हिन्दुवादी संगठनों के कुंठित एवं सांप्रदायिक कोढ़ ग्रस्त आमिर खान द्वारा गौरी स्प्राट से शादी करने पर आग बबूला कर रहा है। इस गैंग का कहना है कि आमिर खान हिंदू महिलाओं की जिंदगी खराब कर रहा है। इन जोकर्स को यह भी मालूम नहीं कि गौरी स्प्राट ईसाई हैं।
"टैक्सी ड्राइवर हैं, नौकर थोड़ी हैं"
◆ गाड़ी में यात्री ने जालाया सिगरेट, कैब ड्राइवर ने उतारा, वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग $115 प्रति बैरल से घटकर $70 प्रति बैरल रह गई है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि भारत में पेट्रोल की कीमतों में उसी अनुपात में कमी क्यों नहीं दिख रही।
मई में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹102 प्रति लीटर थी और आज भी लगभग वहीं है, जबकि यह E-20 पेट्रोल है। यदि कच्चे तेल की कीमत कम हुई है, तो आम लोगों को इसका लाभ भी मिलना चाहिए।
आज के $70 प्रति बैरल और मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से कच्चे तेल की लागत लगभग ₹42 प्रति लीटर बैठती है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि पेट्रोल की कीमतें भी कम हों और उपभोक्ताओं को उचित राहत मिले। कई लोगों का मानना है कि कीमतें ₹82 प्रति लीटर या उससे कम होनी चाहिए और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए।
#ReducePetrolPriceToRs82
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों के 'कॉल डिटेल रिकॉर्ड' (सीडीआर) की जांच किए जाने की मांग करते हुए वीरवार को दावा किया कि इनमें से ''99.9 प्रतिशत'' लोगों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से संबंध पाए जाएंगे।
@yadavakhilesh
सुपौल जिले के जड़िया थाना क्षेत्र की बघेली पंचायत (वार्ड संख्या 11) निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद सलमान हाफिज रोज़गार की तलाश में करीब एक महीने पहले तमिलनाडु के तिरुपुर गए थे। वहां वह सिलाई का काम कर अपनी आजीविका चला रहे थे। शनिवार सुबह तिरुपुर के पार्क रोड स्थित निर्माणाधीन सुरंग पुल के समीप पानी से भरे एक गहरे गड्ढे से उनका शव बरामद हुआ। घटना की परिस्थितियां संदिग्ध बताई जा रही हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि सलमान की हत्या की गई है। उन्होंने बिहार सरकार और तमिलनाडु प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा न्याय दिलाने की मांग की है।
12 साल की बिटिया के साथ गैंगरेप करके उसकी हत्या की गई और पूरा प्रशासन हत्यारों को बचाता रहा क्योंकि उनके सत्ताधारी पार्टी से रिश्ते थे। इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में इस वक्त चारों तरफ इस बिटिया के परिवार की चीखें गूँज रही हैं। बेटी बचाओ - बेटी
अधिकारों के प्रति एकजुट होकर और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना आज पहले से कहीं अधिक ज़रूरी है।
मेरी अपील है कि इस मुद्दे को देश के बड़े बड़े मुस्लिम संगठनों और लीडरान गंभीरता से लें और वक्फ के प्रॉपर्टी को बचाने के लिए एक मुहीम की शुरुआत करें
मिलेगा। क्या इससे अल्पसंख्यक यानी मुसलमानों के फंडामेन्टल राईट को नहीं छिना जा रहा है? आने वाले दिनों में वक्फ बोर्डों की स्वतंत्रता और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ेगा? ये सवाल आज हर जागरूक मुसलमान के मन में हैं।
मैं समझता हूँ कि हमें इस गलत परम्परा का खुल कर
विरोध करना चाहिए। अगर सरकार ने ग़लत नियत से कोई क़ानून वक्फ पर बना भी लिया है तो क्या, संविधान ने हमें अपने धर्मिक संस्थाओँ के बनाने, रखने उसे संचालित करने और देखभाल करने का अधिकार दिया है। संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए। अपनी धार्मिक संस्थाओं और
धार्मिक विरासत से जुड़ा एक अहम इदारा है। इसलिए इसके बुन्यादी वजूद और मजहबी स्ट्रक्चर में बदलाव से मुस्लिम समाज में उसके वजूद को लेकर डर और भय का होना और इसका फ़िक्र लाज़मी है।
अगर आज इस तरह की अपॉइंटमेंट एक राज्य में हो रही हैं, तो कल यह दूसरे राज्यों में भी देखने को
उठ रहा है कि क्या यह एक सिर्फ मामूली प्रशासनिक बदलाव है, या फिर वक्फ बोर्ड की घार्मिक पाकिज़गी को प्रभावित और ख़तम करने की दिशा में एक नया नापाक कदम है ?
वक्फ केवल ज़मीन या इमारतों का मामला नहीं है। यह हमारी मस्जिदों, कब्रिस्तानों, मदरसों, इमामबड़ों, दरगाहों और हमारी
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हुए बदलाव ने पुरे मुस्लिम कौम को चिंता में डाल दिया है। वक्फ बिल 2025 बनने के बाद पहली बार वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति की गई है और एक सक्रिय बीजेपी नेता को अध्यक्ष बनाया गया है। मेरे जैसे बहुत से लोगों के मन में यह सवाल
"सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है, वे विरोध-प्रदर्शन नहीं कर सकते....."
◆ एक मामले की सुनवाई करते हुए बम्बई उच्च न्यायालय के जस्टिस माधव जामदार ने कहा
#JusticeMadhavJamdar | Bombay High Court | Justice Madhav Jamdar
जयपुर: राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल आमेर महल में होमगार्ड फ़ैज़ल ख़ान ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। ओडिशा से पर्यटक नित्यानंद साहू ने होमगार्ड फैज़ल खान का धन्यवाद जताया, बैग में ₹10,6000 लाख रू अन्य कीमती सामान और कागज रखें थे, होमगार्ड फैज़ल खान ने ईमानदारी दिखाते हुए कंट्रोल को सूचित कर, पर्यटक को ढूंढ कर पूरा कैश और कीमती सामान पर्यटक को सुरक्षित लौटाया।