मुझें मात्र 1000 लोग चाहिए जो इसट्वीट के नीचे #ArrestNaziaElahi लिख सकें।
इस ट्वीट में सीधा नरेंद्र मोदी @narendramodi को टैग कर रहा हूँ।
प्रधानमंत्री महोदय, मुहम्मद साहब का अपमान करने वाली नाजिया इलाही को आपको गिफ्तार करवाना ही होगा।
वरना इसबार आपको आपके अरब वाले दोस्त भी सवाल पूछेंगे क्यों धर्म के अपमान पर चुप रहते हो ?
Resposting, Share for expose ⚡
Hindu terrorist,,,
Beating a Muslim men on road,,, Indian so called government ( fascist ) saying minority safe in india,,, 🤮
@kapil_parod Delhi me mangal bazaar, som bazaar, budh bazaar, sani bazaar k naam se jagah jagha bazaar lagta hai jisme khule me ladies k undergarments bikte hai or woha se sabhi dharmo ki mahila purchase karti hai or to or sales person 100% purush hi hota hai.
उत्तर प्रदेश में 'कानून के राज' का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार के राज में क्या अब पुलिस को बिना किसी सबूत के किसी को भी उठाने और बेरहमी से पीटने का खुला लाइसेंस मिल गया है?
अलीगढ़ के इगलास थाना क्षेत्र के जावर गांव में करीब 10 मुस्लिम युवकों को बिना किसी वजह के हिरासत में लेकर बर्बरता से पीटना यह साफ दिखाता है कि सूबे में वर्दी का इकबाल सिर्फ कमजोरों और अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के लिए रह गया है।
सरकार जवाब दे कि क्या निर्दोषों पर खाकी का यह जुल्म ही उनकी नजर में सुशासन की नई परिभाषा है?
यूपी: संभल में जिस मस्जिद को अवैध बताकर ध्वस्त किया गया था, अब उसके जिम्मेदार का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि मस्जिद 100 वर्ष से अधिक पुरानी थी और उसे बिना कोई पूर्व नोटिस दिए तोड़ दिया गया।
उन्होंने मस्जिद में मिले 'I Love Muhammad' स्टिकर और इस्लामिक झंडे को लेकर भी दावा किया कि 'I Love Muhammad' वाले पोस्टर पुलिस ने स्वयं रखे थे, जबकि झंडा पहले से मस्जिद में मौजूद था।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इस्लामिक झंडा मस्जिद में नहीं होगा, तो फिर कहां होगा?
📍वाराणसी, उत्तर प्रदेश।
गंगा नदी के बीच नाव पर शराब पार्टी की तैयारी, चिकन पकाते हुए वीडियो वायरल
गंगा नदी के बीच नाव पर खुलेआम चूल्हे पर चिकन पक रहा है और साथ में शराब-बीयर की दर्जनों बोतलों के बीच पार्टी की तैयारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में मौजूद लोग एक-दूसरे को छेदी, बबलू, दीपक, मखनचू और प्रदीप जैसे नामों से पुकारते सुनाई दे रहे हैं।
वाराणसी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अब सवाल यही है—क्या इस मामले में भी वैसी ही तेज़ कार्रवाई होगी जैसी पहले उर्दू नाम नाम वाले मामलों में देखने को मिली थी, या फिर कानून की सख्ती नाम देखकर तय होगी? कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। @myogiadityanath@CPSGangwarBJP@Uppolice