We never see honor killing by the family of a man for molesting or raping a woman... But women will be rejected for even walking out on an abusive husband
The family of the man molesting a child is blaming the girl for being out in the open 🤦🤦🤦🤦
No country for women
Indian trading communities are amongst the most dishonest people to have ever graced the human race. From spurious prasad to fake cancer drugs to selling out the country itself to invaders, no crime is big enough for this pious lot that makes capitalism look like social service!
आखिर कबतक Victim Card खेलकर जवाबदेही से बचोगे मोदीजी? युवाओं के सवालों का जवाब दीजिए, ऐसे ड्रामा करने से सिर्फ गोदी मीडिया को फर्क पड़ रहा है, Gen Z को नहीं! हर एक लोकतंत्र में मुख्य नेता के खिलाफ आंदोलन होते हैं.. आपके फ्रेंड डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी हुए हैं.. इसमें रोना कैसा?
Adult women don’t need your moral policing. They aren’t your daughters. Men abused you too, yet your boring asf lecture was reserved for women. Whenever women step outside your patriarchal, nationalist idea of how they should behave, you label it a “cultural crisis.”
देश के प्रधानमंत्री 24 घंटा Victim Card खेलते रहते हैं.. मुझे गाली दी, मां को गाली दी.. चुनावों में विपक्ष पर यह आरोप लगाते थे, अब बच्चों पर लगा रहे हैं..
रही बात लड़कियां कैसे भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं,
आपलोग बिल्किस बानो के बलात्कारियों को छोड़ देते हो, फूल माला पहनाते हो,
बलातकारी बाबाओं को पैरोल मिलता है,
आपके नेताओं पर Me Too के मामले लगते हैं,
आप किसी को जर्सी गाय, किसी को 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड कहते हो..
और आपको युवाओं के भाषा से परेशानी है..
चिंता करना है तो देश में जो नफरत आपने फैलाई है, उसकी चिंता कीजिए.. विक्टिम बनना बंद कीजिए मोदीजी!
Gen Z की भाषा में आप Chill कीजिए...
The Union Government of India used its entire ecosystem including police, media and social media followers to get 4 kids to post apology videos. A very impressive achievement.
मूल बात क्या है? मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।
आप अगर-मगर के सहारे इससे नहीं बच सकते। कुछ अच्छे लोग हमेशा हैं, रहेंगे।उन्हें निशाना मत बनाइये, हिंसा और हुड़दंग नहीं होनी चाहिए। तब भी गोदी मीडिया की सच्चाई नहीं बदल जाएगी। जनता को हर दिन जागना होगा। आज इस मीडिया पर आप गर्व नहीं कर सकते. इसके न्यूज़ रूम के लोग भी शर्म से सहमे रहते हैं। अभी भी ज़रूरत है कि देश की हर पंचायत में पोस्टर लगना चाहिए कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।हर पार्टी के दफ्तर के बाहर यह पोस्टर लगा होना चाहिए। एयर पोर्ट पर स्पेस ख़रीद कर यह नारा लिखा जाना चाहिए। लोगों को अपनी कार के पीछे लिखना चाहिए। इस गोदी मीडिया ने लोकतंत्र के हर कोने में सड़न पैदा कर दी है। इसके कारण कुर्सी पर बैठा हर शख़्स ख़ुद को ख़ुदा समझ बैठा है। सांसद तक लूटे जा रहे हैं। विपक्षी पार्टियाँ लूट ली जा रही हैं। वोट का अधिकार छीना गया है। इसी मीडिया के सामने। इसलिए मूल बात है कि गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है।