@DTDCIndia मेरा tracking NO। K 75952525 है जो 31 मार्च को डिलीवरी होना था लेकिन अभी तक कुछ भी स्टेटस नहीं दिखा रहा है ।
उस पार्सल की हमे तत्��ाल जरूरत थी।
अम्बानी शर्म करो, लूटना बन्द करो
राजधानी जयपुर में Jio 5G के नाम पर सिर्फ़ दिखावा हो रहा है।
जमीनी हकीकत ये है कि 4G भी ढंग से नहीं चलता।
कॉल ड्रॉप, स्लो इंटरनेट और बार-बार नेटवर्क गायब यही असली अनुभव है।
ग्राहक पैसे 5G के दे रहे हैं, लेकिन स्पीड 2G जैसी भी नहीं मिल रही है।
और सबसे दुख की बात ये ह�� कि कुछ लिख दे तो समाधान देने की बजाय “सिफारिश��� कॉल” शुरू हो जाते हैं।
जयपुर जैसे बड़े शहर में अगर ये हाल है तो छोटे शहरों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
Jio नेटवर्क कबाड़ा हो चुका है।
@reliancejio @JioCare
#JioNetwork #Jaipur #5GReality
प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार (प्राथमिक विद्यालय सुरहूरपुर, सिरकोनी, जौनपुर) परिवार सर्वे के दौरान एक घर पहुंचे।
उसी घर के व्यक्ति ने खुद गर्मी में प्यास लगने पर गिलास में पानी दिया, दिलीप कुमार ने पी लिया।
लेकिन जैसे ही जाति पता चली, वही 'पंडित जी' भड़क उठे: "तुमने हमारा गिलास कैसे छुआ? पानी पीने की हिम्मत कैसे हुई?"
खुद पानी पिलाया, फिर जाति जानकर अपमान!
ये घिनौनी मनुवादी सोच आज भी जिंदा है – शिक्षक को भी 'अछूत' समझते हैं ऐसे लोग।
ये पुराना वीडियो अब UGC के नए कानूनों के बीच फिर वायरल!
कैंसर बीमारी नहीं , सिस्टम की मार बन चुका है।
कैंसर ने सिर्फ मरीज नहीं तोड़े, पूरे परिवारों को बर्बादी के कगार पर ला दिया है। इलाज से पहले ही लोग दवाइयों के खर्च में टूट जाते हैं।
अब हकीकत सुनिए 👇
डॉ. अनुज के मुताबिक Paclitaxel जैसी जीवन रक्षक दवा , जिसकी कीमत रिटेलर को ₹600 पड़ती है , उसकी MRP ₹12,000 तय की जाती है!
एक मरीज को कई बार 20–30 वायल की जरूरत होती है। यानी इलाज नहीं, सीधा आर्थिक कत्ल।
और ये सिर्फ एक दवा की कहानी नहीं —> ज्यादातर कीमोथेरेपी दवाओं का यही हाल है।
200% मुनाफा भी समझ आता है, लेकिन 1900% मार्जिन? वो भी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी में?
अब सवाल सीधे सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से 🔥
दवाओं की कीमत पर कोई सख्त नियंत्रण क्यों नहीं?
NPPA और ड्रग कंट्रोलर क्या सिर्फ कागजों में हैं?
क्या गरीब का इलाज सिर्फ अमीरों के लिए छोड़ दिया गया है?
क्या मुनाफा इंसान की जान से बड़ा हो गया है?
इलाज से पहले दवा खरीदने में ही लोग मर जाएं — यही नीति है?
कैंसर से कम और “दवा माफिया” ��े ज्यादा लोग मर रहे हैं।
ये बीमारी का इलाज नहीं, मरीज की लूट है।
कब लगेगी इस पर लगाम? और जिम्मेदारी कौन लेगा?
Osimertinib (Tagrisso 80 mg) फेफड़ों के कैंसर (EGFR-positive NSCLC) की दवाई है। प्रति स्ट्रिप की कीमत ₹1,51,670 है।
लेकिन अगर किसी प्राइवेट हॉस्पिटल इलाज कराते है तो आपके लुभावने ऑफर देने के लिए इसी दाम में आपको 2–3 स्ट्रि�� पकड़ा देते हैं।
इतनी महंगी दवाओं के चलते गरीब मरीज इलाज शुरू होने से पहले ही हार मान जाते हैं।
अब असली सवाल सरकार और हेल्थ अथॉरिटीज से पूछे जाने चाहिए 👇
भारत में कैंसर दवाओं का MRP इतना आसमान छूता क्यों है?
प्राइवेट हॉस्पिटल मरीजों को ओवरप्राइस्ड स्ट्रिप्स क्यों बेचते हैं? इस पर कौन-सी जांच होती है?
क्या FSSAI/CDSCO या राज्य ड्रग कंट्रोलर ने कभी इन दवाओं की प्राइस ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की है?
��्या सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर मरीज को जेन्युइन MRP पर ही दवाई मिले?
PM-JAY/CGHS जैसी योजनाओं में ये दवाएं शामिल क्यों नहीं होती, जिससे हजारों मरीज बिना इलाज के मर जाते हैं?
मल्टीनेशनल कंपनियों को भारत में मनमाने दाम तय करने की छूट किस आधार पर दी जाती है?
क्या कैंसर दवाओं पर चिकित्सा माफिया–प्राइवेट हॉस्पिटल–डिस्ट्रिब्यूटर नेटवर्क की जांच कभी हुई?
कैंसर मरीज के लिए यह दवाई जीवन और मृत्यु का फासला तय करती है, लेकिन सिस्टम ने इसे अमीरों की दवा बनाकर छोड़ दिया है���
कैंसर एक ऐसी बीमारी ने जिसने करोड़ो घर तबाह किए हैं ।
सिर्फ मरीज ही नहीं बल्कि मरीज के परिवारों को ।
दवाइयों का खर्च वहन करते करते लोग टूट जाते हैं ।
और कैसे नहीं टूटेंगे अगर 600 रुपये की दवाई पर सरकार ने छूट दे रखी है 12000 रुपये MRP रखने की ।
जी हाँ ।
दवाई है Paclitaxel ।
रिटेलर खरीदते हैं 600 में और MRP है 12000.
एक मरीज को कई बार 20-30 vial की ज़रूरत पड़ती है ।
और ये कोई एक दवाई की बात नहीं ।
कीमोथेरेपी की ज़्यादातर दवाइयों का यही हाल है ।
200% मार्जिन भी समझ में आता है लेकिन 1900% margin??
वो कैंसर जैसी बीमारी में , जिसका इलाज वैसे भी काफ़ी लंबा चलता है??
ग़रीब तो मर ही जाएगा ना?
ये तो ठीक नहीं हैं ना साहब ?
@PMOIndia
@IndiaPostOffice@Officejmscindia@JM_Scindia@IndiaPostOffice आपके द्वारा 13 नवंबर को मैसेज किया गया कि मामले की जांच की जा रह�� है महोदय अभी तक 15 नवंबर हो गया कोई सूचना प्राप्त नहीं हुआ। उसे पोस्ट में हमारे जरूरी कागजात थे जिसका कुछ पता नहीं चल रहा है।
@IndiaPostOffice@Officejmscindia@JM_Scindia महोदय मैं स्पीड पोस्ट के द्वारा लेटर जम्मू के लिए पोस्ट किया था जो की 1 नवंबर से बनारस से भेजा गया है उसके बाद अभी तक कोई अपडेट नहीं है स्टेटस में डिस्पैच बनारसी दिख रहा है कंप्लेंट नंबर पर फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिल रहा है
@IndiaPostOffice@Officejmscindia@JM_Scindia उसमें हमारे जरूरी कागजात थे जो की 20 नवंबर तक पहुंचना जरूरी है महोदय इस पर तत्काल कार्रवाई करें ताकि हमारे कार्य में कोई भी बाधा ना हो।
Jio के खराब नेटवर्क के बारे मे जब से ट्विट किया है
कम्पनी वाले कॉल पर कॉल कर रहे है, और अंत मे आज पल्ला झाड लिया की नेटवर्क उपलब्ध नहीं करा सकते।
रिट्वीट करो और कमेंट्स मे अनुभव शेयर करो
#देश_का_लुटेरा_अम्बानी@reliancejio@JioCare