जश्न की रात है, ये भारत की हुंकार है!
भारत की पाकिस्तान के खिलाफ धमाकेदार जीत पर जम्मू कश्मीर में बड़ी संख्या में सड़कों पर लोगो ने जश्न मनाया।
370 हटने से पहले यह शायद संभव नहीं था।
जय हिन्द!
#INDvPAK#ICCCricketWorldCup23
It appears there's a famine in Pakistan. We humbly extend a hand to assist in this time of crisis... we will get you more flags!
In other news: India defeats Pakistan in cricket world cup.
अपने किसी विशिष्ट दायरे से निकल कर जीवन मे यात्रा करना और घूमना बेहद जरूरी है। पिछले कई दिनों से मैं हवाई, ट्रेन, बस, कार और रिक्शे से अलग-अलग राज्यों एवम शहरों का भृमण कर रहा हूँ। जगह-जगह भाषा, परिधान, भोजन में बदलाव मुझे बेहद रोमांचित करते है। हवाई यात्रा से लेकर रिक्शा यात्रा तक सभी मे अपनी विशिष्ट किरदार लिए लोगों को देखकर और बात करके बेहद मनोरम महसूस होता है। भारत दर्शन करने से एक चीज समझ आती है कि लोगों में सहजता, मृदुलता और सम्मान भाव यहाँ की संस्कार में ही है। सफर में बदलते मौसम, लोगों की बोलियां और उनके अनूठापन सबसे अद्भुत यही लगता है। मुसाफिरों की तरह अकेले घूमने से जीवन मे जो स्थिरता आ चुकी होती है उससे निजाद मिलता है। मुझे ऐसा लगता है साल में लोगों को अकेले कहीं यात्रा पर अवश्य निकलना चाहिए। विचार, मन और सोच में बेहतरीन बदलाव आते हैं। जीवन का एक रद्दी चक्र समाप्त हो जाता है और फिर पुनः हम अपने कार्य मे जब वापस आते हैं तो सबकुछ बेहतरीन ढंग से होता है। जीवन मे अवसाद, बेचैनी, दुःख, अकेलापन, तन्हाई, एकांत और नकारात्मकता से निजाद का एक उपाय यात्रा करना भी है। खास कर हम जैसे बिखरे और बेचैन लोगों के लिए सबसे जरूरी है। साल में कुछ पैसे बचा कर हम एक बेहतरीन अकेले यात्रा तो कर ही सकते है । मैदानों, पहाड़ो, धर्म स्थल और घाटियों में जीवन बिताने के बाद जब आप घर आते है तब लगता है घर सबसे सुंदर है। पर मानसिक पटल पर जो बदलाव आते हैं वह घर बिल्कुल नहीं दे सकता।
यात्रा करने से मन का तनाव और जबरदस्ती का ओवरथिनकिंग से छुटकारा मिलता है। सब कुछ खाली सा और मन कोरा कागज लगता है। लौट कर पुनः उन पर रंग भरने का अलग सुख है।
आज घर का खाना बेहद मिस कर रहा हूँ। ऐसा लग रहा है कहीं से माँ दाल, चावल और आलू का भुंजिया परोस दे और मस्त पेट भर खाऊं। बाहर का खाने खाने से मन भर जाता है। घर का खाना से बढ़कर कहीं का खाना नहीं। अलग-अलग जगहों पर के स्ट्रीट फूड क���वल स्वाद के लिए अच्छा है। मन मे जो स्वाद बैठ चुका है, उसे हटाना बेहद मुश्किल है।
ख़ैर, अनुभवों को बढ़ाते रहे और जीवन मे उतारते रहें। सीखना और उसे अपने जीवन मे उतारना ही जिंदगी है। सहज रहें और कोशिश करें लोग भी आपसे सहज रहें। प्रसन्न रहें और आसपास सकारात्मकता फैलाएं। अब चलता हूँ नए गंतव्य की ओर.......
लोग अपनी जरूरतों तक ही आपके इर्द-गिर्द और आपके मैसेज में होते हैं। सबकी अपनी ज़िंदगी है और अपने प्राथमिकताएँ हैं। किसी को आसानी से अपना मान लेना सदैव दुःख देता है। किसी को अपनी तकलीफें बांटते हुए सोचिएगा जरूर की कहीं ये मेरे दर्द का सौदा किसी स्वार्थ के लिए तो नहीं कर रहा..!!!