्रम का सवाल नहीं रह जाता, बल्कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक चरित्र का प्रश्न बन जाता है।
छात्र विरोध में उतर चुके हैं, जनता सवाल पूछ रही है और कैंपस का माहौल बिगाड़ने की यह कोशिश अब सबके सामने है। सरकारी संस्थानों को किसी भी वैचारिक या राजनीतिक प्रभाव का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति पर गंभीर बहस और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।
यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। दस्तावेज़ों, वीडियो और तथ्यों के साथ हम उन घटनाओं को सामने लाते रहेंगे, जिन्हें उस समय नज़रअंदाज़ किया गया, लेकिन जिनके परिणाम आज पूरे देश के सामने दिखाई दे रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ गाजीपुर दौरे पर है जिसके लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है।
> सरकारी स्कूल बंद है क्योंकि अध्यापकों को रैली में बुलाया गया है।
> शिक्षामित्र आँगनबाड़ी बीसी सखियों को बुलाया गया है।
> हर प्रधान को दो बस भरकर भीड़ लाने का जिम्मा मिला है।
> प्राइवेट स्कूल बंद है क्योंकि उनकी बसों को लगाया गया है।
> जो कर्मचारी नहीं आएगा उसका 1 महीने का वेतन काट लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री पद के दावेदार नेता के लिए सरकारी भीड़ जुटाई जा रही है जबकि ऐसे नेता के लिए तो स्वयंसेवी भीड़ आनी चाहिए थी।🫣
देश में आरक्षण हटाओ की बात चल रही है।
चलो अब आरक्षण की सच्चाई को जानते है।
कल राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर ने कॉलेज प्रोफेसर गणित का परिणाम जारी किया।
दलित 101 नंबर लाकर फेल हो गया।
आदिवासी 86 नंबर पर फेल हो गया।
EWS वाला सवर्ण 82 नंबर लाकर गणित का प्रोफेसर बन रहा है।
Is this the mockery of the Constitution?
IIM Ahmedabad is a glaring example of institutional exclusion.
Out of 100 filled faculty positions, there is only 1 OBC Assistant Professor and 0 SC, 0 ST faculty members.
Where is social justice?
Where is accountability? @IIMAhmedabad@EduMinOfIndia
#SocialJustice #Reservations #IIMAhmedabad #OBC #SC #ST #ConstitutionOfIndia
India's democratic fabric is going to be under severe stress if reservation in Private sector is not urgently implemented. 80% SC/ST/OBCs are kept out of Private sector that controls India's 95% jobs.
IIT Kanpur has 257 Professors.
OBC: 3 | SC: 0 | ST: 0
Is this what “merit” looks like?
Instead of questioning this shocking lack of representation, Brahminical forces demand an end to reservations.
Reservations exist because exclusion exists.
Representation is justice. Equality cannot exist without inclusion. @EduMinOfIndia@PMOIndia
“मेरे बहनोई से क़मीज़ उतरवा ली, यह कहते हुए कि हमने ऐसी क़मीज़ नहीं पहनी। तुमने पहनना कब से शुरू कर दिया?”
सोचिए, जब हर दलित परिवार जातिवाद से तंग आकर आज के समय में गाँव छोड़ने को मजबूर हो जाए, उस वक़्त यह कहना कि “आरक्षण ख़त्म करो”, कैसी हैवानियत है।
जो आरक्षण-विरोधी है, वह संविधान विरोधी है।
सीधे-सीधे देश-विरोधी।
#WamanMeshram
सामाजिक क्रांति के प्रणेता राष्ट्रपिता महात्मा जोतिराव फुले जी के 199वीं जन्म जयंती के अवसर पर सभी बहुजनों को हार्दिक बधाई।
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
#BharatBandh4UGCAct
राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिराव जी की 199वीं जन्म जयंती ओर डो. बाबा साहब आम्बेडकर जी की 135वीं जन्म जयंती के अवसर पर चौथा जिला स्तरीय अत्यंत पिछड़ी अनुसूचित जाति जाग्रति मोर्चा का प्रबोधन कार्यकम दिनांक : 11 अप्रैल 2026 शनिवार को स्थान : डो. बाबा साहब आंबेडकर होल सेक्टर-12, गांधीनगर में सफलतापूर्वक सम्पन्न।