दो दिन पहले मैंने एक चैनल पर कहा था कि जो लोग शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट में पत्थर चलाते दिख रहे हैं वह भाजपा के और सरकार के लोग हैं ।
कल रात का यह वीडियो देख लीजिए सब समझ आ जाएगा..
पैलेट गन जो जिंदगी भर के लिए अपाहिज या दृष्टिहीन बना सकती है, अस्पताल में भर्ती आंदोलनकारियों के घाव बयान कर रहे हैं कि दिल्ली में इसका इस्तेमाल हुआ है।
मोदी सरकार को दुश्मनों की ज़रूरत नहीं है, उनके मंत्री संत्री Gen Z को पर्याप्त मीम मटेरियल दिला रहे हैं।
जनता से पूरी तरह कटे हुए और अहंकार से भरे ऐसे मंत्री सरकार डुबोने के लिए काफ़ी हैं।
बिहार में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांग रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया!
इसी दौरान माँ के लिए दवा लेने आए इस युवक को दरभंगा पुलिस ने बेरहमी से पीटा!
ये कैसी गुंडागर्दी है??
सदन में प्रोटोकॉल होता है कि जब किसी का नाम लिया जाए, तो उसका रिस्पॉन्स दिया जाता है।
सदन में हमसे कहा गया कि चर्चा करनी है, लेकिन जब मैं उसका जवाब देना चाह रहा था, तो मुझे मौका नहीं दिया गया।
हमारी तीन मांग हैं-
⦿ भ्रष्ट शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो
⦿ छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो
⦿ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माफी मांगें
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, आगे कोई बात नहीं होगी।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
हैलमेट में अपना चेहरा छिपाए दिल्ली पुलिस का ये जवान एक लड़की के माथे पर वार कर रहा है . पुलिस वालों ने सारी सीमाएं तोड़ दी .
पुलिस की ये लाठियां सरकार को भारी पड़ेगी .
@CPDelhi@DCPNewDelhi@DelhiPolice वर्दी वाले इन अपराधियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी ?
24 जून 2024, धर्मेंद्र प्रधान जब लोकसभा में शपथ लेने आए तब नारा लगा था, नीट, नीट, शेम, शेम...अगर धर्मेंद्र प्रधान में तब भी जज़्बा होता तो पेपर लीक को जड़ से ख़त्म कर देते। दो साल बाद आज 24 जुलाई 2026 है। यह वीडियो इसलिए देखिए ताकि उन लोगों को आप जवाब दे सकें जो कह रहे हैं कि प्रधान के इस्तीफे से क्या होगा। क्योंकि प्रधान फेल रहे हैं। नीट की चोरी को लेकर विपक्ष ने ठीक एक साल एक महीना पहले याद दिला दिया था। कम से कम इन दो सालों में वे नहीं कर पाए। यह तो साबित होता है।
कई दिन हो गए, कोई विपक्षी दल नहीं तोड़ा गया है ताकि देश में दहशत पसर जाए कि अब क्या होगा, कोई बचेगा या नहीं। सरकार अगर युवाओं से संवाद करना चाहती है तो राघव चड्ढा को उनके बीच भेज दे, वे जेन ज़ी स्कूल ऑफ नायकत्व के प्रोडक्ट हैं। उन्हें मालूम होगा या उन 20 सांसदों की परेड करा दे जो जनता की नब्ज़ को सुपर फास्ट गति से समझते हुए तृणमूल छोड़ कर NCPI में शामिल हो गए। जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बनाया न अटल बिहारी वाजपेयी न संघ ने सुरेंद्र नाथ बनर्जी, मुलायम सिंह यादव या नीतीश कुमार ने। NCPI के संस्थापक का कम से कम एक इंटरव्यू तो छपना ही चाहिए कि अगर विपक्ष ने ज़ुबान बंद नहीं की तो 24 घंटे के भीतर राहुल गांधी और अखिलेश यादव को छोड़ कर उनसे सारे सांसद NCPI में होंगे।
यह मान लीजिए कि इस देश में दो चार कालेज यूनिवर्सिटी को छोड़ कर सब के सब इस तरह काम कर रहे हैं जैसे युवाओं को किसी लायक नहीं बनने देना है। किसी लायक बन जाएंगे तो वे धर्म की राजनीति को ठीक से समझ जाएंगे। विपक्ष से भी सवाल करने लग जाएंगे।
जंतर मंतर में महिलाओं के लिए बायो टॉयलेट किसने लगवाए? 6 घंटे में लगे चार वॉशरूम, साफ सफाई की भी पूरी व्यवस्था. देखिए विकास और उदित की ग्राउंड रिपोर्ट.
@vikasvermaindia
पिस्तौल निकालनेवाले ये भूल गये कि अगर उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती, तो ये पुलिस की नौकरी इनके हाथ न आती।
विश्वविद्यालय हमेशा आक्रांताओं ने तोड़े हैं, और कुछ नहीं कहना है।
#जौहर_यूनिवर्सिटी_रामपुर_उप्र
अगर प्रधानमंत्री मोदी बोलना चाहते हैं तो सदन में आकर बोलें, तभी हम उनकी बात को authentic समझेंगे।
उन्हें रात में 12 बजे बयान देने के बजाए दिन में संसद में आकर बोलना चाहिए।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge जी.