Offline रहता हुँ
तो सिर्फ दाल, रोटी, नौकरी एवं परिवार की ही चिंता रहती है
Online होते ही
धर्म, समाज, राजनिती, देश, विश्व और ब्रम्हाण्ड की चिंताए होने लगती है #ashok_jhorar@Jii_JokeR
लफ्ज़ ही होते है ईंसान का आईना'
शक्ल का क्या वो तो उमर और हालात ते साथ अक्सर बदल जाती है #Aj_styles8#Love you #taapseepannu@taapsee https://t.co/mJtm6PD2AN