@thetribunechd@anshiimehra Good for the PUC centre owners. But will not have any impact on pollution as the most PUC certifications are fake only. Even if do not go to the centre they will generate for your vehicle.
मनोज पहले ब्राह्मण होने को छुपाते थे क्योंकि उन्हे लगा यह तो पैसे कमाने में आड़े आ जायेगा मुंतशिर लगाया क्योंकि बिना उर्दू उपनाम शायर गैंग में कैसे स्वीकार्यता मिलती हां अब ये सेकुलर हुया है
फिर इन्होंने देखा कि अब समय पलट गया है तो शुक्ला हो गए जो वक्ति समय के साथ बाप बदल ता है उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए
अटल जी जब संघ के प्रचारक थे तब नानाजी देशमुख विभाग प्रमुख थे।
एक बार नानाजी देशमुख जी ने देखा कि अटल जी के पैरों में चप्पल नहीं है तब नानाजी देशमुख ने उन्हें 2 रुपये चप्पल खरीदने के लिए दिया ।
2 महीने बाद एक कार्यक्रम में नानाजी देशमुख ने फिर से अटल जी को जब देखा कि उनके पैरों में चप्पल नहीं है तब उन्होंने अटल जी से पूछा कि अटल जी आपके पैरों में चप्पल क्यों नहीं ?
तब अटल जी ने हंसते हुए कहा वह तो पेट में चले गए क्योंकि पैरों की देखभाल से ज्यादा महत्वपूर्ण पेट की देखभाल है मैंने उन पैसों से खाना खा लिया क्योंकि मैं 2 दिनों से कुछ खाया नहीं था..
सोचिए वह कैसा कठिन दौर रहा होगा और संघ के जनसंघ के पुराने लोगों ने कितना त्याग और बलिदान देकर आज संघ और बीजेपी को इस मुकाम तक पहुंचाया है !!
कोटि कोटि नमन🙏
संघ शक्ति युगे युगे🚩
नींव के पत्थर थे वे लोग जिसपर आज मोदी सरकार खड़ी है। शत शत नमन🚩🙏
रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में मिलनेवाला कनसेशन हमेशा के लिए बंद कर दिया है। क्या इस देश की सरकार के पास देश के बुजुर्गों को देने के लिए 1500 करोड़ रुपए नहीं हैं?
रेलमंत्री @AshwiniVaishnaw जी, इस फैसले पर फिर से विचार कीजिए और बदलिए इसे।
And yes there was a time when the NRI uncle, on his visit to India, would say how great US was. Now NRI uncles like me visiting India say the exact opposite thing.
जिन्होंने आज़ादी के 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया, उनसे जवानों के सम्मान की उम्मीद नहीं की जा सकती।
युवा, सेना में भर्ती होने का जज़्बा, चौकीदार बन कर भाजपा कार्यालयों की रक्षा करने के लिए नहीं, देश की रक्षा के लिए रखते हैं।
प्रधानमंत्री की चुप्पी इस बेइज़्ज़ती पर मोहर है।
पिछले दिनों स्वयं को पहाड़ों के बीच मॉं गंगा के किनारे एक कुटिया में क़ैद कर रखा था। एक अलसाई दोपहर गंगा किनारे सैयद इब्राहीम पठान “रसखान” की पंक्तियाँ गा-गुनगुना रहा था तभी एक सहयोगी ने उसे रिकॉर्ड कर लिया।तो सुनिए मॉं गंगा का माहात्म्य,पठान “रसखान” के इन सरस शब्दों में...❤️
@nrvibhu@e__Batman Free flow is the reason, social media is so popular. Restriction will kill all the fun. And so less people will engage. Revenues will go down. There will be survival issues.